क्यों बनाई जाती हैं मां दुर्गा की मूर्ति वेश्‍यालय की मिट्टी से?

विनय गोस्वामी (Vinay Goswami),
जी हाँ, ये बात न केवल सत्य है बल्कि इसके पीछे बहुत ही गहराई पूर्ण उद्देश्य भी है। यों तो दुर्गा पूजा या दुर्गा उत्सव सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाने वाला त्योहार है लेकिन इसकी शुरआत पश्चिम बंगाल से हुई थी। यह त्योहार पश्चिम बंगाल का मुख्य त्योहार है जिसमे बड़े बड़े पंडाल सजाकर उनमे मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा की जाती है। कलकत्ता का एक खास इलाका पूजा की मूर्तियों के निर्माण और निर्माण करने वाले कारीगरों के लिये पूरे भारत मे प्रसिद्ध है। विधि विधान से मां दुर्गा की मूर्ति बनाने की जो परंपरा सदियों से चली आ रही है उसके अनुसार जिस मिट्टी से प्रतिमा तैयार की जाती है उस मिट्टी में थोड़ी मिट्टी पवित्र गंगा के किनारे से, थोड़ी सी मिट्टी वेश्याओं के आंगन से और कुछ गौमूत्र और गोबर, इन सब को मिलाया जाता है। इसमे जो बात अनजान लोगों को अचम्भित करती है वो ये हां की इतनी पवित्र मूर्तियों मे वेश्याओं के आंगन की मिट्टी भला क्यों मिलाई जाती है ? यों तो इसके पीछे कई किंवदंतिया मशहूर है जिनमे से एक यह भी है कि- एक दफा एक वेश्या ने मां दुर्गा की अनन्य भक्ति की …

विश्व का सबसे बड़ा गांव ! World's largest village


भारत में बिहार-उत्तरप्रदेश की सीमा पर बसा गहमर गांव विश्व का सबसे बड़ा गांव है। गहमर गांव करीब 8 वर्गमील में फैला है। उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले का गहमर गांव फौजियों के गांव के रूप में भी जाना जाता है। साल 1530 बसा इस गांव की पॉपुलेशन करीब 1 लाख 20 हजार है।
आप को बता दें की गांव में शहर जैसी सारी सुविधाएं हैं। गांव में टेलीफोन एक्सचेंज, डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र हैं।आपको जानकर हैरानी होगी की गहमर गांव के 12 हजार फौजी भारतीय सेना में जवान से कर्नल तक पदों पर हैं।

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