कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

रामनाथ कोविन्द जीवन परिचय Biography In Hindi

रामनाथ कोविन्द जीवन परिचय

14th President of India since 2017

Ram Nath Kovind Biography In Hindi



रामनाथ कोविन्द india के 14th राष्ट्रपति हैं .

इस पद पर मनौनित होने से पहले वे बीजेपी के एक जाने माने सदस्य थे .और यह 2015 से 2017 तक बिहार के राज्यपाल के पद पर आसीन थे..साथ ही अपने कार्यो के प्रति समर्पित रहने के कारण इन्हे पार्टी मे एक सम्मानीय व्यक्तित्व का प्रतीक भी माना जाता हैं. तो चलिए जानते है उनके जीवन कहानी  
Ram Nath Kovind Personal Life



रामनाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला डेरापुर के एक छोटे से गाँव में हुआ था। रामनाथ कोविंद का बचपन बेहद गरीबी में बीता है। जब उनकी उम्र 5-6 वर्ष की थी तो उनकी मां की मौत हो गई थी। मां का साया छिनने के बाद उनके पिता ने ही उनका लालन-पालन किया।

रामनाथ कोविंद के पिता एक छोटे से मंदिर में पुजारी थे। पांच भाइयों में सबसे छोटे हे रामनाथ कोविंद ,बचपन से आदर्शवाद व समाज के हित में काम करने की शिक्षा अपने पिता से सीखी थी।

               

रामनाथ कोविंद की शिक्षा !




रामनाथ कोविंद ने अपने शुरुआती शिक्षा गांव में बने एक प्राइमरी स्कूल में की ।

कोविंद 13 साल की उम्र में 13 किमी चलकर आपने गाँव से कानपुर पढ़ने जाते थे।

रामनाथ कोविंद ने पढाई करते हुए बी.कॉम और एलएलबी की डिग्री हासिल की. ये डिग्री इन्होने कानपुर विश्वविद्यालय से हासिल की. कानपूर से लॉ की पढाई पूरी करने के बाद ये दिल्ली गये. दिल्ली में इन्होने IAS की परीक्षा दी, किन्तु इस प्रयास में इनके हाथ असफलता लगी. शुरु में दो बार असफलता लगने के बाद भी इन्होने हार नहीं मानी और तीसरी बार पुनः IAS एंट्रेंस की परीक्षा दी. इस बार ये सफल हुए, हालांकि इन्हें IAS पद नहीं मिला था. इन्होने नौकरी नहीं की और नौकरी की जगह लॉ का अभ्यास करना ही सही समझा.

                                  Career

इनकी राजनीती में भी काफी रूचि थी इसी कारण वर्ष 1991 में इन्होने बीजेपी ज्वाइन किया . 1998 से 2002 तक बीजेपी दलित वर्ग के अध्यक्ष रहे . साथ ही राष्ट्रिय स्तर पर कोली समाज के अध्यक्ष रहे .यह पार्टी के राष्ट्रिय प्रवक्ता के रूप में भी कार्यरत थे .
8 अगस्त 2015 को कोविंद जी को बिहार के राज्यपाल पद के लिये चुना गया . राज्यपाल के पद पर रहते हुये इन्होने कई प्रशंसनीय कार्य किये,   कोविंद अपना एक घर गांववालों को दान कर चुके हैं।
वर्ष 2017 में अमीत शाह ने इनका नाम राष्ट्रपति पद एवम वेंकैया नायडू का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए दिया और 20 जुलाई 2017 को कोविन्द जी ने राष्ट्रपति पद के लिए भारी मतों के साथ जीत हासिल की .





रामनाथ कोविंद को लौकी और पालक की सब्जी बहुत पसंद है। वे सादा खाना ही पसंद करते हैं। और मिठाई से परहेज करते हैं।
रामनाथ कोविन्द जी की उम्र 71 वर्ष हैं . इनके पिता स्वर्गीय माइकू एवम माता स्वर्गीय कलावती हैं . सविता कोविंद इनकी पत्नी हैं जिनसे इनका विवाह 30 मई 1974 को हुआ था .इनकी दो संतान हैं जिनके नाम प्रशांत एवं स्वाति हैं .
मुसीबतों को भेदते हुए कोविंद आज उस मुकाम पर खड़े हैं, जहां उनकी कलम से हिंदुस्तान की तकदीर लिखी जाएगी।बचपन बेहद गरीबी में बिता लेकिन उनके अन्दर की लगन ने आज उनको उस मुकाम तक पंहुचा दिया जो लोगों के मिसाल बन गयी है। अब राष्ट्रपति के रूप मे रामनाथ कोविन्द जी का सफर शुरू हो चुका हैं ,

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