क्यों बनाई जाती हैं मां दुर्गा की मूर्ति वेश्‍यालय की मिट्टी से?

विनय गोस्वामी (Vinay Goswami),
जी हाँ, ये बात न केवल सत्य है बल्कि इसके पीछे बहुत ही गहराई पूर्ण उद्देश्य भी है। यों तो दुर्गा पूजा या दुर्गा उत्सव सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाने वाला त्योहार है लेकिन इसकी शुरआत पश्चिम बंगाल से हुई थी। यह त्योहार पश्चिम बंगाल का मुख्य त्योहार है जिसमे बड़े बड़े पंडाल सजाकर उनमे मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा की जाती है। कलकत्ता का एक खास इलाका पूजा की मूर्तियों के निर्माण और निर्माण करने वाले कारीगरों के लिये पूरे भारत मे प्रसिद्ध है। विधि विधान से मां दुर्गा की मूर्ति बनाने की जो परंपरा सदियों से चली आ रही है उसके अनुसार जिस मिट्टी से प्रतिमा तैयार की जाती है उस मिट्टी में थोड़ी मिट्टी पवित्र गंगा के किनारे से, थोड़ी सी मिट्टी वेश्याओं के आंगन से और कुछ गौमूत्र और गोबर, इन सब को मिलाया जाता है। इसमे जो बात अनजान लोगों को अचम्भित करती है वो ये हां की इतनी पवित्र मूर्तियों मे वेश्याओं के आंगन की मिट्टी भला क्यों मिलाई जाती है ? यों तो इसके पीछे कई किंवदंतिया मशहूर है जिनमे से एक यह भी है कि- एक दफा एक वेश्या ने मां दुर्गा की अनन्य भक्ति की …

हार्ट अटैक होने से पहले हमारे शरीर को ऐसे कौनसे संकेत मिलते हैं जिससे हम सावधान हो जाएं ! What are the signs heart attack



हर्ट अटैक से मरने वाले अधिकतर लोगों को पहले से पता ही नहीं होता कि उन्हें दिल की बीमारी है, जबकि हर्ट अटैक से एक महीने पहले ही इसके लक्षण रोगी में दिखाई देने लगते हैं। अगर इन्हें समय रहते पता लिया गया तो रोगी का जान बचाई जा सकती है। आज हम आपको उन्हीं लक्षणों के बारे में बताने वाले हैं।
थकान – अगर आप किसी भी तरह का वर्कआउट नहीं करते या फिर आपने कोई भी ऐसा काम नहीं किया जिसमें ज्यादा मेहनत लगी हो और ऐसे में भी आपको काफी थकान महसूस हो रही हो तो समझ लीजिए कि आपको हर्ट अटैक आ सकता है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सांस लेने में दिक्कत – अगर आपको सांस लेने में दिक्कत आ रही हो तो यह भी हार्ट अटैक की निशानी हो सकती हो सकती है। दरअसल दिल के ठीक से काम न करने पर फेफड़ों तक उतनी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता जितनी उसको जरूरत होती है। इस वजह से व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत आने लगती है।
बाजुओं में दर्द होना – जब दिल को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती तो स्पाइन प्रभावित होने लगता है। इससे हार्ट, स्पाइन और बाजुओं से जुड़ी तंत्रिकाओं में कमजोरी आने लगती है। इस स्थिति में बाजुओं में दर्द रहने लगता है।
चक्कर आना – जब दिल में पर्याप्त रक्त नहीं पहुंचता तो रक्त प्रवाह कमजोर हो जाता है। ऐसे में दिमाग तक रक्त न पहुंच पाने की वजह से वहां ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसे में चक्कर आने की शिकायत शुरू हो जाती है।
सूजन – दिल को शरीर के बाकी अंगों तक रक्त पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। जिसकी वजह से अंगों में सूजन आने लगती है। इसलिए इन लक्षणों के दिखते ही डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

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