अनोखे और रोचक तथ्य ! Unique and interesting facts

अगर आप “Goldfish” को अंधेरे कमरे में रखोगे, तो ये अपना रंग खो देगी.
अमेरिका का झंडा एक school project के लिए 17 साल के बच्चे ने डिज़ाइन किया था. जिसमें उसको सिर्फ B- मिला. “Anatidaephobia” उस भयंकर डर को कहते हैं,
जब आपको लगता है कि कही, कोई बत्तक आप पर नज़र रख रहा हैं. 2022 में Mars (मंगल ग्रह) पर एक trip जाएगी, जिसके लिए अभी से 1 लाख लोगो ने apply कर रखा हैं. इनके वापिस आने की कोई गारंटी भी नही.

शरीर पर अधिक बाल होना, बुद्धिमता से जुड़ा हुआ हैं.
जापान में गोद लिए गए 98% बच्चे लड़के होते हैं.
क्योकिं ये बाद में बिजनेस में सहायता करते हैं.
 महिलाएं अपनी जिंदगी का एक साल तो ये decide करने में लगा देती हैं कि क्या पहने.
 हर साल शार्क द्वारा 12 मनुष्य मारे जाते हैं, जबकि हर घंटे मनुष्य द्वारा 11,417 शार्क मारी जाती हैं.
रोज़ 1 can soda पीने से आपको 2 types के Diabeties होने के चांस 22% तक बढ़ जाते हैं.
लोग सबसे ज्यादा creative रात में होते हैं और सबसे कम creative दोपहर में होते हैं.
 एक भारतीय आदमी ने यह दावा किया है कि उसने 70 साल तक न तो कुछ खाया हैं और न ही कुछ पिया हैं,कई test …

अगर चंद्रमा पर परमाणु विस्फोट किया जाए तो क्या होगा ! What Happens If a Nuclear Explosion On The Moon




वास्तव में 1950 के दशक में यू. एस. एयरफोर्स ने चांँद पे एक परमाणु परीक्षण करने के बारे में विचार किया था। हालाँकि ,प्रोजेक्ट ए119 के नाम से जाने वाले इस एकमात्र परीक्षण से चंद्रमा पे थोड़ा ही असर पड़ता।

सी.एन.एन. के एक इंटरव्यु में जब लियोनार्ड रिफेल जो कि ,इस प्रोजेक्ट में एक वैग्यानिक थे, से पूछा गया कि क्या हम चंद्रमा को कोई नुकसान पहुँचाने में अथवा, उसकी कक्षा से बाहर ढ़केलने में सक्षम हैं तो उनका जवाब था कि ,दरअसल हमारे पास, इतने परमाणु हथियार हैं ही नहीं। चाँद को उसकी कक्षा से ढकेलने के लिये ,लगभग 100 खरब मेगाटन अौर, कुछ गंभीर नुकसान पहुँचाने के लिये लगभग 10 अरब टी.एन.टी. की जरूरत पड़ेगी।
सत्तर के दशक में एक टेलीविजन शो स्पेस: 1999 (Space: 1999) इसी तरह की कहानी पे बना था जिसमें एक परमाणु दुर्घटना की वजह से चाँद अपनी कक्षा से निकल के अंतरिक्ष में चला जाता है। बेशक यह बस एक शो में ही हो सकता है , वास्तविकता में नहीं।
हमें चाँद की रेडियो-सक्रियता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। यह कॉस्मिक किरणों और सूर्य की विकिरणों के लिये खुला हुआ है और पृथ्वी के वायुमंडल की तरह इसके पास कोई सुरक्षा कवच भी नहीं है। नासा ने 2009 में ल्यूनर रिकॉनसेंस अॉर्बिटर (Lunar Reconnaissance Orbiter) भेजा था और इसका एक काम चाँद के वातावरण में विकिरण के बारे में तथ्य जुटाना था। इसकी कम ही संभावना है कि परमाणु विस्फोट करने से विकिरण स्तर पे कुछ ज्यादा असर पड़ेगा।
इमानदारी से कहूँ तो यह ऊँट के मुँह में जीरा समान होगा।

Comments