कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

दुनिया का सबसे कीमती और खतरनाक गड्ढा !! World's most precious and danger...

दुनिया का सबसे कीमती और खतरनाक गड्ढा

दुनिया का सबसे कीमती और खतरनाक गड्ढा!

ये है दुनिया का सबसे महंगा और कीमती गड्ढा है जिसकी कीमत अरबों रुपयों में है। वास्तव में यह दुनिया का सबसे खतरनाक गड्ढो में से एक है। इस गड्ढे की कीमत है करीब 1133 अरब रुपए। दुनिया का यह सबसे कीमती गड्ढा पूर्वी साइबेरिया में डायमंड सिटी के नाम से मशहूर मीर खान (माइन) में स्थित है।दरअसल, यह गड्ढा रूसी कंपनी अलरोसा का स्वामित्व वाली एक खदान है है। इस खदान की गहराई 1722 फिट है और इस गड्ढे का घेरा करीब साढ़े तीन किलोमीटर का है। इस खदान को इसलिए खतरनाक माना गया है क्योंकि यह आसमान में उड़ रहे हेलीकॉप्टर्स को अपनी तरफ खींच लेता है। मेल ऑनलाइन के लिए रोरी टिंगल लिखती हैं कि इसमें से इतने हीरे निकले कि इनकी बदौलत सोवियत रूस एक खस्ताहाल अर्थव्यवस्था से दुनिया की सुपरपॉवर बन गया।
इस खदान में वर्ष 2004 में ऑपरेशन रोक दिए गए थे। वर्ष 2004 के बाद इस खदान में अंडरग्राउंड टनल लगाए गए। इन अंडरग्राउंड टनल से वर्ष 2014 में 6 मिलियन कैरेट रफ डायमंड मिले। रूसी कंपनी अलरोसा पूरे विश्व में कुल उत्पन्न हीरों की चौथाई संख्या उत्पादित करती है।
इस खान से हर साल औसतन 2 लाख कैरेट हीरे निकलते हैं। जिनकी कीमत लगभग 20 मिलियन पाउंड होती है। इस गड्ढे के आस पास की खदानों में से विश्व के रफ (अनगढ़) डायमंड्स के 23 प्रतिशत हीरे निकलते हैं। इन खदान को तीन रूसी भूगर्भवेत्ताओं ने खोजा था जिन्हें उनकी खोज के लिए सर्वोच्च सम्मान लेनिन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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