रूस के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य ! Amazing facts about Russia

1) रशिया USA से करीब दोगुना बड़ा है. रशिया इतना बड़ा है कि यहाँ पर 11 अलग-अलग टाइम जोन है.
2) रूस का कुल क्षेत्रफल प्लूटो ग्रह से अधिक है. रूस की लम्बाई-चौड़ाई करीब 10,000 किलोमीटर है जोकि चन्द्रमा के व्यास का लगभग तीन गुना है.
3) Russia के पास प्राकृतिक संसाधनों का खजाना है. रूस के पास जितना पेट्रोलियम, खनिज तत्व आदि है, उसका मूल्य करीब 75 ट्रिलियन डॉलर से भी अधिक है. रूस में तेल की इतनी सरी पाइपलाइन फैली हुई हैं कि उससे दुनिया को 6 बार लपेटा जा सकता है.
4) दुनिया में Natural Gas का सबसे बड़ा स्रोत रूस के पास है. रूस प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर भी है. दुनिया में कोयले का दूसरा सबसे बड़ा भंडार रूस के पास है. पेट्रोलियम के क्षेत्र में 8 वां सबसे बड़ा स्रोत भी रशिया के पास है.
5) रशिया में बहुतायत में पाए जाने वाले मुख्य धातु और खनिज तत्व इस प्रकार है. तांबा, चूना पत्थर, सोना, मैगनिशियम, माइका, एल्युमीनियम, कोबाल्ट, कोयला, बोरान, आर्सेनिक, टाइटेनियम, निकेल, स्टील, बॉक्साइट, वनैडियम, टिन, टंगस्टन, पोटाश, कैडमियम, पेट्रोलियम, फॉस्फेट आदि.
6) दुनिया के कुल सोने का करीब 40% स्रोत रशिया के पास…

अमेरिका के सुपरपावर बनने के क्या कारण थे ! What were the reasons for becoming America's superpower

हैरानी की बात है न, जो राष्ट्र कुछ 250 वर्ष पहले ही जन्मा, जिसका कोई सांस्कृतिक इतिहास नही था और न ही कोई खुदकी पहचान, वह आज विश्व की महा शक्ति है।
भले उत्तर अमेरिका के इतिहास मे वहा के मूल जनजातियों का बड़ा योगदान है, पर आज के अमेरिकियों का उससे कोई वास्ता नही।
अमेरिका के सुपरपावर या महाशक्ति बनने के कुछ प्रमुख कारण थे:
  • विश्व भर के प्रवासीयो का देश
अमेरिका मे यूरोप के कई देश और वर्ग के लोग आकार बसे, वही अफ्रीका और एशिया से भी लोग या तो लाए गए या आकार बसे। इन प्रवासियों मे कई होनहार और काबिल लोग थे, जिन्होंने अपनी मेहनत से अमेरिका को इस मुकाम पर पहुँचाया।
  • यूरोप से दूरी
यूरोप मे कई वर्षो से युद्ध चल रहे थे जिस कारण उनकी तिजोरियां खाली होती गई। वही अमेरिका की भौगोलिक स्थिति के कारण यूरोपीय देश उसे अपने झमेले नही घसीट पाए। और इसलिए अमेरिका अपने जरूरी संसाधन बर्बाद करने के बजाए खुदके विकास पर लगा पाया।
  • व्यापार पर जोर
अमेरिका ने युद्ध के बजाए अपने व्यापार को बढ़ाने पर ज़ोर दिया। व्यापारियों को व्यापार करने के लिए प्रोत्साहित किया और अन्य देशो से व्यापारिक संबंध बनाए।
  • प्रथम विश्व युद्ध से दूरी
अमेरिका प्रथम विश्व युद्ध मे निष्पक्ष ही था, जबतक जर्मनी ने अमेरिकी जहाज को मार नही गिराया। कई चेतावनी के बाद भी जर्मनी अमेरिका के जहाजो को निशाना बनाता रहा और फिर 1917 मे अमेरिका युद्ध मे उतर आया। जहा ब्रिटेन आदि लड़ लड़ के थक चुके थे, वही अमेरिका ने फुर्ती दिखाई और विजेता बन कर उभरा।
  • शोद्ध और विज्ञान को बढ़ावा देना
अमेरिका मे शोद्ध और अनुसंधानों को बढ़ावा मिलता रहा। अमेरिका के कई अविष्कारों ने एक से एक अविष्कार किए। कई अविष्कारक प्रवासी थे, जैसे की आइंस्टाइन।
  • औद्योगीकरण
अमेरिका मे बड़े पैमाने मे औद्योगीकरण हुआ जिस कारण अमेरिका की औद्योगिक शक्ति और उत्पादक क्षमता आसमान छूने लग गई। द्वितीय विश्व युद्ध मे अकेले अमेरिका की औद्योगिक और उत्पादक क्षमता ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान को मिलाने से भी अधिक थी। इसी कारण अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध मे भी विजयी बना।
  • द्वितीय विश्व युद्ध
अमेरिका के द्वितीय विश्व युद्ध मे भाग लेने के कारण और विजय बनकर उभरने के कारण विश्व की नज़र मे वह विश्व शक्ति बना। अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध मे अपनी सैन्य और औद्योगिक शक्ति का बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
  • रूस से दुश्मनी
रूस के साथ दुश्मनी के कारण अमेरिका मे अपनी सैन्य शक्ति, औद्योगिक शक्ति पर ध्यान दिया ही, वही शोद्ध अनुसंधान पर और खर्चा किया। इसी कारण अमेरिका चाँद पर पहुँचने वाला पहला राष्ट्र बना।
  • शातिर रणनीतिज्ञ
अमेरिका काफी शातिर है। विश्व राजनीति मे कहा कोनसा दाव खेलना है और कैसे फायदा हो, यह उसे पता है। मध्य पूर्व के तेल व्यापार पर नियंत्रण पाकर उसने यह सिद्ध किया।

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