आखिर क्यों मच्छर झुंड में सिर पर मंडराते हैं ! Why the mosquitoes roam on the head

अभिषेक सिंह (Abhishek Singh)
ऐसा हमने जरूर बचपन मे देखा होगा और सोचा भी होगा की आखिर क्यों ऐसा मेरे साथ हो रहा है। सबसे अजीब बात ये की उस जगह से भागने पर भी वापस सिर पर मंडराने लगते थे। लेकिन शायद ही अब कोई ध्यान देता हो, मगर ऐसा अभी भी होता ही हैं कि मच्छर आपके सिर पर कई बार मंडराते हैं। ऐसी आदत न केवल मच्छरों है कि होती है बल्कि अन्य मक्खियों और कीड़े भी ऐसा करते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। यदि यह मादा मच्छर है, तो यह आपके सिर पर मंडराती है क्योंकि यह कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य पदार्थों (पसीना, गंध और गर्मी सहित) में रुचि रखता है जिसे आप लगातार निकालतेे हैं। उनके एंटीना पर सेंसर लगे होते हैं जो इन चीजों का पता लगाते हैं और भोजन के स्रोत का पता लगाने में उनकी मदद करते हैं। मच्छर विशेष रूप से ऑक्टेनॉल (मानव पसीने में पाया जाने वाला एक रसायन) के शौकीन हैं, इसलिए यदि आपको बहुत पसीना आ रहा होता हैं, तो आप इनके आसान लक्ष्य बन जाते हैं। कभी-कभी, आपने देखा होगा कि बगीचे में अपने दोस्तों से बात करते समय, मच्छरों का झुंड विशेष रूप से आपके सिर के ऊपर मंडरा रहा होता है और दूसरो…

कुछ ऐसे दिलचस्प तथ्य ! Some interesting facts


आप जर्मनी और डेनमार्क के बीच का समुद्र, एक ट्रेन में बैठ कर पार कर सकते हैं। समुद्र पार करने के लिए यह ट्रेन एक जहाज पे चढ़ जाती है और गंतव्य पे उतर जाती है।
Vogelfluglinie हैम्बर्ग और कोपेनहेगन के बीच एक ट्रेन लाइन है जो जर्मन तटीय स्टेशन, पुटगार्डन और डेनिश स्टेशन, Rødby को जोड़ती है।
पुट्टगार्डन में ट्रेन धीरे-धीरे एक फेरी के निचले डेक पर चढ़ती है और आपको ट्रेन से उतरने के लिए कहा जाता है।
पुटगार्डन में फेरी पर चढ़ती हुई ट्रेनें:
आप डेक पर खड़े होकर समुद्र के लुभावने दृश्य का आनंद ले सकते हैं या ड्यूटी-फ्री स्टोर में खरीददारी कर सकते हैं।
पीछे आप जर्मनी देख सकते हैं:
Rødby पहुंचने पर, आपको अपनी ट्रेन पर वापस चढ़ने के लिए कहा जाता है, जो फिर जहाज से नीचे उतरती है और कोपेनहेगन के रास्ते पर चल पड़ती है!
फेरी से उतरती हुई ट्रेन:
इसी प्रकार की एक और सेवा, बर्लिन नाइट एक्सप्रेस / स्कैंडिनेविया नाइट एक्सप्रेस मार्ग (माल्मो और बर्लिन के बीच) पर ट्रेलबॉर्ग, स्वीडन और सस्निट्ज़, जर्मनी के बीच भी चलती है। इस सेवा के बारे में मजेदार बात यह है कि इंजन हर तरफ से अलग हो जाता है, और केवल डिब्बे ही जहाज पर चढ़ाये जाते हैं। यकीनन इसमें काफी समय लगता है, लेकिन यह एक रात की ट्रेन है, इसलिए ज्यादातर यात्री सो रहे होते हैं।
इंजीनियरिंग का कितना अद्भुत नमूना है यह !

Comments