दुनिया के अलग अलग हिस्सो में शादी के अजीब नियम ! Strange rules of marriage in different parts of the world

दुनिया के अलग अलग हिस्सो में शादी के अजीब नियम कौन से हैं?


मंगोलिया मे शादी करने से पहले युवा जोड़े एक साथ एक चाकू पकड़ कर एक चिकन (मुर्गी के बच्चा) को मरते हैं। इसके बाद उस मारे चिकन के शरीर से लीवर को खोज कर निकालना होता हैं। अगर लीवर स्वस्थ हैं तो युवा अपनी शादी का दिन खुद निर्धारित करेंगे अन्यथा उन्हे फिर से चिकन को मारना होगा। भारत मे कई जगह मान्यता हैं की जब कोई लड़की मांगलिक होती हैं तो जिस व्यक्ति के साथ उसकी शादी होगी वह जल्दी मर जाएगा। इस लिए उस मांगलिक लड़की की शादी एक पेढ के साथ कर दी जाती हैं और फिर उस पेड को काट दिया जाता हैं। इसके बाद माना जाता हैं की लड़की का मांगलिक दोष समाप्त हो गया हैं। चाइना मे शादी के एक महिना पहले से दुल्हन रोज एक घंटे के लिए रोटी हैं फिर दस दिन बाद दुल्हन की माँ दुल्हन के साथ एक घाटे के लिए रोटी हैं उसके दस दिन बाद दुल्हन की दादी भी रोना प्रारम्भ कर देती हैं। और शादी के दिन घर की सभी महिलाए रोना प्रारम्भ कर देती हैं। दक्षिणी सुडान मे पति पत्नी की सदी जब तक मान्य नहीं होती हैं जब तक पत्नी दो बच्चो को जन्म न दे दे। अगर पत्नी दो बच्चो…

Weird society where there is no death

एक ऐसा समाज, जहां नहीं होती है किसी की मौत, क्या है इसकी वजह



इस दुनिया में बहुत से देश हैं और वहां अलग-अलग धर्म और समाज के लोग रहते हैं. उनकी अलग-अलग मान्यताएं भी हैं. अलग-अलग रीति रिवाज भी हैं.
नए कपड़े पनाए जाते हैं
हर समाज में शादी से लेकर मौत तक के अनुष्‍ठान होते हैं. लेकिन हम आपको जिस समाज के बारे में बता रहे हैं, यहां के मरे हुए लोग भी कभी नहीं मरते हैं. आप सोच रहे होंगे ये कैसे हो सकता है, लेकिन हम आपको बता दें कि इस समाज के लोग अपने मृतकों को कभी मृत नहीं मानते हैं.
समाजशवों को निकाला जाता है उनकी कब्र से
यह अजीबो-गरीब परंपरा इंडोनेशिया की है. यहां टोराजान समाज के लोग हर साल अपना पर्व ‘मानीने’ मनाते हैं. इस उत्सव में वे अपने मृत रिश्‍तेदारों, परिजनों के शवों को उनकी कब्र से खोदकर निकालते हैं और फिर उन्‍हें नए कपड़े पहनाते हैं.
परिजन खुद निकालते हैं इन शवों को
इसके बाद उन्‍हें पूरे गांव में एक जुलूस के रूप घुमाया जाता है. इस रस्म में उन शवों को कपड़े पहनाने से पहले नहलाया भी जाता है. इसी के साथ ही परिजन इस शवों के लिए सिगरेट भी लाते हैं. इस रस्म के पीछे यहां के लोगों का विश्वास है कि यह उत्‍सव एक प्रकार से जीवन का उत्‍सव है.
धूमधाम से मनाया जाता है ये उत्सव
उनका मानना है कि ऐसा करने से मृतकों के साथ आपके अच्‍छे संबंध बनते हैं. ये समाज ये भी मानता है कि जब भी वे मृतकों का ध्‍यान रखते हैं, मृतात्‍माएं उन्‍हें आर्शीवाद देती हैं.
कई दिनों तक रखते हैं अपने घरों में
इतना ही नहीं, वापस दफनाने से पहले कुछ लोग तो अपने प्रियजनों के शवों को काफी दिनों तक अपने घरों में संभालकर रखते हैं.

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