दुनिया की सबसे महंगी सब्जी | World Most Expensive Vegetable

दुनिया में कई तरह की सब्जियां हैं कुछ सब्जियां जो हम नॉर्मल लाइफ में रोजाना खाते हैं। लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी हैं। जिसके दाम के बारे में सुनकर आप दंग रह जाएंगे। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे दुनिया की सबसे महंगी सब्जी के बारे में। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
हॉप शूट्स।आपको बता दें की ये सब्जी दुनिया की सबसे महंगी सब्जी हैं। आमतौर पर यह सब्जी 1000 यूरो प्रति किलो बिकती है यानी भारतीय रुपये में कहें तो इसकी कीमत 80 हजार रुपये किलो के आसपास है। इसे खरीद पाना नॉर्मल इंसान के बस में नहीं हैं।आपको बता दें की इस हॉप का इस्तेमाल जड़ी-बूटी के तौर पर भी किया जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल दांत के दर्द को दूर करने से लेकर टीबी के इलाज तक में होता रहा है। हॉप में ऐंटीबायॉटिक की प्रॉपर्टी पाई जाती है जो इंसान के हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इससे शरीर की कई बीमारियां दूर हो जाती हैं और इंसान खुद को सेहतमंद महसूस करता हैं।यह सदाबहार सब्जी है जो साल भर उगाई जा सकती है। लेकिन ठंडी के मौसम को इसके लिए ठीक नहीं माना जाता है। मार्च से लेकर जून तक इसकी खेती के लिए आदर्श समय मान…

क्यों चीन इतना अमीर है और भारत इतना गरीब ! Why is China so rich and India so poor



एक जमाना था जब चीन में मानव अधिकार नहीं थे, वहां के तानाशाह माओ ने 2 करोड़ लोगों की जान भुखमरी के माध्यम से ले ली थी | यूँ तो चीन के पास उस वक्त भी कई प्राकृतिक संसाधन थे , लेकिन 1979 में चीन ने दुनिया के सामने अपनी उस शक्ति का प्रचार किया, जो उसका भविष्य बदलने वाला था |
वो शक्ति थी चीन की जनसँख्या | चीन के पास युवाओं की फ़ौज थी, उन्होंने दुनिया को कहा की आप अपनी फैक्ट्री चीन में लगाइए , हम आपको दुनिया में सबसे सस्ता लेबर (मजदूर) प्रदान करेंगे |
चीन में फैक्ट्री लगाना बेहद आसान हो गया , चूँकि चीन में कम्युनिस्ट शासन था, और कम्युनिस्ट शासन में जमीन की निजी स्वामित्व नहीं होती है | चीन ने अपने विशाल देश की जमीने कौड़ियों के दाम पर विदेशी कंपनियों को दे दी | तत्काल प्रभाव से “मेड इन चाइना” मुहीम ने रफ़्तार पकड़ ली | और उसका परिणाम क्या हुआ हम सभी जानते है |
ऐसा भारत में हम नहीं कर सकते थे, किसी की जमीं छीन कर वहां फैक्ट्री लगाने का फैसला कोई सरकार लेती , तो देश में क्रांति ही हो जाती | हाल ही में भूमि अधिग्रहण कानून मोदी सरकार ने वापस ले लिया | और भारत में तगड़े मजदुर कानून है | मजदूरों के अधिकारों, बोनस, पी ऍफ़ इत्यादि के कड़े प्रावधान है |
केवल यही एक अंतर था जिसने चीन को वर्तमान में हमसे आगे पहुंचा दिया है |
भारत बिल्कुल गरीब है ऐसा भी नहीं है, भारत की गरीबी में काफी सुधार हुआ है , 1991 के बाद से गरीबी घटी ही है , बढ़ी नहीं है | कई राज्य ऐसे है जहाँ मुफ्त के राशन या फिर सरकारी माल के लिए 3 मंजिला घर में रहने वालो ने भी बी पी एल कार्ड बनवा लिया है | भारत में गरीबी एक समस्या जरुर है लेकिन भारत की गरीबी उतनी भी नहीं है जितना हम दिखाते हैं | बहुत से लोगों ने शासकीय लाभ प्राप्त करने के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया है जिससे गरीबी के आंकड़े विश्वसनीय नहीं है |

Comments