What is the current conflict between China and India?

Why is there tension on the borders?


It is a common misconception that the tensions ferment at the border and then it reaches the capitals. That never is the case.

The primary duty of a government is to give a decent life to its citizens. And that requires money. Money, which is raised through industries and services. India and China are two of the biggest economies in the world today, and by 2050, China would become the biggest economy with India coming at the second number.

I have lived in Europe and North America and the Made in China has completely overwhelmed me. There are hardly anything that you buy, that is not Made in China. In contrast to that, this laptop that I bought from India, my mobile which I bought from India, my cloths and other accessories are still Made In India. China sees India as a huge untapped market and wants to flood its good with it, however the Indian government has not budged till now and there are still a lot of trade restriction, despite the trade bal…

ऐसी कौन सी बातें हैं जो हर भारतीय आदमी को पता होनी चाहिए ?

कुछ ऐसे कानून जो हर भारतीय को जानना चाहिये:-

आज हम आपको भारतीय कानूनों से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य और नियम बताएंगे जो हर भारतीय को जरूर जानना चाहिये. ताकि कोई अधिकारी या पुलिसकर्मी आपका गलत फायदा न उठा सके.
ड्राइविंग के समय यदि आपके 100ml ब्लड में अल्कोहल का लेवल 30mg से ज्यादा मिलता है तो पुलिस बिना वारंट आपको गिरफ्तार कर सकती है.
किसी भी महिला को शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 बजे के पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है.
पुलिस अफसर FIR लिखने से मना नहीं कर सकते हैं. ऐसा करने पर उन्हें 6 महीने से 1 साल तक की सजा हो सकती है.
कोई भी होटल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों न हो, आपको फ्री में पानी पीने और वाशरूम का इस्तेमाल करने से नहीं रोक सकता है.
कोई भी शादीशुदा व्यक्ति किसी अविवाहित लड़की या विधवा महिला से उसकी सहमति से शारीरिक संबंध बनाता है तो यह अपराध की श्रेणी में नहीं आता है.
यदि दो वयस्क लड़का या लड़की अपनी मर्जी से लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं तो यह गैर कानूनी नहीं है. इन दोनों से पैदा होने वाली संतान भी गैर कानूनी नहीं है और संतान को अपने पिता की संपत्ति में हक़ भी मिलेगा.
एक पुलिस अधिकारी हमेशा ही ड्यूटी पर होता है. चाहे उसने यूनिफॉर्म पहनी हो या न पहनी हो. यदि कोई व्यक्ति इस अधिकारी से शिकायत करता है तो वह यह नहीं कह सकता है कि वह पीड़ित की मदद नहीं कर सकता क्योंकि वह ड्यूटी पर नहीं है.
कोई भी कंपनी गर्भवती महिला को नौकरी से नहीं निकाल सकती है. ऐसा करने पर अधिकतम 3 साल की सजा हो सकती है.
टैक्स उल्लंघन के मामले में, कर वसूली अधिकारी को आपको गिरफ्तार करने का अधिकार है लेकिन गिरफ्तार करने से पहले उसे आपको नोटिस भेजना पड़ेगा. केवल टैक्स कमिश्नर यह फैसला करता है कि आपको कितनी देर तक हिरासत में रखना है.
तलाक निम्न आधारों पर लिया जा सकता है, हिंदू मैरिज एक्ट के तहत कोई भी कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दे सकता है. व्यभिचार, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना, नपुंसकता, बिना बताए छोड़कर जाना, हिंदू धर्म छोड़कर कोई धर्म अपनाना, पागलपन, लाइलाज बीमारी, वैराग्य लेने और 7 साल तक कोई अता-पता न होने के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की जा सकती है.
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 में वाहन चालकों को हेलमेट लगाने का प्रावधान है. मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 में बाइक पर दो व्यक्तियों का बैठने का प्रावधान है. लेकिन ट्रैफिक पुलिस के द्वारा गाड़ी या मोटर साइकिल से चाबी निकालना गैरकानूनी है इसके लिए आप चाहें तो उस कांस्टेबल या अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी कर सकते हैं.
केवल महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं को गिरफ्तार कर थाने ला सकती है. पुरुष पुलिसकर्मी को महिलाओं को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है. गंभीर अपराध के मामले में मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश प्राप्त होने पर ही एक पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला को गिरफ्तार कर सकता है.
बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि यदि उनका गैस सिलेंडर खाना बनाते समय फट जाये तो आप जान और माल की भरपाई के लिए गैस कंपनी से 40लाख रुपये तक की सहायता ले सकते हैं.
अगर आप किसी कंपनी से किसी त्यौहर के मौके पर कोई गिफ्ट लेते हैं तो यह रिश्वत की श्रेणी में आता है. इस जुर्म के लिए आपको सजा भी हो सकती है.
भारत में 280 से अधिक होटलों का प्रबंधन करने वाले होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HAI) का कहना है कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो भारत के किसी होटल में अविवाहित जोड़े के प्रवेश से इनकार करता हो।
यदि आपका किसी दिन चालान काट दिया जाता है तो फिर दुबारा उसी अपराध के लिए चालान नहीं काटा जा सकता है.
कोई भी दुकानदार किसी उत्पाद के लिए उस पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक रुपये नहीं मांग सकता है. लेकिन उपभोक्ता, अधिकतम खुदरा मूल्य से कम पर उत्पाद खरीदने के लिए दुकानदार से भाव तौल कर सकता है.
हर पुलिस स्टेशन का एक ज्युरिडिक्शन होता है। यदि किसी कारण से आप अपने ज्युरिडिक्शन वाले थाने में नहीं पहुंच पा रहे या आपको इसकी जानकारी नहीं है तो जीरो एफआईआर के तहत आप सबसे नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं। जीरो एफआईआर में क्षेत्रीय सीमा नहीं देखी जाती।
यदि आपका ऑफिस आपको सैलरी नहीं देता है तो आप उसके खिलाफ 3 साल के अंदर कभी भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं. लेकिन 3 साल के बाद आप रिपोर्ट करते हैं तो आपको कुछ नहीं मिलेगा.
यदि आप सार्वजनिक जगहों पर "अश्लील गतिविधि" में संलिप्त पाये जाते हैं तो आपको 3 महीने तक की कैद भी हो सकती है. लेकिन "अश्लील गतिविधि" की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं होने के कारण पुलिस इस कानून का दुरूपयोग करती है.
यदि आप हिंदू हैं और आपके पास आपका पुत्र है, पोता है या परपोता है तो आप किसी दूसरे लड़के को गोद नहीं ले सकते हैं. साथ ही गोद लेने वाले व्यक्ति और गोद लिये जाने वाले बच्चे के बीच कम से कम 21 साल का अंतर होना जरूरी है.
यदि आप दिल्ली में रह रहे हैं तो आपका मकान मालिक आपको बिना नोटिस दिये जबरन मकान खाली नहीं करा सकता है.
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत, टेप रिकॉर्डर या फोन में दर्ज 2000 आवाज और संदेशों को अदालत में एक सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालाँकि, यह कुछ शर्तों पर निर्भर करता है।
भारतीय दंड संहिता का अनुच्छेद 39 (ए) महिलाओं को उनके कार्य स्थलों पर समान वेतन का अधिकार देता है।
हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 पुरुषों और महिलाओं दोनों को अपने पिता की संपत्ति के बराबर उत्तराधिकार की अनुमति देता है।
आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 160 में कहा गया है कि महिलाओं से उनके घर पर ही महिला कांस्टेबलों की मौजूदगी में पूछताछ की जा सकती है।
इंडियन कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर के अनुसार, एक डॉक्टर को एक बलात्कार पीड़िता को देखना पड़ता है, यदि वह मेडिकल जांच के लिए खुद से संपर्क करती है।
आईपीसी के अनुच्छेद 38 (1) और अनुच्छेद 21 के अनुसार, प्रत्येक महिला को अपने कल्याण को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने की हकदार है। एक महिला को अक्सर गलत या अपमानित किया जाता है जब वह पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करने जाती है, यही वजह है कि उसे हमेशा एक वकील के साथ रहना चाहिए।
किसी बलात्कार पीड़िता को अपना बयान देने के लिए पुलिस स्टेशन जाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।
2011 में, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने एक लड़की को गोद लेने वाले सिंगल व्यक्ति के खिलाफ फैसला सुनाया था । इसके पीछे कारण गोद लेने की प्रक्रिया को और साफ़ और सुरक्षित बनाना था।
नोट: इसके अलावा हर भारतीय नागरिक को अपने मौलिक अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए :)
भारतीय नागरिकों को छ्ह मौलिक अधिकार प्राप्त है :-
1. समानता का अधिकार : अनुच्छेद 14 से 18 तक।
2. स्वतंत्रता का अधिकार : अनुच्छेद 19 से 22 तक।
3. शोषण के विरुध अधिकार : अनुच्छेद 23 से 24 तक।
4. धार्मिक स्वतंत्रता क अधिकार : अनुच्छेद 25 से 28 तक।
5. सांस्कृतिक तथा शिक्षा सम्बंधित अधिकार : अनुच्छेद 29 से 30 तक।
6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार : अनुच्छेद 32

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