कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

Myanmar Untold Facts !! कुछ रोचक बाते जो आपको जरुर जानना चाहिए !! हिंदी



MYANMAR(Burma) UNTOLD FACTS कुछ रोचक बाते जो आपको जरुर जानना चाहिए -हिंदी



म्यांमार को जानने वाले इस बात को भी बखूबी जानते हैं कि इस देश को कभी बर्मा के नाम से जाना जाता था. इस देश की राजधानी का नाम भी बदलता रहा जो कभी रंगून और कभी यांगून रहा. अब इसकी राजधानी नैप्यीदा है.

इसके उत्तर में चीन, पश्चिम में भारत, बांग्लादेश एवंम् हिन्द महासागर तथा दक्षिण एवंम पूर्व की दिशा में इंडोनेशिया देश स्थि

त हैं।

बर्मी भाषा में, ब्रह्मदेश को म्यन्मा या बमा  नाम से जाना जाता है।ब्रिटिश राज के बाद इस देश को अंग्रेजी में 'बर्मा' कहा जाने लगा। सन् १९८९ मे देश की सैनिक सरकार ने पुराने अंग्रेजी नामों को बदल कर पारंपरिक बर्मी नाम कर दिया।
म्यान्मार दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे बड़ा देश है, जिसका कुल क्षेत्रफ़ल ६,७८,५०० वर्ग किलोमीटर है। म्यान्मार विश्व का चॉलीसवां सबसे बड़ा देश है।
वहां आंग सान सू की नामक नेत्री महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर आगे की ओर बढ़ रही हैं. 'द लेडी' के नाम से मशहूर इस नेत्री को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया जा चुका है.
                                     

म्यांमार की कुछ बातें जो उसे दूसरे देशों से अलग कतार में खड़ा करती हैं-


म्यांमार की 89 फीसदी जनता बौद्ध धर्म को मानती है. भारत से शुरू होकर बौद्ध धर्म आज पूरी दुनिया में फैल गया है लेकिन म्यांमार में उसके अनुयायियों की तादाद बहुत ज्यादा है.
म्यांमार में रेगिस्तान के अलावा सबकुछ है. सब कुछ बोले तो यहां की भौगोलिक खूबसूरती बेजोड़ है. पहाड़ियों की श्रृंखला, झरने और झील यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं.
यहां लंबे समय तक सैन्य शासन रहा है. साल 1962 तक म्यांमार में सेना का शासन रहा है, और यहां की अवाम ने सैन्य शासन के खिलाफ लंबा संघर्ष किया है.
 बच्चों के जन्म के 7 दिनों के भीतर उनका नामकरण नहीं किया जाता.
यहां लोग सोमवार, शुक्रवार और जन्मदिन के मौके पर बाल नहीं कटवाते.
यहां एक डॉलर की कीमत 1031.60 लोकल क्यात है. क्यात यहां की करेंसी है.
यहां के पैगोडा दुनिया भर से सैलानियों को आकर्षित करते हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स ने खूबसूरती के मामले में इस देश को पूरी दुनिया में तीसरा स्थान दिया है.
म्यांमार में मोटापे को स्वास्थ्य का पैमाना माना जाता है. अब इसे अच्छी बात नहीं कहेंगे तो फिर क्या कहेंगे!

आशा करता हु दोस्तों आपको यह जानकारी पसंद आया .


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