भारत के बारे में कुछ रोचक तथ्य ! Untold Facts Of INDIA

भारत के बारे में कुछ रोचक तथ्य: भारत ने अपने 10 हजार साल के इतिहास में किसी देश पर पहले हमला नही किया, जबकि यह हथियारों का सबसे बड़ा आयातक है।भारत अकेला ऐसा देश है जहाँ किसी भी चीज पर उसका M.R.P लिखा होता है।भारतीय रेल, कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से संसार की सबसे बड़ी संस्था है जिसमें लगभग 16 लाख से भी अधिक कर्मचारी काम करते है, जो कई देशों की जनसंख्या से भी ज्यादा है।‘श्रीकांत जिचकार’ भारत के सबसे पढ़े लिखे व्यक्ति है। इनके पास IAS, IPS, वकील, डॉक्टर समेत 20 डिग्री थी, 25 साल की उम्र में ये MLA भी बने। 2004 में इनका देहांत हो गया।कमल का फूल भारत के साथ-साथ वियतनाम का भी राष्ट्रीय फूल है।भारत में लगने वाले कुम्भ के मेले में 10 करोड़ से अधिक लोग आए थे, जो एक जगह एकत्रित हुई आज तक की सबसे अधिक जनसंख्या है। यह भीड़ इतनी ज्यादा थी कि अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रही थी।भारत के केरल राज्य के ‘Kodinhi’ गांव में 2000 घरों में 200 से ज्यादा जुड़वां बच्चे है। किसी को भी इसका कारण नही पता।भारत में 100 शादियों में से सिर्फ 1 का ही तलाक होता है, जो दुनिया में सबसे कम है।भारत में हर साल 14 नव…

अगर चंद्रमा पर परमाणु विस्फोट किया जाए तो क्या होगा ! What Happens If a Nuclear Explosion On The Moon




वास्तव में 1950 के दशक में यू. एस. एयरफोर्स ने चांँद पे एक परमाणु परीक्षण करने के बारे में विचार किया था। हालाँकि ,प्रोजेक्ट ए119 के नाम से जाने वाले इस एकमात्र परीक्षण से चंद्रमा पे थोड़ा ही असर पड़ता।

सी.एन.एन. के एक इंटरव्यु में जब लियोनार्ड रिफेल जो कि ,इस प्रोजेक्ट में एक वैग्यानिक थे, से पूछा गया कि क्या हम चंद्रमा को कोई नुकसान पहुँचाने में अथवा, उसकी कक्षा से बाहर ढ़केलने में सक्षम हैं तो उनका जवाब था कि ,दरअसल हमारे पास, इतने परमाणु हथियार हैं ही नहीं। चाँद को उसकी कक्षा से ढकेलने के लिये ,लगभग 100 खरब मेगाटन अौर, कुछ गंभीर नुकसान पहुँचाने के लिये लगभग 10 अरब टी.एन.टी. की जरूरत पड़ेगी।
सत्तर के दशक में एक टेलीविजन शो स्पेस: 1999 (Space: 1999) इसी तरह की कहानी पे बना था जिसमें एक परमाणु दुर्घटना की वजह से चाँद अपनी कक्षा से निकल के अंतरिक्ष में चला जाता है। बेशक यह बस एक शो में ही हो सकता है , वास्तविकता में नहीं।
हमें चाँद की रेडियो-सक्रियता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। यह कॉस्मिक किरणों और सूर्य की विकिरणों के लिये खुला हुआ है और पृथ्वी के वायुमंडल की तरह इसके पास कोई सुरक्षा कवच भी नहीं है। नासा ने 2009 में ल्यूनर रिकॉनसेंस अॉर्बिटर (Lunar Reconnaissance Orbiter) भेजा था और इसका एक काम चाँद के वातावरण में विकिरण के बारे में तथ्य जुटाना था। इसकी कम ही संभावना है कि परमाणु विस्फोट करने से विकिरण स्तर पे कुछ ज्यादा असर पड़ेगा।
इमानदारी से कहूँ तो यह ऊँट के मुँह में जीरा समान होगा।

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