क्यों बनाई जाती हैं मां दुर्गा की मूर्ति वेश्‍यालय की मिट्टी से?

विनय गोस्वामी (Vinay Goswami),
जी हाँ, ये बात न केवल सत्य है बल्कि इसके पीछे बहुत ही गहराई पूर्ण उद्देश्य भी है। यों तो दुर्गा पूजा या दुर्गा उत्सव सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाने वाला त्योहार है लेकिन इसकी शुरआत पश्चिम बंगाल से हुई थी। यह त्योहार पश्चिम बंगाल का मुख्य त्योहार है जिसमे बड़े बड़े पंडाल सजाकर उनमे मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा की जाती है। कलकत्ता का एक खास इलाका पूजा की मूर्तियों के निर्माण और निर्माण करने वाले कारीगरों के लिये पूरे भारत मे प्रसिद्ध है। विधि विधान से मां दुर्गा की मूर्ति बनाने की जो परंपरा सदियों से चली आ रही है उसके अनुसार जिस मिट्टी से प्रतिमा तैयार की जाती है उस मिट्टी में थोड़ी मिट्टी पवित्र गंगा के किनारे से, थोड़ी सी मिट्टी वेश्याओं के आंगन से और कुछ गौमूत्र और गोबर, इन सब को मिलाया जाता है। इसमे जो बात अनजान लोगों को अचम्भित करती है वो ये हां की इतनी पवित्र मूर्तियों मे वेश्याओं के आंगन की मिट्टी भला क्यों मिलाई जाती है ? यों तो इसके पीछे कई किंवदंतिया मशहूर है जिनमे से एक यह भी है कि- एक दफा एक वेश्या ने मां दुर्गा की अनन्य भक्ति की …

Some amazing facts about time ! समय के बारे में अदभुत तथ्य

मूल लेखक
हो सकता है कि Deepesh Singh द्वारा दिया गया यह जवाब, Quora अंग्रेज़ी में का सटीक अनुवाद न हो: 
1. लगभग जितना पुराना ब्रह्माण्ड है|
z8_GND_5296 नाम की गैलेक्सी ब्रह्माण्ड में सबसे पुरानी वस्तु मानी गयी है इसकी आयु 13.1 अरब वर्ष मानी जाती है जो ब्रह्माण्ड की आयु से 70 करोड़ वर्ष कम है|
2. पृथ्वी पर समय वास्तव में धीमा हो रहा है|
सूर्य और चन्द्रमा से ज्वार-भाटा घर्षण(Tidal Friction) के कारण पृथ्वी की घूमने की गति धीरे धीरे कम(slows down) को रही है और एक सौर्य दिन(solar day) प्रत्येक सौ वर्ष में 1.7 मिली सेकंड लम्बा हो रहा है|
3. समय हमेशा से अस्तित्व में नहीं था|
सापेक्षता के सिद्धांत(theory of relativity) के अनुसार( suggests ) 13.7 अरब वर्ष पूर्व बिग-बैंग से पहले स्पेस और समय अस्तित्व में नहीं था और सारा द्रव्य(matter) एक छोटी सी गेंद में पैक था समय को स्पेस में गति से मापा जाता है इसलिए स्पेस की गति के बिना समय नहीं है|
4. शनिवार की रात में
17 वी शताब्दी के आर्माग के पादरी जेम्स अशर के अनुसार पृथ्वी की संरचना 22 अक्टूबर 4004 (इसा पूर्व) हुई थी अशर इस नतीजे पर बाइबिल में उल्लेखित परिवार के इतिहास को जोड़तोड़ कर पहुंचे थे|
5.हरचीज भूतकाल है|
प्रकाश को हम तक पहुँचने में समय लगता है, इसलिए जो भी हम देखते है वो वास्तव में भूतकाल होता है जब भी आप खिड़की में सूर्य का प्रकाश देखते है वो 8 मिनट और 20 सेकंड पुराना होता है पृथ्वी के सबसे नज़दीक तारे प्रोक्सिमा(Proxima) का प्रकाश 4 वर्ष पुराना होता है|
6. भावनाओ का विनियमन(regulation) समय के आभास को फैलाता है|
जब हम अपनी सहज या स्वाभाविक ज्ञान से लड़ रहे होते है तो समय धीरे धीरे गुजरता हुआ प्रतीत होता है|
7. यह बिलकुल सच है कि मौज-मस्ती में समय का पता ही नहीं चलता है|
वास्तव में यह बिलकुल उलट है जब कोई मनपसंद संगीत को सुनता है समय धीरे धीरे गुजरता हुआ प्रतीत होता है ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि हर कोई अपनी मनपसंद चीजों पर ज्यादा ध्यान देते है इससे समय की अनुभूति कम हो जाती है|
8. आसमान में समय तेज़ी से बीतता है|
गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र जितना ज्यादा घना होता है समय उतना ही धीरे से व्यतीत होता है इसका अर्थ है कि समुद्र तट का एक सेकंड उचाई पर(जैसे हवाई जहाज पर) के सेकंड से 1 नैनो सेकंड(1 सेकंड का दस करोड़वा हिस्सा) लम्बा होता है|
9. क्वांटम सिद्धांत(quantam theory) के अनुसार सबसे छोटा समय 0.0000000000000000000000000000000000000000001 सेकंड का अस्तित्व हो सकता है|
इसे प्लैंक समय( "Planck Time.") कहा जाता है|
10. डाइनोसोर्स को पूरा दिन काम करने के लिए 23 घंटे काम करना होता था|
14 करोड़ वर्षो के बाद पृथ्वी पर एक दिन 25 घंटो का होने की उम्मीद( expected) है|

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