आप ऐसा क्या जानते हैं जो किसी को नहीं पता ! What do you know that nobody knows?

Abhijit Nimse,
1. चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है। 2. जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती हैं। 3. 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती। 4. बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता। 5. कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता। 6. स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते हैं। 7. सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है। 8. जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागते। 9. फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है। 10. आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते हैं। 11. अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो। 12. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है। 13. 85% लोग सोने से पहले वो सब सोचते हैं जो वो अपनी जिंदगी में करन…

इतिहास में सबसे रोचक युद्ध कौन सा रहा है और क्यों













इतिहास का वो सबसे छोटा और रोचक युद्ध, जो महज 38 मिनट में ही समाप्त हो गया था।

युद्ध:- ये शब्द सुनते ही आंखों के सामने भयानक मंजर छा जाता है,हमारे इतिहास में कई युद्ध हुए है जिनकी आज भी चर्चा होती है। इन्हीं में एक इंग्लैंड और जांजीबर के बीच लड़ा गया युद्ध भी है जिसे इतिहास का सबसे छोटा और रोचक युद्ध भी कहा जाता है।

क्यों और कैसे हुई युद्ध की शुरुआत ?

कहा जाता है कि 1890 में जांजीबार को लेकर ब्रिटेन और जर्मनी के बीच संधि पर हस्ताक्षर किए गए जिसके अनुसार ब्रिटेन पूर्वी अफ्रीका में अपने साम्राज्य का विस्तार करना चाहता था और यही वजह थी जिसके कारण उसे जांजीबर की सत्ता सौंप दी गई तथा तंजानिया का भूभाग जर्मनी के पास चला गया।

1893 में जांजीबर की देखभाल का जिम्मा हमद बिन तुवानी को सौंपा गया और करीब तीन साल उन्होंने काफी शांतिपूर्ण तरीके से वहां शासन किया। 25 अगस्त 1896 को तुवानी की मौत हो गई और इसके कुछ ही समय बाद तुवानी के भतीजे खालिद बिन बर्गश ने खुद को जांजीबार का सुल्तान घोषित कर दिया। ऐसा माना जाता है कि सत्ता के लोभ में आ कर खालिद ने तुवानी को जहर दे दिया था।

खालिद के सुल्तान बनने से ब्रिटिश अधिकारी बिल्कुल भी खुश नहीं थे, जिस वजह से चीफ डिप्लोमेट बेसिल केव ने खालिद को पद से हटने को कहा पर खालिद ने चीफ का आदेश मानने की बजाय करीब 3000 सैनिकों को हथियार के साथ महल की सुरक्षा में खड़ा कर दिया । केव ने शांतिपूर्वक तरीके से मसले को सुलझाने की बहुत कोशिश की लेकिन खालिद किसी भी कीमत पर सुल्तान की गद्दी छोड़ने को तैयार न था। दूसरी ओर केव को ब्रिटिश सरकार की ओर से साम, दाम,दंड,भेद से जंग जीतने का आदेश मिल चुका था।

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