Most Interesting Facts About Human Behavior

If you want to know who is the most important person in the group, notice the one who has the least body movements. Human behavioral studies suggest that a person who loses their cell phone experiences a panic similar to a near death experience If you want to know about the man observe him when he is alone and if you want to know about the woman observe her when she is with people. When in a public place, if someone keeps looking at you so much it’s becoming frustrating, just look at their shoes…like, for a long time; this will make them feel so uncomfortable, they'll probably back off. An instant change in mood from happiness to sad indicates that you’re missing someone.
  Women who have mostly male friends stay in a good mood more often
People who spend a lot of time on the internet are more likely to be depressed, lonely and mentally unstable. People are more likely to cry at night because lack of sleep makes emotions hard to control.
Not all risks are the same. The same person…

कैलाश पर्वत के शिखर पर चढ़ने में कोई पर्वतारोही सफल क्यों नहीं हो पाया? उनकी असफलता का कारण क्या है? What is the reason for failure mount Kailash climbing




सोचने वाली बात है कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को अभी तक 4000 से ज्यादा लोग फतेह कर चुके है जिसकी ऊंचाई 8848 मीटर है लेकिन कैलाश पर्वत को आज तक किसी ने भी फतेह नही किया जिसकी ऊंचाई सिर्फ 6638 मीटर है। ज्यादातर लोग इसको आध्यात्मिक कारणों से जोड़ते है।
लगभग सभी, कैलाश पर्वत के पास के देशों में इसके लिए धार्मिक कारण माने गए है। जैसे कि -
हिन्दू धर्म - इस धर्म के ज्यादातर लोग मानते है कि कैलाश पर्वत पर शिव जी निवास करते है औऱ इसीलिए कोई जीवित इंसान वहाँ ऊपर नही पहुँच सकता। मरने के बाद अथवा वह जिसने कभी कोई पाप न किया हो, केवल वही कैलाश फतेह करेगा।
जैन धर्म - इस धर्म के लोगो का मानना है कि आदिनाथ जी को मोक्ष की प्राप्ति कैलाश पर हुई थी इसीलिए उनके जितना ही कोई काबिल वहां पहुँच सकता है।
बुद्ध धर्म - इस धर्म के लोग कैलाश पर्वत को भगवान बुद्ध का निवास मानते है।
तिब्बत - तिब्बत के लोग इसे ऐतिहासिक धार्मिक कहानियों से जोड़ते हैंं। इन कहानियों में कैलाश न फतेह होने की कहानी शामिल है।
इस तरह इन धर्मो ने ईश्वरीय शक्ति को इसका कारण मान लिया है। जो लोगोंं को पर्वत की चोटी पर पहुचने से रोकतीं है। इसी कारण से चीन ने भी कैलाश की चढ़ाई पर अब प्रतिबंध लगा दिया है।
जानने वाली बात यह कि ऐसे बहुत से जाने माने पर्वतारोही है जिन्होंने उसे चढ़ने की कोशिश की औऱ आधी ही दूरी से उनका वापिस लौटने का मन करने लगा।
वैज्ञानिक या मनोवैज्ञानिक कारण - अगर कोई मुझसे इसका कारण पूछेगा तो मुझे लगता है इसका कारण पूरी तरह मनोविज्ञानिक है। लोग फतेह नहींं कर पाते क्योंंकि उनको इन कहानियों के बारे में पहले से पता होता है। जैसे कि जब कोई एवेरेस्ट की चढ़ाई करता है तो उन्हें पता होता है कि जब इतने सारे लोगोंं ने कर दिया तो मैं क्यों नहींं कर सकता इसीलिए बुरी परिस्थितियों में भी वह हिम्मत एकत्रित करते हैंं। वही कैलाश में उनके अंदर भय पहले से ही रहता है कि अगर मैं ऊपर पहुंंच गया तो क्या सच में ईश्वर मुझे इसका दंड देंगे।
उदाहरण के लिए इटालियन पर्वतारोही Reinhold Messner जिन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन पर्वतारोहियों में से एक माना जाता है। इन्होंने बिना ऑक्सिजन के एवेरेस्ट फतेह किया था और 8000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई के सारे पर्वत फतेह किये है। इसीलिए चीन ने इनको कैलाश चढ़ने की अनुमति दी लेकिन जब उन्होंने ये कहानियों को जाना तो तुरंत मना कर दिया।
इसके अलावा कैलाश पर्वत का स्लोप (कोण) भी 65 डिग्री से ज्यादा है। जबकि एवेरेस्ट में यह 40 - 60 तक है जो इसकी चढ़ाई और मुश्किल बनाता है।
कारण धार्मिक हो या मनोवैज्ञानिक लेकिन इस कारण कैलाश पर चढ़ने की हिम्मत कोई भी नहींं करेगा।

Comments