कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

टेलीविज़न के बारे में रोचक बातें ! Interesting Facts about televisions

दुनिया में ऐसे बहुत कम घर होंगे जहां टेलीविजन नहीं हो। कुछ घरों में तो दो या उससे भी ज्यादा टीवी होते हैं। मल्टीफीचर्स और हाई रेजोल्यूशन वाले टीवी आपके दुनियाभर का हाल बता देते हैं।

 टीवी का विकास 1830 से तब शुरू हो गया था, जब ग्राहम बेल और थॉमस एडिसन ने आवाज और फोटो को ट्रांसफर करके दिखाया था। 1830 में थाम्स एडिसन और ग्राहम बेल ने आवाज और फोटो ट्रांसफर करके दिखाया। 1907 में पहली बार “Television” शब्द आस्तित्व में आया। और डिक्शनरी में जोड़ा गया। 1924 में जाॅन ब्रेड ने पहली बार छायाचित्रो को मूव किया। 1933 में हफ्ते में 2 बार प्रोग्राम टीवी पर आना शुरू हुआ। 1936 तक दुनिया में लगभग 200 टेलिविजन सेट इस्तेमाल होने लगे। तब 12 इंच की टीवी स्क्रीन के साथ बड़े-बड़े उपकरण आते थे। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान टेलिविजन का इस्तेमाल बढ़ गया। इस समय टीवी प्रचार करने वाली मशीन की तरह इस्तेमाल होने लगी। टेबलटाॅप और कंसोल दो तरह के माॅडल प्रचलन में आए। पूरी तरह से कलर टीवी प्रसारण 1953 में अमेरिका में ही शुरू हुआ। 1956 में राबर्ट एडलर ने पहला रिमोट कंट्रोल बनाया। 1962 में “AT&T” कंपनी ने टेलीस्टार launch किया। 1967 के आसपास अधिकतर प्रोग्राम कलरफुल आने लगे। 1969 में “Apollo 11” पहला प्रोग्राम ब्राॅडकास्ट हुआ। जिसे 600 मिलियन लोगो ने देखा। 1973 में टीवी की स्क्रीन को और बड़ा कर दिया गया। इस समय टीवी का वजन काफी ज्यादा हुआ करता था। वर्ष 1976 में भारत में टीवी प्रसारण को ऑल इंडिया रेडियो से अलग किया गया। 1980 में टीवी के साथ VCR, Games आदि आने लगे। इसे टीवी की पॉपुलैरिटी और बढ़ती गई। रिमोट वाले टीवी ने दस्तक दी और लोकप्रिय हुए। 1990 के बाद टेलिविजन में कई बदलाव आए। टीवी का साइज और क्वालिटी बेहतर हुई। इसी समय LCD और प्लाज्मा जैसी टेक्नोलाॅजी के साथ भी एक्सपेरिमेंट चल रहा था। 2000 के बाद VCR की जगह DVD प्लेयर इस्तेमाल होने लगा। कई कमर्शियल चैनल आए और टीवी का स्वरुप बदल गया। अब इडियट बॉक्स से टीवी स्मार्ट बन गया। 2000 के बाद अब जमाना स्मार्ट टीवी का है। अल्ट्रा UHD, बेन्डेवल, 4K, 3D, LCD/LED टीवी अब ना सिर्फ मनोरंजन का काम कर रहे है, बल्कि कम्पयूटिंग और कनेक्टिविटी के लिए भी इस्तेमाल किए जा रहे है। भारत में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत दिल्ली से 15 सितंबर, 1959 को हुई थी। 1972 तक टेलीविजन की सेवाएं अमृतसर और मुंबई के लिए बढ़ाई गईं। 1975 तक भारत के केवल सात शहरों में ही टेलीविजन की सेवा शुरू हो पाई थी। भारत में कलर टीवी और राष्ट्रीय प्रसारण की शुरुआत 1982 में हुई।

Comments