What is the current conflict between China and India?

Why is there tension on the borders?


It is a common misconception that the tensions ferment at the border and then it reaches the capitals. That never is the case.

The primary duty of a government is to give a decent life to its citizens. And that requires money. Money, which is raised through industries and services. India and China are two of the biggest economies in the world today, and by 2050, China would become the biggest economy with India coming at the second number.

I have lived in Europe and North America and the Made in China has completely overwhelmed me. There are hardly anything that you buy, that is not Made in China. In contrast to that, this laptop that I bought from India, my mobile which I bought from India, my cloths and other accessories are still Made In India. China sees India as a huge untapped market and wants to flood its good with it, however the Indian government has not budged till now and there are still a lot of trade restriction, despite the trade bal…

माया सभ्यता के बारे में कुछ रोचक तथ्य ! Some interesting facts about Maya civilization





हमारी धरती पर हजारों साल पहले माया सभ्यता मौजूद थी लेकिन किन्हीं कारणों से यह सभ्यता खत्म हो गई। माया सभ्यता का अंत का रहस्य क्या है
हमारी धरती पर हजारों साल पहले माया सभ्यता मौजूद थी लेकिन किन्हीं कारणों से यह सभ्यता खत्म हो गई। माया सभ्यता का अंत का रहस्य क्या है, वैज्ञानिक इस पर से पर्दा उठाने की कोशिशों में लगे हुए हैं। इस बारे में हाल में एक और रिसर्च सामने आई है। इसमें कहा गया कि माया सभ्यता का अंत करीब 100 से ज्यादा वर्षों तक लगातार सूखा पड़ने के कारण हुआ। इसके लिए शोधकर्ताओं ने मरीन लाइफ बेलिज के फेमस 'ब्लू होल' और उसके आसपास पाए जाने वाले लगूनों से लिए गए खनिजों का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि 800 से 900 ई. के मध्य एक भयंकर सूखा पड़ा था, वही माया सभ्यता के अंत का प्रमुख कारण बना। 'लाइव साइंस' की रिपोर्ट के मुताबिक छठी सदी से लेकर 10वीं सदी तक भयंकर सूखा पड़ा जिससे माया सभ्यता का विनाश हो गया।
क्या थी माया सभ्यता?
माया सभ्यता कोलंबियाई मीसो अमेरिकी सभ्यता से पहले की मानी जाती है। जहां पर आज मैक्सिको का यूकाटन नामक स्थान है वहां किसी जमाने में माया सभ्यता के लोग रहा करते थे। इसे मेसो-अमेरिकन सभ्यता भी कहा जाता है। माया सभ्यता ग्वाटेमाला, मैक्सिको, होंडुरास और यूकाटन प्रायद्वीप में स्थित थी। यह मैक्सिको की एक महत्वपूर्ण सभ्यता थी। इस सभ्यता की शुरुआत 1500 ई. पू. में हुई। यह 300 ई० से 800 ई० तक काफी प्रगतिशील रही, फिर धीरे-धीरे इसका अंत हो गया। माया सभ्यता के लोग कला, गणित, वास्तुशास्त्र, ज्योतिष और लेखन आदि के क्षेत्र में काफी अव्वल थे। इसे कलात्मक विकास का स्वर्ण युग भी कहा जाता है। इस दौरान खेती और शहर का विकास हुआ। इस सभ्यता की सबसे उल्लेखनीय इमारतें पिरामिड हैं जो उन्होंने धार्मिक केंद्रों के रूप में में बनाए थे। दावा किया जाता है कि 900 ई. के बाद माया सभ्यता के इन नगरों का ह्रास होने लगा और नगर खाली होने लगे। ग्वाटेमाला, मैक्सिको, होंडुरास और यूकाटन प्रायद्वीप में इस सभ्यता के अवशेष खोजकर्ताओं को मिले हैं।
माया सभ्यता के लोगों की सबसे बड़ी खासियत उनका खगोलीय ज्ञान थी। उन्होंने विभिन्न घटनाओं, धार्मिक त्योहारों और जन्म-मरण संबंधी बातों का रेकार्ड रखने के लिए कैलेंडर बनाया था। माया सभ्यता की गणना और पंचांग को माया कैलेंडर कहा जाता था। इसका एक साल 290 दिन का होता था। माया कैलेंडर में तारीख तीन तरह से निर्धारित होती थीं। तारीख का निर्धारण लंबी गिनती, जॉलकिन यानी ईश्वरीय कैलेंडर और हाब यानि लोक कैलेंडर के जरिए होता था। इसी आधार पर माया सभ्यता के लोग भविष्यवाणियां करते थे। माया सभ्यता के लोगों की मान्यता थी कि जब उनके कैलेंडर की तारीखें खत्म होती हैं, तो धरती पर प्रलय आता है और नए युग की शुरुआत होती है। 21 दिसंबर 2012 को दुनिया के अंत होने की भविष्यवाणी भी इसी माया कैलेंडर ने दी थी, लेकिन यह गलत साबित हुई।
बहरहाल, माया सभ्यता का अंत क्यों हुआ, इसपर शोधकर्ताओं के बहुत से मत हैं। कुछ का मानना है कि विदेशी आक्रमण या विद्रोह के कारण इस सभ्यता का पतन हुआ, कुछ कहते हैं कि प्राकृतिक आपदा जैसे, सूखा या महामारी के कारण यह सभ्यता खत्म हुई।
ब्लू होल क्या है?
ग्रेट ब्लू होल सेंट्रल अमेरिका यानी कैरेबियन सी के बेलिज शहर से लगभग 70 किलोमीटर दूर लाइटहाउस रीफ के पास स्थित है। 300 मीटर (984 फीट) के एरिया में फैला यह होल एक वृत्त के समान है। लगभग 124 मीटर (400 फीट) गहरा यह अंडर वॉटर सिंकहोल दुनिया के टॉप 10 स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशंस में से एक है। यहां की खूबसूरत मरीन लाइफ बेलिज बैरियर रीफ रिजर्व सिस्टम का हिस्सा है। इसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हैरिटेज साइट घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि ग्रेट ब्लू होल उस केव सिस्टम का हिस्सा है, जो हजारों साल पहले निचले समुद्र तल की वजह से बना था। यहां मौजूद खनिजों का अध्ययन करने के बाद शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि यह होल 15 हजार साल पुराना है। ब्रिटिश स्कूबा डाइवर और लेखक नेड मिडलटन ने इस जगह को 'ग्रेट ब्लू होल' नाम दिया है। डिस्कवरी चैनल ने इसे दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह माना है।
ब्लू होल से क्या रिश्ता
हाल में बिग ब्लू होल का अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिकों को कुछ महत्वपू्र्ण तथ्यों के बारे में पता चला जिससे अंदाजा होता है कि माया सभ्यता के अंत संबंधी कथनों में ब्लू होल से जुड़े रहस्यों की प्रमुख भूमिका है। टेक्सास की राइस यूनिवर्सिटी और लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नए रिसर्च में कुछ सबूत भी सामने आए। वैज्ञानिकों ने सिंकहोल में पाए जाने वाले खनिजों के कलर, आकार और मोटाई का अध्ययन किया। उन्होंने माया सभ्यता के अंत के समय यानी 9वीं और 10वीं सदी के दौरान खनिजों (टाइटेनियम से एल्यूमिनम) की प्रकृति में होने वाले परिवर्तन से इसकी तुलना की। उन्होंने पाया कि इन दो खनिजों की मात्रा प्रकृति में बढ़ने और घटने के कारण किसी खास क्षेत्र में बहुत ज्यादा बारिश हुई, तो कहीं सूखा पड़ा।

Hritik Tripathi

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