हार्ट अटैक होने से पहले हमारे शरीर को ऐसे कौनसे संकेत मिलते हैं जिससे हम सावधान हो जाएं ! What are the signs heart attack

Anil Kumar Sharma,
हर्ट अटैक से मरने वाले अधिकतर लोगों को पहले से पता ही नहीं होता कि उन्हें दिल की बीमारी है, जबकि हर्ट अटैक से एक महीने पहले ही इसके लक्षण रोगी में दिखाई देने लगते हैं। अगर इन्हें समय रहते पता लिया गया तो रोगी का जान बचाई जा सकती है। आज हम आपको उन्हीं लक्षणों के बारे में बताने वाले हैं। थकान – अगर आप किसी भी तरह का वर्कआउट नहीं करते या फिर आपने कोई भी ऐसा काम नहीं किया जिसमें ज्यादा मेहनत लगी हो और ऐसे में भी आपको काफी थकान महसूस हो रही हो तो समझ लीजिए कि आपको हर्ट अटैक आ सकता है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सांस लेने में दिक्कत – अगर आपको सांस लेने में दिक्कत आ रही हो तो यह भी हार्ट अटैक की निशानी हो सकती हो सकती है। दरअसल दिल के ठीक से काम न करने पर फेफड़ों तक उतनी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता जितनी उसको जरूरत होती है। इस वजह से व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत आने लगती है। बाजुओं में दर्द होना – जब दिल को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती तो स्पाइन प्रभावित होने लगता है। इससे हार्ट, स्पाइन और बाजुओं से जुड़ी तंत्रिकाओं …

महिलाएं पुरुषों के किन अंगों को देखकर आकर्षित होती हैं ! Which parts of men are attracted by women?



बात महिलाओं की पसन्द की है तो बहुत सारे विकल्प होने ज़रूरी हो जाते हैं।
क्योंकि चुनने के लिए कम विकल्प होने से अधिकांश महिलाएँ तनाव में आ जाती हैं।
यह विकल्प, सौभाग्यवश, बहुतेरे और सशरीर मौजूद हैं।
अगर पुरुष के अंगों का ज़िक्र होगा तो उनका शरीर अपने आप आएगा।
सबसे पहले बात करते हैं पुरुष शरीर की।
मगर उस से पहले बात करनी पड़ेगी महिला की चाह की।
क्योंकि महिला की चाह पुरुष का विशेष अंग नहीं होता, बल्कि उनका अंग प्रत्यंग होता है।
और सिर्फ़ अंग प्रत्यंग ही नहीं, उसके साथ ना जाने कितने और रंग ज़रूरी हैं।
तो बात करते हैं पुरुषों के इन्हीं अंग-प्रत्यंग, रंग-ढंग की
महिलायें, पुरुष की उस चीज़ की तरफ़ सबसे ज़्यादा खिंचाव महसूस करती हैं, जिस चीज़ की वो ख़ुद में कमी पाती हैं।
वैसे यह सिद्धान्त हम सभी पर लागू होता है “हम उसी और खिंचे चले जाते हैं, जिस की हम ख़ुद के जीवन में कमी पाते हैं।”
चूँकि बात यहाँ महिलाओं की है तो हम उन्ही की बात करते हैं।
सबसे पहली कमी जो लगभग हर महिला को पुरुष की तुलना में खलती है।
वो है “क़द”
महिलाएँ ख़ुद से लम्बे पुरुषों की तरफ़ आकर्षित होती हैं, इस मे कोई दो राय नहीं है।
महिलायें अपने पसंदीदा पुरुष की कल्पना करती है तो ख़यालों में उन्हें ख़ुद से लम्बा पुरुष ही आता है।
पुरुषों का कदावर शरीर का मालिक होना, किसी भी महिला में प्रथम आकर्षण का कारण बनता है।
दूसरी कमी जो लगभग हर महिला को ख़ुद के बारे में सताती है कि उनका ख़ुद के शरीर को शेप में रख पाना।
तो जिन पुरुषों का शरीर फ़िट और शेप में होता है, महिलायें उनकी और आकर्षित होती हैं।
यहाँ यह ज़रूरी नहीं कि जिम वाला कसरती बदन ही महिलाओं की पसंद हो। यह बहुत पुरुषों को मुग़ालता होता है कि महिलायें जिम के डोले शोले वाले शरीर को वरीयता देती है।
नहीं!
एक पुरुष, महिला को उसके शरीर के प्रतिमान पर जज कर सकता है, पर महिला, पुरुषों को सिर्फ़ शरीर के आधार पर अपनी पसंद नहीं बनाती।
अपितु एक औसत बदन वाला पुरुष, जो ना मोटा हो, ना पतला, जो एक स्वस्थ शरीर का आभास देता हो, वो महिलाओं को जिम वाले बदन से ज़्यादा आकर्षित करता है।
इसकी एक वजह यह भी होती है कि औसत बदन वाले पुरुष, महिलाओं को स्वतः ही ज़्यादा विश्वास योग्य लगते हैं। महिलाएँ पुरुष के वफ़ादार होने को बहुत प्राथमिकता देती हैं।
एक अन्य चीज़ जो महिलाओं को पुरुष में आकर्षित करती है वो उनके बाल हैं।
यहाँ केश विन्यास की बात नहीं हो रही है, जिस पर पुरुष भी आजकल बहुत ज़्यादा ध्यान देते हैं।
यहाँ बात है बालों की सेहत की।
किसी पुरुष के अगर सिल्की स्मूथ बाल हों और उन में घनापन हो, तो वो पुरुष महिला को अलग से आकर्षित करने में सफल होता है।
क्योंकि महिलायें ख़ुद के बालों को उतनी ही अहमियत देती हैं, जितनी की इनके अलावा पूरे शरीर को।
महिलाओं का पूरा शरीर एक तरफ़ और उनके बाल एक तरफ़।
सेहतमंद बालों की तरफ़ इनका आकर्षण देखते ही बनता है, फिर चाहे वो एक पुरुष में हो या एक स्त्री में।
इसलिए पुरुष मित्रों को सलाह है कि आप केश विन्यास की जगह, केश का क़यास कीजिए। जैल और अन्य नुक़सान वाले केश प्रसाधनों की जगह, बालों की सेहत पर ध्यान दीजिए।
बालों की बात चली है तो पुरुषों की दाढ़ी मूँछ की भी बात करते हैं।
आजकल जो ट्रेंड चल रहा है कि पुरुष दाढ़ी मूँछ रखना पहले से ज़्यादा पसंद कर रहे हैं तो वो सही भी है।
अधिकांश महिलाएँ, दाढ़ी मूँछ वाले पुरुषों को ज़्यादा पसन्द करतीं हैं। शर्त यह है कि दाढ़ी क़रीने से बनी हुई हो। ज़्यादा लम्बी दाढ़ी महिलाओं को नापसन्द होती हैं।
हल्की फुलकी बड़ी हुई शेव हो पर सलीकेमंद हो, वो महिलाओं को ज़्यादा अपील करती है।
महिलायें पुरुषों में जो एक अन्य चीज़ पसन्द करती है वो है उनकी आवाज़
अगर किसी पुरुष की आवाज़ भारी हो तो वो उन्हें उतना ही ज़्यादा पुरुषोचित लगता है।
अगर पुरुष की आवाज़ भारी नहीं भी हो तो, बोलने का लहजा गम्भीर और स्पष्ट होना चाहिए।
स्त्री पुरुष दोनों में आवाज़ बहुत महत्वपूर्ण रोल अदा करती है। या यूँ भी कह सकते हैं सत्रीत्व और पुरुषत्व की पहचान ही आवाज़ है। स्त्री मतलब कोमल आवाज़, पुरुष मतलब भारी आवाज़।
अगर कभी नोटिस किया हो तो गायकों में अधिकांश महिलाओं को किशोर कुमार की आवाज़ ज़्यादा पसन्द आती है बनस्पित मोहम्मद रफ़ी के।
वजह यही है कि रफ़ी की आवाज़ कोमल है वहीं किशोर कुमार की आवाज़ रफ़ी से भारी और विविधतापूर्ण।
अब, पुरुषों के शरीर में एक अंग विशेष का ज़िक्र करूँगा वो है पुरुषों के कुल्हे (हिप या बट) का आकार।
अगर किसी पुरुष के हिप का आकार, औसत पुरुष से थोड़ा ज़्यादा होता है, तो वह महिला को अधिक आकर्षित करता है।
चूँकि कमर के नीचे, आगे पीछे का हिस्सा प्रजनन तंत्र से सम्बंध रखता है तो महिलाएँ, पुरुषों में भी इस हिस्से की तरफ़ प्राकृतिक आकर्षण महसूस करती हैं।
कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि पुरुष अगर एक भरे हुए बदन का स्वामी हो तो वो सहज आकर्षित करता है।
सामान्य शरीर वाली महिलाएँ पुरुष को ख़ुद से भारी और चौड़ा देखना पसन्द करती हैं। इसकी मुख्य वजह महिलाओं को उनके साथ सुरक्षित महसूस करना होना होता है।
यह तो बात हुई पुरूष की शारीरिक विशेषताओं की।
पुरुष के शरीर पर पहने जाने वाले कपड़े भी मुख्य रोल अदा करते हैं।
स्त्रीयों को हर बात में सलीक़ा पसन्द होता है। वो चाहे सलीकेमंद कपड़े हों या क़रीने से रखे बाल या फिर सलीकेमंद लहजा।
वैसे भी एक व्यवस्थित व्यक्तित्व सभी को आकर्षित करता है, चाहे वो स्त्री हो या पुरुष।
यहाँ यह भी बात बता देता हूँ कि महिलाएँ शारीरिक आकर्षण को एक हद तक ही तवज्जो देती हैं।
वह पुरुष स्वतः ही आकर्षक है जिसने आत्मविश्वास को अपने चेहरे पर ओढ़ा हुआ है।
वह पुरुष तो महिला को आकर्षित करते ही हैं जिनका सेन्स आॅफ ह्यूमर अच्छा हो या वो किसी क्षेत्र विशेष में ज्ञान या प्रतिभा रखते हैं।
एक ख़ास बात और बता देता हूँ, महिलाएँ पुरुषों से बराबरी नहीं चाहती हैं। उन्हें अच्छा लगता है कि पुरुष उनसे एक क़दम आगे रहें।
महिलायें पुरुषों में पूर्णता की चाहक नहीं होती। वो उनकी कमियों के साथ उनको प्यार करने को ज़्यादा वरीयता देती हैं।
वो मन से चाहती हैं कि पुरुषों द्वारा उन पर अधिकार जमाया जाए, बशर्ते वो अधिकार उनके सम्मान का हनन नहीं करता हो।
आप अधिकार जमाइए, पर प्यार और सम्मान पूरा दीजिए। महिलायें आपको ख़ुद से ऊँचा रखने के लिए तैयार हैं।
इति।

Comments