कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

रानी क्लियोपेट्रा कौन थी और उसके बारे में कुछ रहस्यमय पहलू ! Some mysterious aspects of Queen Cleopatra



दुनिया के सामने अब तक की सबसे अनसुलझी पहेलियों में से एक है मिस्र की रानी क्लियोपैट्रा। विश्व के अलग-अलग हिस्सों में आज तक ऐसे कई रहस्यमयी लोगों ने जन्म लिया जिनके बारे में प्रचलित कई रहस्यों को आज तक सुलझाया नहीं जा सका है। इन रहस्यों का जवाब किसी वैज्ञानिक के पास भी नहीं है। इनमें से किसी की मौत पर शंका बना हुआ है तो किसी की पहचान पर।
क्लियोपैट्रा अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में विख्यात थी। उसकी मौत महज 38 वर्ष की उम्र में हुई थी लेकिन क्लियोपैट्रा की मौत आज भी रहस्य बनी हुई है। उसकी मौत के पीछे लोगों के अलग-अलग तर्क हैं। किसी का कहना है कि एक्टिऊम की जंग में हारने के बाद वह इतनी टूट गई थी कि उसने खुद को सांप से डंसवा लिया जबकि कुछ लोगों का कहना है कि हार के बाद अगस्टस ने क्लियोपैट्रा की हत्या कर दी।
हालांकि, सच्चाई क्या है यह कोई नहीं जानता। कहा जाता है कि वह जितनी सुंदर और सैक्सी थी उससे कहीं ज्यादा वह चतुर, षड्यंत्रकारी और निर्दय भी थी। उसके कई पुरुषों से संबंध थे। वह राजाओं और सैन्य अधिकारियों को अपनी सुंदरता के मोहपाश में बांधकर उनको ठिकाने लगा देती थी। क्लियोपैट्रा को दुनिया की सबसे अमीर और सुंदर औरत माना जाता था।
वह तीन ताकतवर पुरुषों की प्रतियोगी थीं-जूलियस सीजर, मार्क एंथोनी और आक्टेवियन । जूलियस सीजर ने उसे मिस्र की रानी बनने में मदद की थी। अनेक कलाकारों ने क्लियोपैट्रा के रूप रंग और उसकी ख़ुमार पर कई चित्रकारी और मूर्तियां बनाई। साहित्य में वह इतनी लोकप्रिय हुईं कि अनेक भाषाओं के साहित्यकारों ने उन्हें अपनी कृतियों में नायिका बनाया।
अंग्रेजी साहित्य में 3 नाटककारों शेक्सपियर, ड्राइडन और बनार्ड शा ने अपने नाटकों में उनके व्यक्तित्व के कई पहलुओं का विस्तार किया। क्लियोपैट्रा पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं। क्लियोपैट्रा का संबंध भारत से भी था। वह भारत के गर्म मसाले, मलमल और मोती भरे जहाज सिकंदरिया के बंदरगाह में खरीद लिया करती थी।
कहते हैं कि क्लियोपैट्रा को 5 भाषाओं का ज्ञान था और वह एक चतुर नेता थी। यही कारण था कि वह बहुत जल्दी से किसी से भी जुड़कर उसके सारे राज जान लेती थी और इसी के चलते उसके सैंकड़ों पुरुषों से संबंध थे। अपने शासन और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए क्लियोपैट्रा ने हर अच्छा-बुरा पैंतरा आजमाया।

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