सैटेलाइट फोन क्या है? क्यों यह बहुत महंगा है?

सैटेलाइट फोन….. 'सैटेलाइट फोन को सेटफोन के नाम से भी जाना जाता है,ये हमारे फोन्स की तुलना में अलग होते हैं। क्योंकि यह लैंडलाइन या सेल्युलर टावरों की बजाय सैटेलाइट (उपग्रहों ) से सिग्नल प्राप्त करते हैं'। ( चित्र सैटेलाइटफोन ) इनकी खास बात यह होती है कि इनके द्वारा किसी भी स्थान से काॅल किया जा सकता है। यह हर जगह उपयोगी साबित होते हैं चाहे आप सहारा मरुस्थल में ही क्यों न हों। कहा तो यह भी जाता है कि यह पानी के अंदर भी आसानी से सिग्नल प्राप्त कर सकने में समर्थ होते हैं। सेटेलाइट फोन बस थोड़ा स्लो होते हैं (हमारे मोबाइल फोन के मुकाबले) यानी बातचीत के दौरान इसमें थोड़ी सी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके द्वारा भेजे गए सिग्लन को सेटेलाइट तक जाने और वहां से वापस लौट कर आने में ज्यादा समय लगता है।हालांकि यह कमी बहुत ही नगण्य है। यह ज्यादातर आपदाओं के समय हमे काफी सहायक सिद्ध होते जब हमारे सिस्टम बहुत हद तक ख़राब हो गये होते हैं। क्या हम सेटेलाइट फोन खरीद सकते हैं….. भारत में सैटेलाइट फोन खरीदने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं भारत ही नहीं हर देश में इसके लिए अलग…

How long is the woman satisfied with sex ! कितने देर सेक्स से महिला संतुष्ट हो जाती है



यहां पर मैं रियलिटी लिख रहा हूँ अगर आप इस सवाल का जवाब चाहते है तो पूरा उत्तर पढ़े-
सेक्स और टाइमिंग-
जहा बात सेक्स और टाइमिंग की करे, तब सेक्स का मतलब सिर्फ यह नही होता कि जितनी देर किया। सेक्स एक बहुत भावनात्मक और फीलिंग्स से भरी चीज होती है जिसमे पुरुष व महिला दोनों को बराबर का आनंद आता हैं। सेक्स के दौरान सिर्फ टाइम बढ़ाने पर ध्यान देने से ही महिला संतुष्ट नही होती। उसके लिए एक दूसरे के साथ भावनात्मक रूप से सुख देने भी जरूरी हैं।
टाइमिंग कितना जरूरी-
अगर बात करे सेक्स के टाइम की तो-अगर सिर्फ स्ट्रोक्स की बात करे तो एवरेज पुरुष का टाइम 2 से 5 मिनट होता है और इतनी देर स्ट्रोक्स से वह स्खलित हो जाएगा। लेकिन सेक्स में सिर्फ स्ट्रोक्स नही आते उसमे पूरी एक प्रोसेस रहती है जो किसी महिला को संतुष्ट करने के लिए जरूरी हैं। अगर सिर्फ स्ट्रोक्स के संतुष्टि मिलती तो खिलोने बहुत मिलते है बाजार में।
महिला के लिए टाइमिंग कितनी जरूरी-
मैं आपको कहता हूं कि टाइमिंग जरूरी है थोड़ी बहुत भी है तो चलेगी जरूरी नही की 10 मिनट स्ट्रोक देना जरूरी ही। महिला का स्खलित होना पुरुष से अलग हैं। पुरुष सिर्फ स्ट्रोक्स से स्खलित होता है महिला नही।
महिला को स्खलित करने की पूरी प्रोसेस होती है क्योंकि पुरुष का सेक्स शारीरिक और महिला का भावनात्मक ज्यादा हैं।
महिला का स्खलन और सेक्स टाइम-
  • सेक्स की प्रोसेस में सिर्फ स्ट्रोक्स पर ध्यान मत दे
  • लगभग एक घण्टे तक की प्रोसेस पर ध्यान दे
  • फोरप्ले जरूरी है लगभग 45 मिनट तो यही करे
  • फोरप्ले में क्या करे-??
  • महिला से बाते करे प्यार भरी
  • उससे खेले- उसके बाल, उसके अंगों से खेले प्यार से
  • चूमना सबसे जरूरी-
चुम्बन सबसे जरूरी हिस्सा है फोरप्ले का- होठ, गाल और महिला का प्रत्येक अंग को अच्छे से चूमें यही समय होता है जब ज्यादातर महिलाएं स्खलित हो जाती है और फिर आप आराम से यौन क्रिया शुरू करे
  • अगर इतनी बातो का ध्यान आप रखेंगे तो महिला पूरी संतुष्ट होगी और उसका रोम-रोम खिल उठेगा
सेक्स सिर्फ शारीरिक नही बल्कि भावनात्मक खेल है इसे ध्यान से खेले और पवित्र मानकर खेले आपकी महिला साथी जरूर खुश रहेगी।

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