कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

रूसी महिलाओं से जुड़ी रोचक और दिलचस्प जानकारी ! Interesting and interesting information related to Russian women



रूसी महिलाओं की सुंदरता रूस के राष्ट्रीय धन का एक हिस्सा है।
आइए हम रूसी महिलाओं के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्यों पर एक नज़र डालते हैं जो रूसी महिलाओं की घटना के रहस्य को जानने की कोशिश करते हैं।
1. रूस में, महिलाएं दस मिलियन पुरुषों की संख्या से अधिक हैं।
2 रूसी सेना में लगभग 50,000 महिलाएँ काम करती हैं।
3 रूसी महिलाओं का औसत कद 168 सेमी है और उनका औसत वजन 69 किलो है।
4. रूस में, विवाहित महिलाएं कभी भी ब्रा नहीं पहनती हैं। शादीशुदा महिलाएं अपने कपड़ों पर अलग-अलग हेयर स्टाइल, अलग-अलग टोपी, झुमके, स्कर्ट और अलग-अलग गहने पहनेंगी।
5. रूस में, तलाक के 95 प्रतिशत मामलों में बच्चा मां के साथ रहता है।
6. आधी से ज्यादा रूसी महिलायें अपने बालों को डाई करती हैं।
7. सोवियत संघ ने 1955 में गर्भपात को वैध कर दिया और गर्भपात की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। 1964 तक, गर्भपात का 5.46 मिलियन रिकॉर्ड संख्या तक पहुंच गया था।

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