आखिर क्यों मच्छर झुंड में सिर पर मंडराते हैं ! Why the mosquitoes roam on the head

अभिषेक सिंह (Abhishek Singh)
ऐसा हमने जरूर बचपन मे देखा होगा और सोचा भी होगा की आखिर क्यों ऐसा मेरे साथ हो रहा है। सबसे अजीब बात ये की उस जगह से भागने पर भी वापस सिर पर मंडराने लगते थे। लेकिन शायद ही अब कोई ध्यान देता हो, मगर ऐसा अभी भी होता ही हैं कि मच्छर आपके सिर पर कई बार मंडराते हैं। ऐसी आदत न केवल मच्छरों है कि होती है बल्कि अन्य मक्खियों और कीड़े भी ऐसा करते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। यदि यह मादा मच्छर है, तो यह आपके सिर पर मंडराती है क्योंकि यह कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य पदार्थों (पसीना, गंध और गर्मी सहित) में रुचि रखता है जिसे आप लगातार निकालतेे हैं। उनके एंटीना पर सेंसर लगे होते हैं जो इन चीजों का पता लगाते हैं और भोजन के स्रोत का पता लगाने में उनकी मदद करते हैं। मच्छर विशेष रूप से ऑक्टेनॉल (मानव पसीने में पाया जाने वाला एक रसायन) के शौकीन हैं, इसलिए यदि आपको बहुत पसीना आ रहा होता हैं, तो आप इनके आसान लक्ष्य बन जाते हैं। कभी-कभी, आपने देखा होगा कि बगीचे में अपने दोस्तों से बात करते समय, मच्छरों का झुंड विशेष रूप से आपके सिर के ऊपर मंडरा रहा होता है और दूसरो…

दुनिया की सबसे अनसुलझी रहस्यमयी घटनाएं ! Unsolved Mysteries Of World


 

6 इंच का छोटा नरकंकाल-
चिली में घोस्ट टाउन से मसहूर एक जगह है जहाँ एक 6 इंच का नर कंकाल पाया गया था। इस नरकंकाल के दांत पत्थर जैसे मजबूत थे।बहुत सारे रिसर्च के बाद यह मान लिया गया था वह कंकाल इंसान का ही था। लेकिन सवाल यह उठता है कि इतने छोटे इंसान के दांत कैसे हो सकते हैं। आज भी यह रहस्य अनसुलझा ही है।
आसमान से हुई ‘मीट के टुकड़ों’ की बारिश-
साल 1876 में बाथ कंट्री के रंकिन में अचानक से मीट के टुकड़ों की बारिश होने लगी थी। आसमान से मीट के टुकड़े गिरने लगे थे। नेवार्क साइंटिफिक एसोसिएशन ने इन टुकड़ों की जांच कर पाया कि ये टुकड़े घोड़े या किसी नवजात के हैं। लेकिन असलियत किसी को पता नहीं चल पाई।
एक ऐसा छेद जिसमें समा जाती है आधी नदी-
"द डेविल्स केटल" नाम से प्रसिद्द इस छेद में नदी का आधा पानी समा जाता है। लेकिन आज तक दुनिया का कोई भी वैज्ञानिक और विज्ञान यह पता कि यह पानी आखिर जाता कहाँ है?
तैराकी के दौरान गायब हो गए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री-
हेराल्ड होल्ड 22 महीने तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री रहे, उन्हें आखिरी बार चेवियट बीच पर देखा गया था. उस समय वो वहां तैराकी का आनंद ले रहे थे. लेकिन उसके बाद अचानक वो वहीँ से गायब हो गए उन्हें ढूंढने के लिए पुलिस, ऑस्ट्रेलियन नेवी डाइवर्स, एयर फाॅर्स हेलिकॉप्टर्स भी लगाए गए। लेकिन हेराल्ड का कोई निशान नहीं मिला।
1518 का ‘डांसिंग प्लेग’?
कहा जाता है कि 1518 में एल्सासे के स्ट्रासबर्ग में डांसिंग प्लेग फैला था। यह एक ऐसी बिमारी थी जिसमें लोग कई महीनों तक बिना रुके डांस करते रहे थे। इस दौरान कइयों की मौत हार्ट अटैक और स्ट्रोक्स की वजह से हो गई थी। इस प्लेग के रहस्य से कभी पर्दा नहीं हट पाया।

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