महिलाएं पुरुषों के किन अंगों को देखकर आकर्षित होती हैं ! Which parts of men are attracted by women?

मनोज लालवानी (Manoj Lalwani),


बात महिलाओं की पसन्द की है तो बहुत सारे विकल्प होने ज़रूरी हो जाते हैं। क्योंकि चुनने के लिए कम विकल्प होने से अधिकांश महिलाएँ तनाव में आ जाती हैं। यह विकल्प, सौभाग्यवश, बहुतेरे और सशरीर मौजूद हैं। अगर पुरुष के अंगों का ज़िक्र होगा तो उनका शरीर अपने आप आएगा। सबसे पहले बात करते हैं पुरुष शरीर की। मगर उस से पहले बात करनी पड़ेगी महिला की चाह की। क्योंकि महिला की चाह पुरुष का विशेष अंग नहीं होता, बल्कि उनका अंग प्रत्यंग होता है। और सिर्फ़ अंग प्रत्यंग ही नहीं, उसके साथ ना जाने कितने और रंग ज़रूरी हैं। तो बात करते हैं पुरुषों के इन्हीं अंग-प्रत्यंग, रंग-ढंग की महिलायें, पुरुष की उस चीज़ की तरफ़ सबसे ज़्यादा खिंचाव महसूस करती हैं, जिस चीज़ की वो ख़ुद में कमी पाती हैं। वैसे यह सिद्धान्त हम सभी पर लागू होता है “हम उसी और खिंचे चले जाते हैं, जिस की हम ख़ुद के जीवन में कमी पाते हैं।” चूँकि बात यहाँ महिलाओं की है तो हम उन्ही की बात करते हैं। सबसे पहली कमी जो लगभग हर महिला को पुरुष की तुलना में खलती है। वो है “क़द” महिलाएँ ख़ुद से लम्बे पुरुषों की तरफ़ आकर्षित होती ह…

क्यों चीन इतना अमीर है और भारत इतना गरीब ! Why is China so rich and India so poor



एक जमाना था जब चीन में मानव अधिकार नहीं थे, वहां के तानाशाह माओ ने 2 करोड़ लोगों की जान भुखमरी के माध्यम से ले ली थी | यूँ तो चीन के पास उस वक्त भी कई प्राकृतिक संसाधन थे , लेकिन 1979 में चीन ने दुनिया के सामने अपनी उस शक्ति का प्रचार किया, जो उसका भविष्य बदलने वाला था |
वो शक्ति थी चीन की जनसँख्या | चीन के पास युवाओं की फ़ौज थी, उन्होंने दुनिया को कहा की आप अपनी फैक्ट्री चीन में लगाइए , हम आपको दुनिया में सबसे सस्ता लेबर (मजदूर) प्रदान करेंगे |
चीन में फैक्ट्री लगाना बेहद आसान हो गया , चूँकि चीन में कम्युनिस्ट शासन था, और कम्युनिस्ट शासन में जमीन की निजी स्वामित्व नहीं होती है | चीन ने अपने विशाल देश की जमीने कौड़ियों के दाम पर विदेशी कंपनियों को दे दी | तत्काल प्रभाव से “मेड इन चाइना” मुहीम ने रफ़्तार पकड़ ली | और उसका परिणाम क्या हुआ हम सभी जानते है |
ऐसा भारत में हम नहीं कर सकते थे, किसी की जमीं छीन कर वहां फैक्ट्री लगाने का फैसला कोई सरकार लेती , तो देश में क्रांति ही हो जाती | हाल ही में भूमि अधिग्रहण कानून मोदी सरकार ने वापस ले लिया | और भारत में तगड़े मजदुर कानून है | मजदूरों के अधिकारों, बोनस, पी ऍफ़ इत्यादि के कड़े प्रावधान है |
केवल यही एक अंतर था जिसने चीन को वर्तमान में हमसे आगे पहुंचा दिया है |
भारत बिल्कुल गरीब है ऐसा भी नहीं है, भारत की गरीबी में काफी सुधार हुआ है , 1991 के बाद से गरीबी घटी ही है , बढ़ी नहीं है | कई राज्य ऐसे है जहाँ मुफ्त के राशन या फिर सरकारी माल के लिए 3 मंजिला घर में रहने वालो ने भी बी पी एल कार्ड बनवा लिया है | भारत में गरीबी एक समस्या जरुर है लेकिन भारत की गरीबी उतनी भी नहीं है जितना हम दिखाते हैं | बहुत से लोगों ने शासकीय लाभ प्राप्त करने के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया है जिससे गरीबी के आंकड़े विश्वसनीय नहीं है |

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