सैटेलाइट फोन क्या है? क्यों यह बहुत महंगा है?

सैटेलाइट फोन….. 'सैटेलाइट फोन को सेटफोन के नाम से भी जाना जाता है,ये हमारे फोन्स की तुलना में अलग होते हैं। क्योंकि यह लैंडलाइन या सेल्युलर टावरों की बजाय सैटेलाइट (उपग्रहों ) से सिग्नल प्राप्त करते हैं'। ( चित्र सैटेलाइटफोन ) इनकी खास बात यह होती है कि इनके द्वारा किसी भी स्थान से काॅल किया जा सकता है। यह हर जगह उपयोगी साबित होते हैं चाहे आप सहारा मरुस्थल में ही क्यों न हों। कहा तो यह भी जाता है कि यह पानी के अंदर भी आसानी से सिग्नल प्राप्त कर सकने में समर्थ होते हैं। सेटेलाइट फोन बस थोड़ा स्लो होते हैं (हमारे मोबाइल फोन के मुकाबले) यानी बातचीत के दौरान इसमें थोड़ी सी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके द्वारा भेजे गए सिग्लन को सेटेलाइट तक जाने और वहां से वापस लौट कर आने में ज्यादा समय लगता है।हालांकि यह कमी बहुत ही नगण्य है। यह ज्यादातर आपदाओं के समय हमे काफी सहायक सिद्ध होते जब हमारे सिस्टम बहुत हद तक ख़राब हो गये होते हैं। क्या हम सेटेलाइट फोन खरीद सकते हैं….. भारत में सैटेलाइट फोन खरीदने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं भारत ही नहीं हर देश में इसके लिए अलग…

भगवन हनुमान के बारे में क़ु६ रोचक तथ्य



एक युद्ध के बारे में बता रहा हु शायद अपने पढ़ा है कि नही एक बार की बात है बाली ने श्री रामचंद्र जी को कुछ भला बुरा कह दिया, ये बाते हनुमान जी को पता चली त वो गुस्सा हो गए । बाली भी युद्ध करना चाहता था हनुमान जी से। दोनों राज़ी हो गए युद्ध के लिए अगले दिन युद्ध निर्धारण हुआ।
चूँकि बाली को वरदान था कि कोई भी उनसे युद्ध करने आयेग तो उसकी आधी शक्ति उनको मिल जाएगा इसलिए बाली को कोई भी युद्ध मे परास्त नही कर सकता था। सुबह हुआ हनुमान जी युद्ध के लिए निकल पड़े रास्ते मे ब्रह्मा जी उनसे मिले वो बोले- हे पवनसुत आप युद्ध तो करने जा रहे है लेकिन आप अपने शक्ति का 10वां हिस्सा ही लेकर जाइये। हनुमान जी मान गए और ब्रह्मा जी को नमस्ते बोलै और युद्ध के लिए चल पड़े।
जब बाली और हनुमान जी आमने सामने आए तो चूँकि बाली के वरदान के कारण हनुमान जी की आधी शक्ति बाली के शरीर मे जाने लगी, जाते ही बाली को बहुत गर्मी और ऐसा की जैसे कोई उसके शरीर को दबा रहा है और इस दबाव के कारण बाली का दम घुटने लगा, जैसे कि अभी प्राण निकल जायेगा बाली समझ गए ये कोई आम आदमी नही कोई भगवान है जिनकी शक्ति मुझमे धराड़ करने की शक्ति नही है। बाली नतमस्तक होकर बोले हे प्रभु आप किसके अंश है। फिर हनुमान जी ने बताया ये बस भगवान राम जी की भक्ति के कारण है।

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