Funny Whatsapp Status

I am not lazy, I am on energy saving mode…

God is really creative, I mean.. just look at me every time!

I’m not lazy, I am on energy saving mode.

Hey there whatsapp is using meee,.

When your phone are 1% battery & anyone who sends a message, Or calling, Becomes the enemy ..

Fact: Ph on silent mode- 10 Missed call..Turns volume to loud- Nobody calls all day!

Hmmm…..Don’t copy my status.

80% of boys have girlfriends.. Rest 20% boys are having brain.

If nobody hates U, then you are doing something boring.

Never laugh at your wife’s choices… you are one of them,,

Totally available!! Please disturb me!!!!

HEY, U ARE READING MY STATUS AGAIN??

My style is unique don’t copy it plz!

If money grew on trees, then girls would be dating monkeys..!

I’m not failed, Because my success is lost.!

I may be fat, but u’re ugly – I can lose weight!

रास्ते पलट देते हैं हम ,जब कोई आकर यह कह दे K आगे चालान काट रहे हैं…

Parents spend the first part of our lives teaching us to walk and talk, and the rest of it telling us to…

ब्रिक्स में भारत की बड़ी कामयाबी, पीएम मोदी ने पाकिस्तान इस तरह दिया बड़ा झटका

 
ब्रिक्स में भारत की बड़ी कामयाबी, पीएम मोदी ने पाकिस्तान इस तरह दिया बड़ा झटका
 
 चीन में शुरू हुए नौंवे ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन के दौरान भारत को बड़ी कामयाबी मिली है और पीएम मोदी अपनी बात मनवाने में सफल रहे। ब्रिक्स घोषणापत्र में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर, हक्कानी नेटवर्क, जैश-ए-मोहम्मद द्वारा की जा रही हिंसा की निंदा की गई।
ब्रिक्स के इस घोषणापत्र से पाकिस्तान को झटका लग सकता है क्योंकि ये सारे आतंकी संगठन पाकिस्तान से ही संचालित होते हैं। यह घोषणापत्र इसलिए भी अहम है क्योंकि चीन कई बार जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर यूएन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने की दिशा में रोड़े अटका चुका है। 
घोषणा पत्र में  कहा गया है,  ''हम ब्रिक्स देशों समेत पूरी दुनिया में हुए आतंकी हमलों की निंदा करते हैं। हम हर प्रकार के आतंकवाद की निंदा करते हैं, चाहे वो कहीं भी घटित हुआ हो। इनके पक्ष में कोई तर्क नहीं दिया जा सकता। हम इस क्षेत्र में तालिबान, आईएस, लश्कर-ए-तैयबा, जैश ए मोहम्मद, तहरीक-ए-तालिबान, हिज्ब-उत-ताहिरअल-कायदा द्वारा की जा रही हिंसा की निंदा करते हैं और इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित है।'
विदेश मंत्रालय की सचिव प्रीती सरन ने बताया कि आतंकवाद को लेकर इस बार केवल पीएम मोदी ने ही नहीं बल्कि सभी ब्रिक्स देशों ने जोर दिया। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है कि आतंकी संगठनों के नामों का विशेष तौर पर जिक्र किया गया है। प्रीती सरन ने बताया, 'सिक्यॉरिटी काउंसिल और आईएमएफ के रिफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर दिया। पीएम मोदी ने ब्रिक्स लीडरशीप को महत्वपूर्ण बताया। इस बार ब्रिक्स सम्मेलन में पहली बार आतंकी संगठनों की सूची बनाई गई है। सभी ब्रिक्स देशों ने साथ मिलकर आतंकवाद का सामना करने की बात की।'
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय मुलाकात भी हुई जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। वार्ता के दौरान रूस और भारत के बीच पर्यटन के बढ़ावे को लेकर बात हुई। इससे पहले सम्मेलन में भारत का पक्ष रखते हुए करते हुए पीएम मोदी ने सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एकजुट रहने पर ही शांति और विकास संभव होगा। पीएम मोदी ने आतंकवाद को मुख्य मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, ' ब्रिक्स के पांचों देश समान स्तर के हैं और शांति के लिए सभी देशों को आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। हमारा मिशन गरीबी को हटाना, स्वास्थ्य, सफाई, कौशल, खाद्य सुरक्षा, लैंगिक समानता, शिक्षा सुनिश्चित करना है। हमने कालेधन के खिलाफ लड़ाई छेड़ी।  ब्रिक्स देश आईएसए के साथ मिलकर सोलर एनर्जी पर काम कर सकते हैं।'
वहीं चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सहभागिता के बिना बहुत सी वैश्विक चुनौतियों का हल सफलतापूर्वक नहीं संभव है। उन्होंने कहा कि जब विश्व में इतने बदलाव हो रहे हैं तो BRICS का सहयोग इस वक्त और महत्वपूर्ण बन गया है। चिनफिंग ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय मतभेदों के बावजूद ब्रिक्स के सभी 5 देश विकास के एक ही स्तर पर हैं। इस दौरान  पीएम मोदी के अलावा मेजबान राष्ट्राध्यक्ष ने सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति माइकल टेमर और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकोब जुमा का भी  औपचारिक स्वागत किया

आपको बता दें कि रविवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के उद्घाटन भाषण में चिनफिंग ने कहा था कि ब्रिक्स देशों को भू-राजनीतिक मुद्दों को सुलझाने की प्रक्रिया में रचनात्मक हिस्सा लेकर उचित योगदान करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं इस बात से आश्वस्त हूं कि जब हम सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समग्र दृष्टिकोण अपनाएंगे और इसके लक्षण तथा मूल कारणों से निपटेंगे तब आतंकियों के छिपने की जगह नहीं होगी।'

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