आखिर क्यों मच्छर झुंड में सिर पर मंडराते हैं ! Why the mosquitoes roam on the head

अभिषेक सिंह (Abhishek Singh)
ऐसा हमने जरूर बचपन मे देखा होगा और सोचा भी होगा की आखिर क्यों ऐसा मेरे साथ हो रहा है। सबसे अजीब बात ये की उस जगह से भागने पर भी वापस सिर पर मंडराने लगते थे। लेकिन शायद ही अब कोई ध्यान देता हो, मगर ऐसा अभी भी होता ही हैं कि मच्छर आपके सिर पर कई बार मंडराते हैं। ऐसी आदत न केवल मच्छरों है कि होती है बल्कि अन्य मक्खियों और कीड़े भी ऐसा करते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। यदि यह मादा मच्छर है, तो यह आपके सिर पर मंडराती है क्योंकि यह कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य पदार्थों (पसीना, गंध और गर्मी सहित) में रुचि रखता है जिसे आप लगातार निकालतेे हैं। उनके एंटीना पर सेंसर लगे होते हैं जो इन चीजों का पता लगाते हैं और भोजन के स्रोत का पता लगाने में उनकी मदद करते हैं। मच्छर विशेष रूप से ऑक्टेनॉल (मानव पसीने में पाया जाने वाला एक रसायन) के शौकीन हैं, इसलिए यदि आपको बहुत पसीना आ रहा होता हैं, तो आप इनके आसान लक्ष्य बन जाते हैं। कभी-कभी, आपने देखा होगा कि बगीचे में अपने दोस्तों से बात करते समय, मच्छरों का झुंड विशेष रूप से आपके सिर के ऊपर मंडरा रहा होता है और दूसरो…

वाहनों के टायर का रंग सिर्फ काला ही क्यों होता है ! Why is the color of the vehicle's tires black

आपने गाड़ियां बहुत देखी होंगी या फिर चलाई भी होगी। ये तो आप भी जानते हैं कि गाड़ी का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट होता है टायर। बिना टायर के वहां चलाना बहुत ही मुश्किल काम है चाहे वो दो पहिया हो या ही चार पहियों वाला।


पर क्या कभी आपने गौर किया है की टायर हमेशा काले रंग के ही क्यों होते है ? जब गाड़ियाँ अलग अलग तरह की हो सकती है तो टायर क्यों हमेशा एक ही रंग के होते है ?आईये जानते है ये रहस्य
ये तो आप जानते ही होंगे की टायर रबड़ से बनता है लेकिन प्राकृतिक रबड़ का रंग तो स्लेटी होता है तो फिर टायर काला कैसे ? दरअसल बनाते वक़्त इसका रंग बदला जाता है और ये स्लेटी से काला हो जाता है टायर बनाने की प्रक्रिया को वल्कनाइजेशन कहते हैं ।
टायर बनाने के लिए उसमें काला कार्बन मिलाया जाता है जिससे रबर जल्दी नहीं घिस सके। अगर सादा रबर का टायर 10 हज़ार किलोमीटर चल सकता है तो कार्बन युक्त टायर एक लाख किलोमीटर या उससे अधिक चल सकता है। अगर टायर में साधारण रबर लगा दिया जाये तो यह जल्दी ही घिस जाएगा और ज्यादा दिन नहीं चल पाएगा इसलिए इसमें काला कार्बन और सल्फर मिलाया जाता है जिससे कि टायर काफी दिनों तक चल सके।
काले कार्बन कि भी कई श्रेणियां होती हैं और रबर मुलायम होगी या सख़्त यह इसपर निर्भर करेगा कि कौन सी श्रेणी का कार्बन उसमें मिलाया गया है। मुलायम रबर के टायरों की पकड़ मज़बूत होती है लेकिन वो जल्दी घिस जाते हैं जबकि सख़्त टायर आसानी से नहीं घिसते और ज्यादा दिन तक चलते है।
टायर बनाते वक्त इसमें सल्फर भी मिलाया जाता है और कार्बन काला होने के कारण यह अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से भी बच जाता है। तो अब आप समझे की टायर का रंग हमेशा काला क्यों होता है ताकि आप का खर्चा भी कम हो और आपके टायर की लाइफ भी ज्यादा रहे।

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