कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

एक ऐसा अजीब देश जहा मर्द करते हैं गुलामी महिलाओं का !! Strange Country


एक ऐसा अजीब देश जहा मर्द करते हैं गुलामी

महिलाओं के   !! Strange Country




दुनिया में भले ही कोई भी पुरुष किसी महिला की गुलामी नहीं करना चाहता हो लेकिन इस दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां पुरुष सिर्फ महिलाओं की गुलामी करते हैं। इतना ही नहीं, जिन्हें महिलाओं की गुलामी करने में मजा आता है, वे यहां आकर खुश रहते हैं। हैरानी वाली बात यह है कि इस देश में महिलाएं ही शासन करती हैं और पुरुष जीवनभर उनके गुलाम ही रहते हैं।पुरुषों को गुलाम बनाकर रखने वाले इस देश का नाम है ‘अदर वर्ल्ड किंगडम’हैं जो 1996 में एक यूरोपीय देश, चेक रिपब्लिक, से अलग होकर बना था। हालांकि इस भू-भाग को देश भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि दुनिया के अन्य राष्ट्रों ने इसे किसी देश का दर्जा नहीं दिया है।

इस देश की रानी पैट्रीशिया-1 है, जिसका यहां एकछत्र राज चलता है। यहां की मूल निवासी का दर्जा सिर्फ महिलाएं को ही मिलता है और पुरुषों का प्रवेश इस देश में केवल गुलामों के तौर पर होता है। यहां पुरुषों को गुलामों के अलावा और कुछ भी नहीं समझा जाता। इस देश में दूसरे देश से आए पुरुषों को रानी के बैठने के लिए सोफा बनना पड़ता है, जिस पर वह बैठती हैं।

यही नहीं, यहां अगर पुरुषों को शराब पीना है तो ऐसा करने से पहले उसे अपनी मालकिन के पैरों में शराब चढ़ानी पड़ती है और इसके बाद ही गुलाम इसे पी सकता है। यहां कोई भी काम महिलाओं की इजाजत के बिना पुरुष नहीं कर सकते, वहीं पुरुषों के लिए सख्त कानून भी बने हैं और जो पुरुष इन कानूनों का पालन नहीं करता उन्हें सख्त सजा से गुजरना पड़ता है।

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