दुनिया की सबसे महंगी सब्जी | World Most Expensive Vegetable

दुनिया में कई तरह की सब्जियां हैं कुछ सब्जियां जो हम नॉर्मल लाइफ में रोजाना खाते हैं। लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी हैं। जिसके दाम के बारे में सुनकर आप दंग रह जाएंगे। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे दुनिया की सबसे महंगी सब्जी के बारे में। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
हॉप शूट्स।आपको बता दें की ये सब्जी दुनिया की सबसे महंगी सब्जी हैं। आमतौर पर यह सब्जी 1000 यूरो प्रति किलो बिकती है यानी भारतीय रुपये में कहें तो इसकी कीमत 80 हजार रुपये किलो के आसपास है। इसे खरीद पाना नॉर्मल इंसान के बस में नहीं हैं।आपको बता दें की इस हॉप का इस्तेमाल जड़ी-बूटी के तौर पर भी किया जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल दांत के दर्द को दूर करने से लेकर टीबी के इलाज तक में होता रहा है। हॉप में ऐंटीबायॉटिक की प्रॉपर्टी पाई जाती है जो इंसान के हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इससे शरीर की कई बीमारियां दूर हो जाती हैं और इंसान खुद को सेहतमंद महसूस करता हैं।यह सदाबहार सब्जी है जो साल भर उगाई जा सकती है। लेकिन ठंडी के मौसम को इसके लिए ठीक नहीं माना जाता है। मार्च से लेकर जून तक इसकी खेती के लिए आदर्श समय मान…

आसमान से हवाई जहाज़ या रॉकेट जैसी दिखने वाली चीज, जो गुज़रने के बाद, सफ़ेद सी लकीर दिखती है, वो क्या होती है


 

क्या आपने कभी स्पष्ट नीले आकाश में एक हवाई जहाज या रॉकेट को उड़ते देखा है? रॉकेट के गुज़रने के बाद वो आसमान की बनी सफ़ेद लकीर को हम बचपन में तो बड़े आश्चर्य से देखते थे. कोई उसे रॉकेट का धुआं मानता था, तो कोई बर्फ़ की लकीर, क्योंकि यह आकाश में एक सफेद लकीर को पीछे छोड़ देता है। पर ​हम में से शायद अब भी कोई जानता हो कि वो असलियत में होती क्या है।तो आइये इसके बारे में जानते है।
जो सफेद लकीरें हैं वे वास्तव में कृत्रिम बादल हैं। वे कांट्रेल्ज़ (contrails) कहलाते हैं, जो “ कॉंडेन्सेशन ट्रेल (condensation trail)" वाक्यांश का एक छोटा संस्करण है। हवाई जहाज के इंजन धुएं का उत्पादन करते हैं, जैसे कार इंजन करते हैं। जब गर्म धुआँ एक विमान से निकलता हैं तब धुएं में जल वाष्प, हवा से टकराती है। 26,000 फीट या उससे अधिक की ऊंचाई पर, हवा बेहद ठंडी होती है (कभी-कभी -40 ° F से भी अधिक!)। ठंडी हवा जल वाष्प को संघनित (Condensed) करती है।
इसका मतलब यह है कि जल वाष्प गैसें छोटी पानी की बूंदों में बदल जाती हैं या यहां तक ​​कि अंत में वाष्पीकरण से पहले छोटे बर्फ के क्रिस्टल में जम जाती हैं। यह संघनित जल वाष्प और बर्फ के क्रिस्टल के मिश्रण से आकाश में आपके द्वारा देखे जाने वाले बादल जैसे निशान बन जाते हैं।
कांट्रेल्ज़ (Contrails) तेज़ हवा की वजह से अपनी जगह से खिसक भी जाती है, ज़रूरी नहीं है कि वो वहीं दिखे जहां से जहाज़ गुज़रा था.

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