कुछ बातें जो सबको पता होना चाइये भारत मे

औरते पीरियड्स के दौरान मंदिर मे पैर नहीं रख सकती।

लड़का अपने से कम कमाने वाली लड़की से ही शादी करता है।

घर के दो बच्चो मे से एक इंजीनियर या डॉक्टर तो बनेगा ही बनेगा।

कितनी भी अच्छी नौकरी क़र लो या खुश रह लो पर लोग तुम्हे सेटल शादी करने के बाद ही मानेंगे।

एक तरफ़ा रोड को भी दोनों तरफ देख क़र पार करना पड़ता है।

रोड पर आप किस नहीं क़र सकते पर सरे आम मूत जरूर सकते हो।

रिश्तेदार बस नाक मे दम करने के लिए ही होते है।

साल भर पोल्लुशण को ले क़र रो सकते है पर दिवाली पर सब जायज है।

मंगलवार और गुरुवार को नॉन वेज नहीं खाना है।

आई फोन वाले लोग अमीर ही होते है।

क्या शिव लिंग पुरुष शरीर के अंग को दर्शाती है ! Untold Facts Of Shiv Linga


मैं आज शिवलिंग के बारे में बताना चाहूंगा जिसके बारे में ज़्यादातर लोग कुछ गलत ही समझते हैं |
1. क्या शिव लिंग पुरुष शरीर के अंग को दर्शाती है ?
नहीं, शिव लिंग पुरुष शरीर के अंग के समान नहीं है। यह लिंग का प्रतिनिधित्व नहीं करता है जिसे कई लोगों द्वारा माना और कहा जाता है। यह अफवाह ग्यारहवीं शताब्दी के बाद गैर हिंदुओं द्वारा फैलाया गया था |
2. शिव लिंग का असल अर्थ क्या है ?
शिवलिंग एक संस्कृत शब्द है ना की हिंदी शब्द। संस्कृत में, लिंग या लिंगम का अर्थ है “प्रतीक”। लेकिन हिंदी में लिंग का मतलब कुछ अलग है । तो भाषा बदलने के कारण लोग इसे कुछ और ही समझने लगे ।
3. शिवलिंग का क्या महत्व है ?
आरम्भ में ऋषि लोग दीपक की ज्योति पर ध्यान केंद्रित कर के मैडिटेशन किया करते थे | पर यह करना काफी कठिन होता था जैसे की कभी कभी तेज़ हवा चलने के कारण ध्यान एक जगह केंद्रित नहीं हो पता था | फिर उन्होंने शिवलिंग के ऊपर ध्यान लगाना शुरू किया क्यूंकि यह आध्यात्मिकता, विश्वास, ऊर्जा और अनंत की सीमा का प्रतीक है | आज भी कई लोग शिवलिंग पर ध्यान केंद्रित करके मैडिटेशन किया करते हैं |
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