सैटेलाइट फोन क्या है? क्यों यह बहुत महंगा है?

सैटेलाइट फोन….. 'सैटेलाइट फोन को सेटफोन के नाम से भी जाना जाता है,ये हमारे फोन्स की तुलना में अलग होते हैं। क्योंकि यह लैंडलाइन या सेल्युलर टावरों की बजाय सैटेलाइट (उपग्रहों ) से सिग्नल प्राप्त करते हैं'। ( चित्र सैटेलाइटफोन ) इनकी खास बात यह होती है कि इनके द्वारा किसी भी स्थान से काॅल किया जा सकता है। यह हर जगह उपयोगी साबित होते हैं चाहे आप सहारा मरुस्थल में ही क्यों न हों। कहा तो यह भी जाता है कि यह पानी के अंदर भी आसानी से सिग्नल प्राप्त कर सकने में समर्थ होते हैं। सेटेलाइट फोन बस थोड़ा स्लो होते हैं (हमारे मोबाइल फोन के मुकाबले) यानी बातचीत के दौरान इसमें थोड़ी सी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके द्वारा भेजे गए सिग्लन को सेटेलाइट तक जाने और वहां से वापस लौट कर आने में ज्यादा समय लगता है।हालांकि यह कमी बहुत ही नगण्य है। यह ज्यादातर आपदाओं के समय हमे काफी सहायक सिद्ध होते जब हमारे सिस्टम बहुत हद तक ख़राब हो गये होते हैं। क्या हम सेटेलाइट फोन खरीद सकते हैं….. भारत में सैटेलाइट फोन खरीदने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं भारत ही नहीं हर देश में इसके लिए अलग…

कुत्ते कारों का पीछा क्यों करते हैं ! Why do dogs pursue cars

1) कुत्तों का ज्वलनशील स्वभाव:
आपने बहुत सी फिल्मों में ये डायलॉग सुना होंगा, इलाका कुत्तों का होता हैं शेरों का नहीं!!
पहला कारण यहीं हैं कुत्तों का चलती गाड़ी के पीछे-पीछे भागने का।
दरअसल कुत्ते अपने एरिया को लेकर काफी पोसेसिव होतें हैं।वो पेड़ों, गाड़ियों के टायरों इत्यादि में यूरीन सीक्रिट कर के ये सुनिश्चित करतें हैं कि ये उन्हीं का एरिया हैं, चूंकि नाक के तेज़ होते हैं इसलिए कोई शक नहीं की वो अपने एरिया को पहचानते भी हैं और अगर कोई आएं तो उसे बाहर का रास्ता भी दिखाते हैं। और आपकी यहाँ आने की मनाही हैं, तो शायद गलत नहीं होगा!!!
पर जब किसी कुत्ते को किसी गाड़ी के टायर पर किसी दूसरें कुत्ते की यूरीन समझ़ आती हैं, जो तेज़ नाक के धनी कुत्ते के लिए काफ़ी आसान होता हैं पहचाना, और खास़कर तब जब गाड़ी तेज़ी से जा रही हों, तब एक एरिया के प्रति लगाव समझते हुए वो उस गाड़ी के पीछे दौड़ लगाता हैं, वर्चस्व और एरिया पर कंट्रोल शायद इसे ही कहते हैं और इससे अच्छा उदाहरण भी नहीं कोई।
2) भूखा होना:
माना जाता हैं जब एक कुत्ता काफ़ी भूखा हो तो तब भी वो चलती गाड़ी का पीछा करता हैं।
3) जब किसी कुत्ते की मौत गाड़ी के नीचें आने से होती हैं:
कुत्ता एक बेहद ही संवेदनशील जानवर होता हैं और दोस्ती निभाना जानता हैं, इस कारण जब भी कोई ऐसी गाड़ी जिस पर किसी कुत्ते को वो मह़क समझ़ आती हैं, वो तुरंत उस गाड़ी के पीछे हो लेता हैं और दूर तक दौड़कर अपने अंजान साथी के प्रति अपनी वफ़ादारी निभाता हैं।
4) अकेलापन:
थोड़ी हैरानी वाला बात हैं पर जी हां कुत्तों को भी अकेलापन महसूस होता हैं।और जब ये अकेलापन ज्यादा गंभीर रूप से बाहर समझ़ आता हैं तब वो चलतीं गाड़ी का पीछा करते हैं।

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