सैटेलाइट फोन क्या है? क्यों यह बहुत महंगा है?

सैटेलाइट फोन….. 'सैटेलाइट फोन को सेटफोन के नाम से भी जाना जाता है,ये हमारे फोन्स की तुलना में अलग होते हैं। क्योंकि यह लैंडलाइन या सेल्युलर टावरों की बजाय सैटेलाइट (उपग्रहों ) से सिग्नल प्राप्त करते हैं'। ( चित्र सैटेलाइटफोन ) इनकी खास बात यह होती है कि इनके द्वारा किसी भी स्थान से काॅल किया जा सकता है। यह हर जगह उपयोगी साबित होते हैं चाहे आप सहारा मरुस्थल में ही क्यों न हों। कहा तो यह भी जाता है कि यह पानी के अंदर भी आसानी से सिग्नल प्राप्त कर सकने में समर्थ होते हैं। सेटेलाइट फोन बस थोड़ा स्लो होते हैं (हमारे मोबाइल फोन के मुकाबले) यानी बातचीत के दौरान इसमें थोड़ी सी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके द्वारा भेजे गए सिग्लन को सेटेलाइट तक जाने और वहां से वापस लौट कर आने में ज्यादा समय लगता है।हालांकि यह कमी बहुत ही नगण्य है। यह ज्यादातर आपदाओं के समय हमे काफी सहायक सिद्ध होते जब हमारे सिस्टम बहुत हद तक ख़राब हो गये होते हैं। क्या हम सेटेलाइट फोन खरीद सकते हैं….. भारत में सैटेलाइट फोन खरीदने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं भारत ही नहीं हर देश में इसके लिए अलग…

Parle-G से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य ! Intersting Facts About Parle-G


 

Parle-G बिस्कुट से जुड़े कुछ तथ्य-

  • 78 सालो से चला आ रहा है, आपका पसंदीदा बिस्कुट Parle-G ।
  • पारले जी कंपनी की शुरुआत सन 1929 में हुई थी, लेकिन उन्होंने सन 1939 में बिस्कुट का उत्पादन शुरू किया था ।
  • 1980 तक PARLE-G बिस्कुट का नाम PARLE GLUCO था ।
  • Parle-G बिस्कुट ने आज तक अपना LOGO नहीं बदला है ।
  • शुरू में Parle-G में G का मतलब "Glucose" था, लेकिन अब बदल कर 'Genius" कर दिया गया है ।
  • Parle-G ने अपना पहला विज्ञापन 1982 में दिया था। इस विज्ञापन में एक बूढ़े दादाजी और बच्चो को दिखाया गया था ।
  • पहले पारले जी बिस्कुट का पेकेट वेक्स कागच का आता था, लेकिन 2001 से इसे बदलकर प्लास्टिक के पेकेट में कर दिया गया ।
  • भारत में बिक्री के मामले में पारले जी नंबर 1 है। भारत में 70% बिस्कुट पारले ही बनाता है !आप जान कर चोंक जायेंगे की - हर मिनट लगभग 250000 लोग पारले जी बिस्कुट को खाते है ।
  • 2010 में पारले जी दुनिया का चोथा सबसे ज्यादा खाया जाने वाला बिस्कुट था ।
  • भारत के बाद पारले जी सबसे ज्यादा चीन में खाया जाता है ।
  • Parle नाम क्यों रखा गया ? - "
    पारले" नाम एक पुराने गाँव के नाम पर रखा गया ।
    जो लड़की पारले के पेकेट पर है वो कोन है ? >> हम आपको बता दे की जो लड़की पारले के पेकेट पर है, वो एक काल्पनिक चित्र है, उसका किसी भी व्यक्ति से कोई सम्बन्ध नहीं है। आज तक सब नीरू देशपांडे को पारले जी गर्ल मानते थे, लेकिन यह सच नहीं है। पारले पेकेट पर लगी लड़की का चित्र Everest creative "Maganlal Daiya" ने 1960 में बनाया था।
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