मानव शरीर के बारे में रोचक तथ्य ! Human body facts in Hindi

मानव शरीर के बारे में रोचक तथ्य/ Human body facts in Hindi काले रंग वाले लोगो को गोरे रंग वाले लोगो की तुलना मे दिल के दौरे पडने का खतरा कम होता है।पूरे दिन के मुकाबले जब हम सुबह उठते हैं तब हम लगभग आधा इंच ज्यादा लंबे होते हैं।महिलाओं का दिल और दिमाग पुरूषो दिल व दिमाग की तुलना में छोटा होता है।हमारे फ़ेफ़डे एक दिन मे लगभग 20Kg हवा Filter करते है।हमारी आंखे 10 लाख अलग-अलग रंगो को पहचान सकती है।जब हम अपनी पलक झपकाते है तो हमें कुछ समय अंधेरा दिखाई देता है,इसी पलक झपकाने से हम अपनी जिन्दगी के 5 साल अंधेरे में बिता देते है।शुक्राणु मानव शरीर की सबसे छोटी कोशिका है।मानव मस्तिष्क का 80% भाग पानी का बना होता है।एक बूंद खून में 25 करोड कोशिकाएं पाई जाती है।हमारे शरीर मे हमारा खून एक दिन मे लगभग 20,000 KM तक दौडता है।हमारा ह्रदय खून को 30 Feet तक उछाल सकता है।मानव ह्रदय एक दिन मे लगभग 1,15,100 बार धडकता है।हमारे हाथ के का नाखुन बाकी अंगुलियो के नाखून के मुकाबले धीरे-धीरे बढ़ता है,जबकि हमारे हाथ की बीच वाली अंगुली का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है।हमारे पेट मे उपस्थित हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक ब…

Facebook ने बदल दी है पॉलिसी, मैसेज में कुछ भी भेजने से पहले यह रिपोर्ट पढ़ें





अगर आपको भी दंगा भड़काने और उल्टे-सीधे मैसेज फेसबुक पर भेजने की आदत है तो सावधान हो जाइए। डाटा लीक होने के बाद से ही Facebook लगातार अपनी पॉलिसी का रिव्यू कर रहा है। पहले कंपनी ने फेसबुक ऐप में प्राइवेसी के लिए अलग से एक बटन दिया और वहीं अब कंपनी ने कहा है कि वह फेसबुक मैसेंजर में शेयर होने वाले सभी मैसेज को स्कैन करेगी और अगर कुछ आपत्तिजनक या कंपनी के नियमों के खिलाफ पाया जाता है तो उसे ब्लॉक किया जाएगा।

मार्क जुकरबर्ग ने इसकी जानकारी हाल ही में एक इंटरव्यू में दी है। उन्होंने कहा कि फेसबुक उन लोगों को ट्रैक करेगा जो सनसनी फैलाने वाले मैसेज या कंटेंट को फेसबुक मैसेंजर में भेजते हैं।वहीं ट्वीटर पर कुछ लोगों ने फेसबुक के इस नियम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसका मतलब यह है कि फेसबुक मैसेज को पढ़ेगा।

इस पर फेसबुक ने कहा है कि कंपनी मैसेज को इस्तेमाल विज्ञापन के लिए नहीं करेगी, बल्कि उसका मकसद सिर्फ आपत्तिजनक सामग्री को फैलने से रोकना है। दरअसल मैसेजेंर में शेयर वाले फोटो और वीडियो को कंपनी फोटो मैचिंग टेक्नोलॉजी की मदद से स्कैन करेगा ताकि वायरस और आपत्तिजनक कंटेंंट पर रोक लगाई जा सके।

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