सैटेलाइट फोन क्या है? क्यों यह बहुत महंगा है?

सैटेलाइट फोन….. 'सैटेलाइट फोन को सेटफोन के नाम से भी जाना जाता है,ये हमारे फोन्स की तुलना में अलग होते हैं। क्योंकि यह लैंडलाइन या सेल्युलर टावरों की बजाय सैटेलाइट (उपग्रहों ) से सिग्नल प्राप्त करते हैं'। ( चित्र सैटेलाइटफोन ) इनकी खास बात यह होती है कि इनके द्वारा किसी भी स्थान से काॅल किया जा सकता है। यह हर जगह उपयोगी साबित होते हैं चाहे आप सहारा मरुस्थल में ही क्यों न हों। कहा तो यह भी जाता है कि यह पानी के अंदर भी आसानी से सिग्नल प्राप्त कर सकने में समर्थ होते हैं। सेटेलाइट फोन बस थोड़ा स्लो होते हैं (हमारे मोबाइल फोन के मुकाबले) यानी बातचीत के दौरान इसमें थोड़ी सी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके द्वारा भेजे गए सिग्लन को सेटेलाइट तक जाने और वहां से वापस लौट कर आने में ज्यादा समय लगता है।हालांकि यह कमी बहुत ही नगण्य है। यह ज्यादातर आपदाओं के समय हमे काफी सहायक सिद्ध होते जब हमारे सिस्टम बहुत हद तक ख़राब हो गये होते हैं। क्या हम सेटेलाइट फोन खरीद सकते हैं….. भारत में सैटेलाइट फोन खरीदने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं भारत ही नहीं हर देश में इसके लिए अलग…

पाकिस्तान से कौन सी चीज़े भारत में आती है ! What things come from Pakistan in India




पाकिस्तान (Pakistan) के ताजे फल हमारे यहां खूब पसंद किये जाते हैं. उनकी यहां खासी मांग है. इसके अलावा व्रत का सेंधा नमक भी वहीं से आता है.
आखिरी वो दस कौन सी चीजें हैं जो पाकिस्तान से भारत आती हैं और यहां उनकी खूब डिमांड रहती है. ऐसे सामानों में ताज़े फल, सीमेंट और चमड़े के सामान शामिल हैं, जो ना केवल बड़े पैमाने में सीमा पार से यहां आते हैं और पसंद किये जाते हैं. हालांकि जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) पर भारत के फैसले से बौखलाए पाकिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित करने संबंधी जो धमकी दी है, उससे आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के निर्यात पर खासा प्रभाव पड़ सकता है.
अब आइए हम आपको बताते हैं कि कौन से वो दस सामान हैं जो पाकिस्तान से भारत आते हैं और यहां खूब बिकते हैं. वैसे ये भी जान लीजिए कि पाकिस्तान से भारत को आयात 2016-17 की तुलना में 2017-18 में बढ़ गया था. अगर पहले पाकिस्तान 455.5 बिलियन डॉलर का आयात भारत करता था तो 2017-18 में ये बढ़कर 488.5 मिलियन डॉलर हो गया.
ताजे फल खूब पसंद किये जाते हैं
2017 में पाकिस्तान से बडे़ पैमाने पर फल भारत आए. इसमें ड्राइफ्रूट्स, तरबूज और अन्य फल थे. पाकिस्तान के इन ताजे फलों का एक बड़ा बाजार भारत में है. यहां तक पाकिस्तान का आम भी भारत में ज्यादा पसंद किया जाता है. आंकड़े बताते हैं कि 2017 में 89.62 मिलियन डॉलर यानि 63 करोड़ के फल भारत ने खरीदे. पाकिस्तान से आने वाले फल आमतौर पर पहले कश्मीर या फिर दिल्ली की फल मंडी में आते हैं.
पाकिस्तान से भारत को निर्यात वर्ष 2016-17 की तुलना में 2017-18 में बढ़ा लेकिन अब 200 फीसदी की ड्यूटी लगने के बाद उस पर असर पड़ा है
व्रत का सेंधा नमक और सीमेंट की खासी मांग
दूसरे नंबर नमक, सल्फर, पत्थर, चूना और सीमेंट भारत में बिकता है. भारत में लोकप्रिय बिनानी सीमेंट पाकिस्तान में ही बनता है. वहीं व्रत में इस्तेमाल किया जाने वाला सारा सेंधा नमक भी पड़ोसी देश से भेजा जाता है. यहां तक तमाम सौंदर्य प्रसाधनों में इस्तेमाल होने वाली मुल्तानी मिट्टी पाकिस्तान से ही आती है.
तीसरे नंबर पर चमड़े के सामानों का नंबर है.
मेडिकल उपकरण भी आते हैं पाकिस्तान से
आपको हैरानी हो सकती है लेकिन पाकिस्तान हमें पेट्रोलियम उत्पाद और तेल भी भेजता है. हमारे देश में इस्तेमाल होने वाले चश्मों में भी बड़ी मात्रा में ऑप्टिकल्स पाकिस्तान से आते हैं. बहुत से मेडिकल उपकरण भी हम वहां से मंगाते हैं.
पाकिस्तान के कपड़े और शॉल भी भारत में काफी पसंद की जाती हैं
कॉटन की गांठ और तांबा
छठे नंबर पर पाकिस्तान बड़े पैमाने पर हमें कॉटन का निर्यात करता है. सातवें पायदान पर इस्पात और स्टील का नंबर है. जिस तांबे का हम इस्तेमाल करते हैं, वो भी खासी मात्रा में पाकिस्तान से ही आता है. नौवें नंबर पर गैर कार्बनिक केमिकल्स, मेटल कंपाउंड हम पाकिस्तान से मंगाते हैं. अब ये भी देख लें कि इस पायदान में दसवें नंबर पर क्या है. इस पायदान पर चीनी से बनने वाली कन्फैक्शनरी संबंधी चीजें हैं.
कौन से पाकिस्तानी ब्रांड्स हैं लोकप्रिय
अब हम ये भी जान लेते हैं कि कौन से पाकिस्तानी ब्रांड्स भारत में पसंद किये जाते हैं. ये ब्रांड्स कश्मीर में तो धडल्ले से मिलते ही हैं साथ ही उत्तर भारत में भी ये लोकप्रिय हैं. पाकिस्तान का एंब्राडयरी और कॉटन फैब्रिक ब्रांड बेरीजी के दो स्टोर दिल्ली में हैं. इसके अलावा जुनैद जमशेद भारत में पसंद किया जाता है.
यही नहीं लाहौर के कुर्ते, पेशावरी चप्पलें भी दिल्ली में बिकती हैं और इन्हें पसंद करने वाले भी कम नहीं.

Comments