आप ऐसा क्या जानते हैं जो किसी को नहीं पता ! What do you know that nobody knows?

Abhijit Nimse,
1. चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है। 2. जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती हैं। 3. 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती। 4. बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता। 5. कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता। 6. स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते हैं। 7. सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है। 8. जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागते। 9. फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है। 10. आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते हैं। 11. अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो। 12. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है। 13. 85% लोग सोने से पहले वो सब सोचते हैं जो वो अपनी जिंदगी में करन…

एमडीएच (MDH) मसाला मालिक के बारे में कुछ अज्ञात तथ्य ! Some unknown facts about the MDH Spice Owner



  • MDH के मालिक का नाम महाशय धर्मपाल गुलाटी (Mahatmas Dharmapal Gulati) है
  • इनका जन्म 27 मार्च 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में एक सामान्य परिवार में हुआ था
  • इनके पिता का नाम महाशय चुन्नीलाल और माताजी माता चनन देवी था
  • सियालकोट में इनके पिताजी की मसालोंं की एक छोटी सी दुकान थी जिसका नाम महाशय दी हट्टी था
  • इसी महाशय दी हट्टी से नाम आया M – महाशय D- दी H- हट्टी यानि MDH
  • इन्‍होंने 1933 में 5 वी कक्षा मेें फेल होने से स्कूल की पढाई छोड़ दी थी
  • इनके पढाई छोडने के बाद सबसे पहले इनके पिता ने उन्हें लकड़ी का काम सीखने एक बढ़ई के पास भेजा
  • इनका मन वहॉ भी नहीं लगा और ये 8 माह काम करने के बाद वहॉ भी नहीं गये
  • इसके बाद इन्‍होंने साबुन का व्यवसाय किया फिर कपड़ो के व्यापारी बने फिर बाद में ये चावल के भी व्यापारी बने लेकिन इनमेंं से किसी भी व्यापार में वे लंबे समय तक नही टिक सके
  • इसके बाद में इन्होंने दोबारा अपने पैतृक व्यवसाय को ही करने की ठानी और मसालोंं का व्यवसाय किया
  • इसके बाद देश का विभाजन हुआ और ये 27 सितम्बर 1947 को भारत आकर दिल्ली रहने लगे
  • दिल्‍ली आकर इन्‍होंने न्यू दिल्ली स्टेशन से कुतब रोड और करोल बाग़ से बड़ा हिन्दू राव तक तांगा चलाने का कार्य किया
  • इसके बाद कुछ पैसे इकट्ठे कर एक लकडी की दुकान खरीदी और परिवारिक के व्यवसाय यानि मसालों का व्‍यवसाय का कार्य करोल बाग से शुरू किया
  • इसके बाद इन्‍होंने 1953 में अपनी दूसरी दुकान चांदनी चौक में स्‍थापित की
  • इसके बाद 1959 में इन्‍होंने दिल्‍ली के कीर्ति नगर में मसालों की एक फैक्‍ट्री लगा दी
  • इन्होंने अपने ब्रांड MDH का नाम रोशन करने के लिए काफी महेनत की आज एमडीएच की देशभर में 15 फैक्ट्री हैं
  • MDH ब्रांड मसालों के भारतीय बाज़ार में 12 % हिस्से के साथ दुसरे स्‍थान पर है
  • आज MDH कंपनी 100 से ज्यादा देशों मेंं अपने 60 से अधिक प्रोडक्ट्स बेच रही है
  • महाशय धरमपाल गुलाटी जी मसालों के व्‍यापार के साथ-साथ कई सामा‍जिक कार्यों से भी जुडे हुऐ हैं
  • इनकी संस्‍था ने कई स्‍कूल और अस्‍पताल भी बनवाये है
  • जिनमें MDH इंटरनेशनल स्कूल, महाशय चुन्नीलाल सरस्वती शिशु मंदिर, माता लीलावती कन्या विद्यालय, महाशय धरमपाल विद्या मंदिर इत्यादि शामिल है
  • ये 94 साल की उम्र में भारत में 2017 में सबसे ज्यादा कमाने वाले FMCG सीईओ बने
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  • सिद्धार्थ मावाणी 

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