Funny Whatsapp Status

I am not lazy, I am on energy saving mode…

God is really creative, I mean.. just look at me every time!

I’m not lazy, I am on energy saving mode.

Hey there whatsapp is using meee,.

When your phone are 1% battery & anyone who sends a message, Or calling, Becomes the enemy ..

Fact: Ph on silent mode- 10 Missed call..Turns volume to loud- Nobody calls all day!

Hmmm…..Don’t copy my status.

80% of boys have girlfriends.. Rest 20% boys are having brain.

If nobody hates U, then you are doing something boring.

Never laugh at your wife’s choices… you are one of them,,

Totally available!! Please disturb me!!!!

HEY, U ARE READING MY STATUS AGAIN??

My style is unique don’t copy it plz!

If money grew on trees, then girls would be dating monkeys..!

I’m not failed, Because my success is lost.!

I may be fat, but u’re ugly – I can lose weight!

रास्ते पलट देते हैं हम ,जब कोई आकर यह कह दे K आगे चालान काट रहे हैं…

Parents spend the first part of our lives teaching us to walk and talk, and the rest of it telling us to…

Weird society where there is no death

एक ऐसा समाज, जहां नहीं होती है किसी की मौत, क्या है इसकी वजह



इस दुनिया में बहुत से देश हैं और वहां अलग-अलग धर्म और समाज के लोग रहते हैं. उनकी अलग-अलग मान्यताएं भी हैं. अलग-अलग रीति रिवाज भी हैं.
नए कपड़े पनाए जाते हैं
हर समाज में शादी से लेकर मौत तक के अनुष्‍ठान होते हैं. लेकिन हम आपको जिस समाज के बारे में बता रहे हैं, यहां के मरे हुए लोग भी कभी नहीं मरते हैं. आप सोच रहे होंगे ये कैसे हो सकता है, लेकिन हम आपको बता दें कि इस समाज के लोग अपने मृतकों को कभी मृत नहीं मानते हैं.
समाजशवों को निकाला जाता है उनकी कब्र से
यह अजीबो-गरीब परंपरा इंडोनेशिया की है. यहां टोराजान समाज के लोग हर साल अपना पर्व ‘मानीने’ मनाते हैं. इस उत्सव में वे अपने मृत रिश्‍तेदारों, परिजनों के शवों को उनकी कब्र से खोदकर निकालते हैं और फिर उन्‍हें नए कपड़े पहनाते हैं.
परिजन खुद निकालते हैं इन शवों को
इसके बाद उन्‍हें पूरे गांव में एक जुलूस के रूप घुमाया जाता है. इस रस्म में उन शवों को कपड़े पहनाने से पहले नहलाया भी जाता है. इसी के साथ ही परिजन इस शवों के लिए सिगरेट भी लाते हैं. इस रस्म के पीछे यहां के लोगों का विश्वास है कि यह उत्‍सव एक प्रकार से जीवन का उत्‍सव है.
धूमधाम से मनाया जाता है ये उत्सव
उनका मानना है कि ऐसा करने से मृतकों के साथ आपके अच्‍छे संबंध बनते हैं. ये समाज ये भी मानता है कि जब भी वे मृतकों का ध्‍यान रखते हैं, मृतात्‍माएं उन्‍हें आर्शीवाद देती हैं.
कई दिनों तक रखते हैं अपने घरों में
इतना ही नहीं, वापस दफनाने से पहले कुछ लोग तो अपने प्रियजनों के शवों को काफी दिनों तक अपने घरों में संभालकर रखते हैं.

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