पहली बार जब घड़ी का आविष्कार हुआ , दुनिया की पहली घड़ी में समय कैसे मिलाया गया

कहते हैं की हाथ में पहनी हुई घड़ी न सिर्फ इन्सान को समय बताती है बल्कि इन्सान का समय भी बताती है। कंफ्यूज हो गये क्या? कभी आपने सोचा है कि घड़ी जो बिना रुके हर वक़्त चलती रहती है ; कहाँ बनी होगी? सबसे पहले घड़ी में टाइम कैसे सेट किया गया होगा? कहीं वो टाइम गलत तो नहीं ; वरना आज तक हम सब गलत समय जीते आ रहे हैं। इन्ही सब सवालों के साथ आज कुछ घड़ी अपनी घड़ी की बात करते हैं। कई सिद्धांतों पर बनती हैं घड़ियां जैसा की हम सब जानते हैं की घड़ी एक सिम्पल मशीन है जो पूरी तरह स्वचालित है और किसी न किसी तरह से वो हमे दिन का प्रहर बताती है। ये घड़ियाँ अलग अलग सिद्धांतों पर बनती हैं जैसे धूप घड़ी; यांत्रिक घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी। मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ा करते थे तो आपको याद होगा की इंग्लैंड के ऐल्फ्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि आविष्कृत की। उसने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की ओर समान दूरियों पर चिह्र अंकित कर दिए थे। प्रत्येक चिह्र तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चित समय व्यतीत होने का ज्ञान होता था। कैसे देखते थे समय बीते समय में प्राचीन …

How long is the woman satisfied with sex ! कितने देर सेक्स से महिला संतुष्ट हो जाती है



यहां पर मैं रियलिटी लिख रहा हूँ अगर आप इस सवाल का जवाब चाहते है तो पूरा उत्तर पढ़े-
सेक्स और टाइमिंग-
जहा बात सेक्स और टाइमिंग की करे, तब सेक्स का मतलब सिर्फ यह नही होता कि जितनी देर किया। सेक्स एक बहुत भावनात्मक और फीलिंग्स से भरी चीज होती है जिसमे पुरुष व महिला दोनों को बराबर का आनंद आता हैं। सेक्स के दौरान सिर्फ टाइम बढ़ाने पर ध्यान देने से ही महिला संतुष्ट नही होती। उसके लिए एक दूसरे के साथ भावनात्मक रूप से सुख देने भी जरूरी हैं।
टाइमिंग कितना जरूरी-
अगर बात करे सेक्स के टाइम की तो-अगर सिर्फ स्ट्रोक्स की बात करे तो एवरेज पुरुष का टाइम 2 से 5 मिनट होता है और इतनी देर स्ट्रोक्स से वह स्खलित हो जाएगा। लेकिन सेक्स में सिर्फ स्ट्रोक्स नही आते उसमे पूरी एक प्रोसेस रहती है जो किसी महिला को संतुष्ट करने के लिए जरूरी हैं। अगर सिर्फ स्ट्रोक्स के संतुष्टि मिलती तो खिलोने बहुत मिलते है बाजार में।
महिला के लिए टाइमिंग कितनी जरूरी-
मैं आपको कहता हूं कि टाइमिंग जरूरी है थोड़ी बहुत भी है तो चलेगी जरूरी नही की 10 मिनट स्ट्रोक देना जरूरी ही। महिला का स्खलित होना पुरुष से अलग हैं। पुरुष सिर्फ स्ट्रोक्स से स्खलित होता है महिला नही।
महिला को स्खलित करने की पूरी प्रोसेस होती है क्योंकि पुरुष का सेक्स शारीरिक और महिला का भावनात्मक ज्यादा हैं।
महिला का स्खलन और सेक्स टाइम-
  • सेक्स की प्रोसेस में सिर्फ स्ट्रोक्स पर ध्यान मत दे
  • लगभग एक घण्टे तक की प्रोसेस पर ध्यान दे
  • फोरप्ले जरूरी है लगभग 45 मिनट तो यही करे
  • फोरप्ले में क्या करे-??
  • महिला से बाते करे प्यार भरी
  • उससे खेले- उसके बाल, उसके अंगों से खेले प्यार से
  • चूमना सबसे जरूरी-
चुम्बन सबसे जरूरी हिस्सा है फोरप्ले का- होठ, गाल और महिला का प्रत्येक अंग को अच्छे से चूमें यही समय होता है जब ज्यादातर महिलाएं स्खलित हो जाती है और फिर आप आराम से यौन क्रिया शुरू करे
  • अगर इतनी बातो का ध्यान आप रखेंगे तो महिला पूरी संतुष्ट होगी और उसका रोम-रोम खिल उठेगा
सेक्स सिर्फ शारीरिक नही बल्कि भावनात्मक खेल है इसे ध्यान से खेले और पवित्र मानकर खेले आपकी महिला साथी जरूर खुश रहेगी।

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