कुछ बातें जो सबको पता होना चाइये भारत मे

औरते पीरियड्स के दौरान मंदिर मे पैर नहीं रख सकती।

लड़का अपने से कम कमाने वाली लड़की से ही शादी करता है।

घर के दो बच्चो मे से एक इंजीनियर या डॉक्टर तो बनेगा ही बनेगा।

कितनी भी अच्छी नौकरी क़र लो या खुश रह लो पर लोग तुम्हे सेटल शादी करने के बाद ही मानेंगे।

एक तरफ़ा रोड को भी दोनों तरफ देख क़र पार करना पड़ता है।

रोड पर आप किस नहीं क़र सकते पर सरे आम मूत जरूर सकते हो।

रिश्तेदार बस नाक मे दम करने के लिए ही होते है।

साल भर पोल्लुशण को ले क़र रो सकते है पर दिवाली पर सब जायज है।

मंगलवार और गुरुवार को नॉन वेज नहीं खाना है।

आई फोन वाले लोग अमीर ही होते है।


राकेश घनशाला (Rakesh Ghanshala)
राकेश घनशाला (Rakesh Ghanshala), प्रशिक्षक और सलाहकार (2005 से - अभी तक)

बकरियों की आंखों के बारे में जो बात अनोखी है, वह यह है कि इनकी पुतलियां आयताकार होती हैं।
ठीक इस तरह,
और ऐसे..
उनकी पुतलियों के क्षैतिज (होरिजेंटल) होने का कारण यह है कि क्योंकि वे शाकाहारी हैं, और शाकाहारी जानवरों को संभावित शिकारियों को फ़ौरन पहचानने की जरूरत होती है। ऐसे में उनकी होरिजेंटल पुतलियां और फैली हुई नजर यक़ीनन तौर पर इस काम में मददगार साबित होती हैं।
इस बात को एक साधारण लेंस वाले कैमरे और एक वाइड एंगल लेंस वाले कैमरे के उदाहरण से समझा जा सकता है।
आपको क्या लगता है, झाड़ियों दुबके हुए किसी बाघ को किस कैमरे से देख पाना ज्यादा आसान होगा?
बकरियां अपनी परिधीय दृष्टि पर काफी निर्भर रहती हैं। पुतलियों की आयताकार बनावट के कारण उनकी आँखों को अनोखी कहा जा सकता है।

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