Untold Facts Of Rajasthan ! राजस्थान के अनकहे तथ्य!

राजस्थान के बारे में ये बातें आप बिल्कुल भी नहीं जानते होंगे जब भी भारत में कोई विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं या भारत के दूसरे राज्यों के लोग भारत में घूमना चाहते हैं तो उनमें सबसे पहला नाम राजस्थान का आता है| वह राजस्थान जिसे राजाओं की भूमि भी कहा जाता है. भारत के सभी राज्यों में राजस्थान एक महत्वपूर्ण राज्य है, रंग रंगीला राजस्थान अपनी नायाब खूबसूरती, शानदार किलो और महलों के कारण सदैव ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है| Amazing Facts of Rajasthan भारत के सबसे बड़े राज्य में से एक राजस्थान को रंगो की धरती भी कहा जाता है. प्राचीन राजस्थान का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है. राजपूतों ने राजस्थान के अनेकों भागों पर अपना कब्जा करके राज किया था इसीलिए तो राजस्थान को वीरों की धरती कहां जाता है| राजस्थान का थार मरुस्थल पूरे भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तान है. ज्यादातर भारतीय यही मानते हैं कि राजस्थान में सिर्फ रेगिस्तान ही है हरियाली नहीं है लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है क्योंकि राजस्थान में कई जगहों पर आपको हरियाली के मैदान नजर आएंगे. रोचक बात यह है कि राजस्थान में जल स्रोतों क…

साउथ एक्टर को 20 करोड़ तो एक्ट्रेस सिर्फ 2 करोड़, क्यों है फीस में इतना अंतर

South Actor 20 करोड़ तो Actress 2 करोड़, क्यों है फीस में इतना अंतर ?


बॉलीवुड की तरह साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी कई फिल्में बनती है. वहां पर भी यहाँ की तरह हीरो के ऊपर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. इनमे मेल एक्टर को ज्यादा फीस दी जाती है. वैसे बॉलीवुड की तरह साउथ की भी फिल्मो में एक्ट्रेस को इतनी कम फीस क्यों दी जाती है इसकी एक नहीं बल्कि कई वजह सामने आई है.
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साउथ फिल्म इंडस्ट्री में फीमेल प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स, स्क्रिप्ट राइटर्स और टेक्निशियंस बहुत कम हैं. ऐसे में साउथ में ऐसी कम ही फिल्में बनती हैं, जो वुमन सेंट्रिक हों या जिनमें हीरोइन को हीरो से ज्यादा स्क्रीन शेयर करने का मौका मिले. यही वजह है कि एक्ट्रेस को उनके काम में कम आका जाता है.
जिसके लिए उन्हें कम फीस ही दी जाती है. तेलूगु की टॉप एक्टर्स नयनतारा और   अनुष्का शेट्टी को एक फिल्म के लिए 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये दिए जाते है. वहीं, प्रभास, विजय, अजीत कुमार जैसे मेल एक्टर्स की फीस 20 से 30 करोड़ रुपये तक होती है.



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कैसे डिसाइड होती है एक्टर-एक्ट्रेसेस की सैलरी

साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कुछ स्टार्स की फीस जेंडर के अलावा ऑडियंस में उनकी पॉपुलैरिटी, प्रोड्यूसर के साथ रिलेशनशिप और बॉक्स ऑफिस पर हालिया रिलीज उसकी कुछ फिल्मों की परफॉर्मेंस के आधार पर तय होती है.

फिल्म इंडस्ट्री रखती है मायने

एक्टर और एक्टर्स की फीस इस बात पर भी डिपेंड करती है कि वो किस इंडस्ट्री में काम कर रहे है. सीनियर एक्टर मोहनलाल मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के हाइएस्ट पेड एक्टर हैं और उनकी फीस 2 करोड़ रुपये है. वहीं उनके कम एक्सपीरियंस वाले तेलूगु एक्टर राणा दग्गुबती को एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपये मिलते हैं. जबकि राणा तेलुगु फिल्म के टॉप एक्टर्स की लिस्ट में भी शामिल नहीं हैं.
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साउथ में तेलुगु और तमिल इंडस्ट्री की बात करें तो ये दोनों मलयालम और कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से काफी बड़ी हैं. ये भी एक वजह है कि तेलूगु और तमिल फिल्मों के स्टार्स को ज्यादा फीस, मलयालम और कन्नड़ एक्टर्स को कम पैसे मिलते हैं. तेलुगु और तमिल एक्टर्स की डिमांड भी ज्यादा रहती है.
तमिल के टॉप स्टार्स जैसे अजित और जोजफ विजय को एक फिल्म के लिए 20 करोड़ रूपए लेते है. वहीं कन्नड़ के टॉप एक्टर यश को एक फिल्म के लिए 10 करोड़ तो पुनीत राजकुमार को 8 करोड़ तक मिलते हैं. दर्शन और सुदीप जैसे एक्टर 6 करोड़ तक चार्ज करते हैं.
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मेनस्ट्रीम फिल्मो में एक्ट्रेस को उतना नहीं आक़ा जाता है. उनको सिर्फ उन फिल्मों में एक्साइटमेंट के लिए जाता है. नयनतारा सिर्फ एक ऐसी एक्ट्रेस है जिनको कम करने के लिए 3-4 करोड़ रुपये पेड किये जाते है. मलयालम और तेलगु फिल्मो की कई एक्ट्रेस को तो सिर्फ 30-40 लाख ही पेड किया जाता है. प्रोड्यूसर्स जान बुझ कर     एक्ट्रेस को कम पैसों में लेते है.
ऐसी फिल्में जो वुमन सेंट्रिक हैं. इनका बजट काफी कम होता है. प्रोड्यूसर को लगता है कि हीरो-सेंट्रिक फिल्म के कम्पेरिजन में ये फिल्में कम कमाई कर पाती हैं. ऐसी फिल्में आज भी सिर्फ प्रयोग के तौर पर ही बनाई जा रही हैं. अनुष्का शेट्टी की रुद्रमादेवी और प्रभास की बाहुबली इसके  उदाहरण हैं. कुछ इसी तरह की चीजें हॉलीवुड में भी देखने को मिलती हैं.
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बॉलीवुड की फिल्मों की बात करे, यहाँ पर कुछ ऐसी फिल्में भी बनी है जिसमे वुमन को ही मेन लीड में लिया गया है. वो फिल्में पिंक और दंगल थी. इस फिल्म में सारा क्रेडिट अमिताभ बच्चन और आमिर खान ले गए. अब यहाँ पर ये नहीं देखा जाता है कि किसने कितना काम किया है. बल्कि ये देखा जाता है कि लोगों के सामने किसकी ज्यादा मार्केटिंग होती है.

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