आप ऐसा क्या जानते हैं जो किसी को नहीं पता ! What do you know that nobody knows?

Abhijit Nimse,
1. चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है। 2. जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती हैं। 3. 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती। 4. बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता। 5. कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता। 6. स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते हैं। 7. सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है। 8. जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागते। 9. फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है। 10. आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते हैं। 11. अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो। 12. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है। 13. 85% लोग सोने से पहले वो सब सोचते हैं जो वो अपनी जिंदगी में करन…

Manmohan Singh Biography In Hindi

मनमोहन सिंह की जीवनी | Manmohan Singh Biography In Hindi 


Manmohan Singh – मनमोहन सिंह भारत के 14वे प्रधानमंत्री बने। मनमोहन सिंह महान विचारो वाले व्यक्तित्व के धनि थे। अच्छा दृष्टिकोण रखने वाले परिश्रमी व् शैक्षणिक दृष्टिकोण रखने वाले नम्र आचरण वाले व्यक्ति है।

प्रधानमंत्री मनमोहन का जन्म 26 सितम्बर 1932 में पंजाब के एक गाव में हुआ। उनकी शिक्षा 1948 में पंजाब यूनिवर्सिटी से हुई। अच्छे नंबरो से पास होने के कारण उन्हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी UK में प्रवेश मिल गया। जहा उन्होंने अर्थशात्र की डिग्री ली (1957)।

मनमोहन सिंह की जीवनी –  Manmohan Singh Biography in Hindi

मनमोहन जी ने 1962 में न्यूफील्ड कॉलेज,ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से डी.फिल किया। 1964 में उन्होंने “इंडिया एक्सपोर्ट ट्रेंड एंड प्रॉस्पेक्टस फॉर सेल्फ ससटेंड ग्रोथ” नाम से पुस्तक लिखी जिसे क्लेरेंडॉन प्रेस ने प्रकाशित की।
मनमोहनजी पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्षो तक शैक्षणिक प्रत्यायक के रूप में चमकते रहे। एक संक्षिप्त कार्यकाल में UNCTAD सचिवालय के रूप में अच्छी तरह से इन वर्षो में दिल्ही स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में प्रतिष्ठित हुए।

1987 से 1990 के बिच में उन्हें जिनेवा में सेक्रेटरी जेनरल ऑफ़ साउथ कमिशन के पद के लिए नियुक्त किया गया।
1971 में भारत सरकार द्बारा मनमोहन सिंह जी को आर्थिक सलाहकर वाणिज्य मंत्रालय के लिए नियुक्त किये गए। इसको देखते हुए 1972 में उन्हें मुख्य सलाहकार, वित्त मंत्रालय में नियुक्त किया। इनकी नियुक्ति बहुत से पदों के लिए हुई जैसे की वित्तमंत्री, उपसभापति, योजन मंत्री, रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में, प्रधानमंत्री के सलहाकार के रूप में।
1991 से 1996 के बिच पाच वित्त मंत्रीयो ने मिलकर आर्थिक मंदी हटाकर भारत को पुन्ह स्थापीत किया। इन्होने भारत के लिये आर्थिक योजना बनाई जो पुरे विश्व में मान्य है। उन्होंने अपने कार्यालय के दौरान अपने सहयोग से विकट परिस्थितियों से भारत को निकला था।
मनमोहनजी को पब्लिक करिअर में कई अवार्ड मिले जिसमे 1981 में पद्म विभूषण, 1985 में जवाहरलाल नेहरु शताब्दी अवार्ड शामिल है। वित्त मंत्री के पद में 3 साल रहने के कारण उन्हें एशिया मनी अवार्ड भी मिला।
वर्ष के बेस्ट वित्त मंत्री के लिए यूरो मनी अवार्ड भी मिला। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में आदम स्मिथ पुरस्कार से सम्मानित हुए, जॉन कॉलेज कैंब्रिज में राइट पुरस्कार मिला। अपने अतुल्य प्रदर्शन के लिए मनमोहनजी को कई संस्थानों द्वारा सम्मानित किया गया जिसमे से जापान के निहोन कीजै शिम्बुन भी शामिल है। मनमोहनजी ने कई डिग्री हासिल की है जिसमे से ऑक्सफ़ोर्ड और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से मिली डिग्रीया शामिल है।
मनमोहनजी ने कई अन्तराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1993 में उन्होंने मानव अधिकार के लिए विएना में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया।
मनमोहनजी अपने राजनितिक करिअर में 1991 में राज्यसभा के सदस्य बने। 1998 से 2004 तक वे विपक्ष नेता रहे। 22 मई 2004 में मनमोहनजी ने प्रधानमंत्री पद ग्रहण किया।

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