पहली बार जब घड़ी का आविष्कार हुआ , दुनिया की पहली घड़ी में समय कैसे मिलाया गया

कहते हैं की हाथ में पहनी हुई घड़ी न सिर्फ इन्सान को समय बताती है बल्कि इन्सान का समय भी बताती है। कंफ्यूज हो गये क्या? कभी आपने सोचा है कि घड़ी जो बिना रुके हर वक़्त चलती रहती है ; कहाँ बनी होगी? सबसे पहले घड़ी में टाइम कैसे सेट किया गया होगा? कहीं वो टाइम गलत तो नहीं ; वरना आज तक हम सब गलत समय जीते आ रहे हैं। इन्ही सब सवालों के साथ आज कुछ घड़ी अपनी घड़ी की बात करते हैं। कई सिद्धांतों पर बनती हैं घड़ियां जैसा की हम सब जानते हैं की घड़ी एक सिम्पल मशीन है जो पूरी तरह स्वचालित है और किसी न किसी तरह से वो हमे दिन का प्रहर बताती है। ये घड़ियाँ अलग अलग सिद्धांतों पर बनती हैं जैसे धूप घड़ी; यांत्रिक घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी। मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ा करते थे तो आपको याद होगा की इंग्लैंड के ऐल्फ्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि आविष्कृत की। उसने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की ओर समान दूरियों पर चिह्र अंकित कर दिए थे। प्रत्येक चिह्र तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चित समय व्यतीत होने का ज्ञान होता था। कैसे देखते थे समय बीते समय में प्राचीन …

भारतीय क्रिकेट टीम से संबंधित कुछ दिलचस्प तथ्य ! Some interesting facts about Indian cricket team



भारतीय क्रिकेट टीम से संबंधित दिलचस्प तथ्य।
सचिन तेंडुलकर भारत के लिए खेलने से पहले पाकिस्तान के लिए खेले थे। हो गए ना अचंभित। जी हां लेकिन ये सच है।
1987 में एक एग्जिबिशन मैच के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के एक सदस्य के कम होने पर सचिन को बैटिंग के लिए भेजा गया था।
शाहिद अफरीदी ने जो दुनिया का सबसे तेज शतक मारा था ना वो 37 गेंदों में 100 रन, वो शतक भी सचिन के बैट से ही लगा था।
सचिन का विकेट लेने के बाद ब्रेड होग्ग ने सचिन से एक ऑटोग्राफ उनके विकेट लेने वाले फोटो पर साइन करने के लिए बोला। सचिन ने ऑटोग्राफ साइन किया और लिखा कि "it will never happen again"। और दुबारा कभी नहीं आउट कर सके ब्रेड हॉग्ग सचिन को।
इफ्तिखार अली खान पटौदी, सैफ अली खान के दादा ऐसे एकमात्र भारतीय खिलाड़ी थे जिन्होंने भारत और इंग्लैंड दोनों के लिए खेला था।
भारतीय क्रिकेट टीम ही दुनिया की एक मात्र ऐसी टीम है जिसने सभी 60, 50 तथा 20 ओवरों वाले क्रिकेट में वर्ल्ड कप जीता है।
सौरभ गांगुली एक मात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वन डे में लगातार 4 मैन ऑफ द मैच ट्रॉफी जीती है।
मोहम्मद अहरूद्दीन एक मात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैच में लगातार 3 शतक लगाए हैं।
2011 भारतीय क्रिकेट टीम दुनिया कि पहली ऐसी टीम थी जिसने मेजबानी करते हुए वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की।
R G नाडकर्णी जिनको बापू के नाम से भी जाना जाता था। इन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ लगातार 21 मेडन ओवर डाले थे।
लाला अमरनाथ भारत के ऐसे पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने टेस्ट मैच में शतक लगाया था।
मंसूर अली खान पटौदी भारत के सबसे कम उम्र के कप्तान थे। जो 21 साल की उम्र में ही भारतीय क्रिकेट टीम का कमान संभाल लिए थे।
राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर अपनी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में केवल एक एक बार ही स्टंप हुए हैं और वो भी इंग्लैंड के एश्ले गिल के गेंद पर।
भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को दुनिया में सबसे ज्यादा रन बनाए जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। क्युकी अब तक के जो सबसे ज्यादा रन किसी बैटमैन द्वारा बनाया गया है तो वो हैं,
एलिस्टेयर कुक 294 रन
माइकल क्लार्क 329 रन
ब्रैंडन मैक्कुलम 302 रन
इन सभी बललेबाज़ों को उनके शुरुआती ओवरों को इशांत शर्मा ने है डाला था।
महेंद्र सिंह धोनी ने एशिया से बाहर एक भी शतक नहीं लगाए हैं। दुर्भाग्य है।
वीवीएस लक्ष्मण एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 100 टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन एक भी वर्ल्ड कप नहीं खेले।
भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा वन डे में बनाया गया सबसे कम स्कोर है : 54 रन श्रीलंका के खिलाफ।और टेस्ट मैच में 42 रन इंग्लैंड के खिलाफ।
धन्यवाद।

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