दुनिया में कुछ अजीब पेशे/रोजगार ! Some strange profession / jobs in this world

इस दुनिया में कुछ अजीब पेशे/रोजगार क्या हैं? नग्न मॉडल- इनका काम होता है की वे अपने वस्त्र उतारकर नग्न अवस्था में कला के छात्रो के सामने बैठ जाए। मराठी फिल्म "न्यूड" एकभारतीय नग्न मॉडल के सामने आने वाली समस्याओं पर आधारित है। पेशेवर पुशर (Professional Pusher)- इनका काम सभी लोगों को ट्रेन में धकेलना होता है, ताकि किसी की भी ट्रैन न छूटे। इस तरह की नौकरी टोक्यो, जापान में बहुत आम है। किराये का बॉयफ्रेंड- टोक्यो में किराये के बॉयफ्रेंड भी मिलते है। उलटी क्लीनर (Vomit cleaner)- रोलर कोस्टर राइड में कई लोगो को उल्टी आ जाती है इसलिए मनोरंजनकारी उद्यान (Amusement parks) के मालिक उल्टी साफ़ करने के लिए कुछ लोगो को रखते है। डिओडोरेंट टेस्टर (Deodorant tester)- डिओडरंट कंपनिया ऐसे लोगो को नौकरी पर रखती है जिनका काम यह चेक करना होता है की डिओडरंट कितना असरदार है, डिओडरंट लगाने से शरीर की गंध जाती है या नहीं। वाटर स्लाइड परीक्षक- इनका काम होता है की वह चेक करकर ये बताये की वाटर स्लाइड सुरक्षित है या या नहीं। <

Untold Mystery of Dwarka Nagri in INDIA ! भारत का सबसे रहस्यमय स्थान


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156 बम भी श्री द्वारिका धाम की एक ईंट नही हिला सके!
जी हाँ! आप बिलकुल सत्य और प्रामाणिक घटना पढ़ने जा रहे है..
भारत-पाक के 1965 में हुए युद्ध के दौरान पाकिस्तान जल सेना ने भारत पर एक भीषण आक्रमण करने का निर्णय लिया। इसके लिए द्वारका नगरी (गुजरात), जो कि समुद्र से लगी होने के कारण और पाकिस्तानी सीमा से नज़दीक जोन के कारण चुनी गई।
ये आक्रमण 7 सितंबर की रात्रि को हुआ और इस आक्रमण में 7 समुद्री युद्ध जहाजों का प्रयोग पाकिस्तान ने किया। इन सातों जहाजों ने प्रत्येक ने लगभग 50 राउंड बम गोलो की वर्षा द्वारका नगरी पर लगभग 20 मिनिट तक अनवरत करी। फिर द्वारका नगरी से उठते धुँए को देख कर इन्होंने ये अनुमान लगा लिया के सारे नगर को हमनें धूल धूसरित कर दिया है, और अपने को विजेता मानकर वहाँ से निकल लिए।
लेकिन वास्तविकता तो कुछ और थी!
भारत ने प्रातःकाल होते ही घटना की समीक्षा और नुकसान के जायज़ा लेने आईइनएस तलवार नामक युद्धक जहाज़ द्वारका भेजा। इस टीम ने जो रिपोर्ट दी वो कुछ इस प्रकार है:
“रेलवे स्टेशन के एक गोदाम पर बम गिरने से नुकसान हुआ है और जिसका धुँआ सब ओर बिछ गया है। इसको छोड़ कर समूचे द्वारका में कही कुछ भी नुकसान नही हुआ है। जितने बम गोले पाकिस्तान ने दागे, वे अधिकतर समुद्र और द्वारका के बीच मे जो गीली मुलायम मिट्टी है उसमें धंस गए। ना तो वे फटे ना कोई नुकसान हुआ। और 40 बिना फटे बम गोले भी समुद्र तट से बरामद हुए है।”
रेल गोदाम के धुँए को वे द्वारका का धुआँ समझ बैठे!
हमारा भारत सभी को विस्मित और मंत्रमुग्ध करने में सदा से अग्रणी रहा है। पग पग पर रहस्य भरे पड़े है यहाँ!


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