भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य ! What strange facts about Indian women

भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य मनोज लालवानी (Manoj Lalwani),   औरतें प्रेम करने के लिए बनी हैं, समझने के लिए नहीं। – ऑस्कर वाइल्ड - औरतों की रहस्यताओं पर विराम लगाता हुआ यह कथन काफ़ी हद तक सही प्रतीत होता है। औरत से प्रेम करो आपको उनको समझने की ज़रूरत ही ख़त्म हो जाएगी। समझ के करना क्या है? क्यूँ जटिलता बढ़ाएँ? प्रेम करो बदले में प्रेम पाओ। आदर दो, आदर पाओ। संक्षेप में दिल लगाओ, दिमाग़ मत लगाओ। जीवन को आसान बनाओ। पर चूँकि दुनिया है, लोग हैं, सोचें हैं, भिन्नता है तो जीवन इतना आसान भी नहीं जान पड़ता है। हर व्यक्ति की भिन्न भिन्न विचारधारा है। औरत के व्यक्तित्व की जटिलताओं के बारे में इतना ज़्यादा लिखा गया है कि वो ब्रह्माण्ड का सफ़र पूरा कर के आने जैसा है। औरत का व्यक्तिव वो जहाँ निवास करती हैं उस देश व काल के अनुसार परिभाषित होता है। भारतीय महिलाएँ भी भिन्न नहीं है उनकी भी कुछ व्यक्तिपरक विशेषताएँ हैं। आइए उनके व्यक्तित्व के पहलुओं पर तथ्यपरक नज़र डालते हैं। इनमें कुछ तथ्य देसी हैं तो कुछ तथ्य सार्वभौमिक। कुर्सी की पेटी बाँध लीजिए, सफ़र लम्बा व उतार चढ़ाव वाला है। दुनियादा…

क्या दवाइयाँ सच में एक्सपायर होती हैं ! Do medicines really expire

Note: जिन दवाओं की समाप्ति तिथि (Expiry date) गुज़र गई हों वो दवाइयां ना लें। यह उत्तर केवल आपकी जानकारी के लिए है।


जी दवाइयां एक्सपायर होती है . पर वैसे नही जैसा हम उन्हें समझते है। 1979 में USFDA ने ऐसा क़ानून बनाया कि ड्रग निर्माताओं को समाप्ति तिथि लिखना अनिवार्य हो गया।
समाप्ति तिथि का अर्थ है कि . कोई भी ड्रग निर्माता उसकी समाप्ति तिथि तक . उन दवाओं का पूरी तरह से असरदार होने की गारंटी लेता है। पर ज्यादातर दवाइयां समाप्ति तिथि के बाद भी ठीक रहती है . और उन्हें लिया जा सकता है।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस की बात करें तो . भारत मे ज्यादातर टैबलेट (solid dose) की समाप्ति तिथि 3 सालों तक दी जाती है। जब इनकी stability testing की जाती है . तो इन्हें अलग अलग रख रखाव के तापमान और आद्रता के पैमानों पर टेस्ट किया जाता है . जिससे इनकी समाप्ति तिथि का अनुमान लगाया जा सके।
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़ . कई दवाइयां अपने समाप्ति तिथि के 15 वर्षो बाद तक भी ठीक रहती है।   
इन्होंने सेना को दी जाने वाली महँगी दवाओं पर . एक रिसर्च किया जिसमें ये पाया गया कि सेना को . इतनी जल्दी दवाएं बदलने की ज़रूरत नही है।
आपको यह भी बता दूं कि . कई दवाओं में overages भी मिलाई जाती है। कुछ दवाओं  खाद्य पदार्थ समय के साथ बिगड़ते है और उनमें API (active pharmaceutical ingredients)  की मात्रा कम होती जाती है। इससे निपटने के लिए कुछ अतिरिक्त मात्रा मिलाई जाती है जिससे वो अपनी समाप्ति तिथि तक असरदार रहे।
अगर 15 सालों की बात न भी माने तो कम से कम समाप्ति के 1 साल बाद तक ड्रग्स ख़राब नही होते। जब इनकी stability testing की जाती है तब इन्हें एक साल के extended period तक रखा जाता है। इसमें ज्यादातर ड्रग्स 1 साल के बाद भी बिलकुल पहले की तरह असरदार होती है।
कुछ बातें ध्यान रखने योग्य :
  • जब आप कोई दवा ले तो उसे उसमे दिए गए निर्देशो के अनुसार ही स्टोर करें। इससे उनकी shelf life बनी रहती है। अत्यधिक गर्मी या ठंड में दवाओं की stability पर असर पड़ता है।
  • अगर कोई विशेष निर्देश न हो तो सूखी, ठंडी जगह पर रखे, प्रकाश से दूर।
  • केवल कुछ दवाओं को ही रेफ्रीजिरेटर में रखने की ज़रूरत होती है। ये ज्यादातर बायोलॉजिकल ड्रग्स होती है।

Comments