गेहूं और चावल दोनों में कौन अधिक पौष्टिक है ! Which is more nutritious in both wheat and rice

कुछ लोग रोटी खाने के तो कुछ लोग चावल के शौकीन होते है। क्योंकि ये ऐसे खाद्य पदार्थ है। जिसे साल के बारह महीने लोग खाना पसंद करते है, पर आज तक लोगों को सही से यह नहीं पता है कि रोटी और चावल इन दोनों अनाजों में से कौन ज्यादा बेहतर है। क्योंकि ये दोनों अनाज अपने आप में एक बेहतरीन भोजन का काम करते है। तो ऐसे में आइये जानते है इन दोनों में से कौन से हमारे स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद है:- इन दोनों अनाजों को आप अपने नाश्ते के साथ -साथ लंच में और डिनर में भी खा सकते हैं। इसके साथ ही गेहूं से बनी रोटी का सेवन आप सब्जी के साथ भी कर सकते है। इसी तरह चावल भी आप दाल, सब्जी के साथ खा सकते है। इन दोनों अनाजों में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व होते है जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते है। अगर हम बात करें, इन दोनों अनाज के नुकसान के बारे में तो वैसे तो इसके सेवन से कोई भी हमारे शरीर को नुकसान नहीं पहुँचता। मगर आज के समय में शुद्ध चावल और गेहूं का आटा मिलना भी अपने आप में बहुत बड़ी बात है। ज्यादातर लोगों का सवाल अभी भी यही होता है कि कौन-सा अनाज ज्यादा बेहतर होता है। अगर हम ज्याद…

भारत में ऐसा जगह है जहाँ भारत के लोगों को जाना मना है ! There is a place in India where people of India are not allowed to go.



भारत के लोगो को यह आजादी है की भारत के नागरिक भारत में जहा चाहे अपनी मर्जी से घूम फिर सकते है. लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा की आजादी के 70 से अधिक सालो बाद भी भारत में कुछ स्थान एसे भी मोजूद है जहा पर हम भारतीय को जाने पर प्रतिबन्ध है पर विदेशी लोग बिना किसी रोक-टोक के जा सकते है. और इनमे भी अजीब बात तो यह है की वहा के मालिक भी भारतीय है इसके बावजूद भी भारतीय को जाने की अनुमति नहीं है.
6 Indian Places where Indian are banned
1. फ्री कासोल कैफे, कासोल, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश का कासोल गाँव अपनी खुबसूरत वादियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. हर साल यहाँ पर लाखो की संख्या में दर्शक घुमने के लिए आते है पर इस गाँव में आपको ज्यादातर लोग Israel के ही नागरिक देखने को मिलेगे क्यूंकि यह एक इसरायली कैफे है.
इस गाँव में ज्यादतर लोग इसरायली ही देखने को मिलेगे इसी वजह से इस गाँव को मिनी Israel भी कहा जाता है. यहाँ पर Freekasolनामक होटल है जहा पर सिर्फ और सिर्फ हिब्रू भाषा में लिखे हुए बेनर ही मिलते है और इसरायलीओ के पसंदीदा भोजन ही खाने को मिलते है. सन 2015 में यह होटल तब सामने आया था जब यहाँ पर एक भारतीय महिला को जाने से मना कर दिया गया था. यहाँ पर पासपोर्ट देख कर ही अंदर जाने देते है.
2. सेंटिनल द्वीप, अंडमान
यह द्वीप बंगाल खी खाड़ी में मोजूद अंडमान द्वीप का ही हिस्सा है. यह द्वीप घने जंगलो से भरा हुआ है. यह द्वीप में रहेने वाले सेंटिनल जाती के आदिवासी बहोत ही खतरनाक है उन्ही की वजह से यह द्वीप 2 टुकडो में बट गया है. वेसे तो इस द्वीप में भारतीय ही नहीं बल्कि दुनिया के कोई भी लोग नहीं जा सकते है क्यूंकि यह खतरनाक सेंटिनल जाती के लोग यहाँ पर जाने वाले लोगो को मारकर खा जाते है. उनको बिलकुल भी पसंद नहीं है की कोई उनके इलाके में आए.
3. गोवा का "Foreigners only" Beach
गोवा पूरी दुनिया में अपने beach के कारन आकर्षण का केंद्र बन चूका है इसी लिए यहाँ पर हर साल लाखो की मात्रा में विदेशी लोग घुमने के लिए आते है. लेकिन बड़ी हेरानी की बात यह है की जिस देश में इतने खुबसूरत Beach हो उसी देश में उसी देश का नागरिक यहाँ पर घुमने के लिए नहीं जा सकता.
जी, हा, गोवा के कुछ बीच पर "Foreigners only" ही लिखा है जिसका मतलब यहाँ पर भारतीय लोग नहीं जा सकते है. भारत के अंदर ही रहेकर भारतीय और विदेशीओ के बिच में भेदभाव किया जा रहा है. भारतीय लोगो को Banned करने के पीछे यह कारण दिया गया है की विदेशी यात्रिओ को बिकिनी और शॉर्ट्स में ही घूमना पसंद है इसी वजह से भारतीय पुरुषो की नजर से बचाने के लिए यहाँ पर भारतीय लोगो को जाना मना है.
4. चेन्नई का एक लोज
हाइलैंड नाम से मसहुर चेन्नई के इस लोज में केवल विदेशी पासपोर्ट वाले लोगो को ही जाने की अनुमति है. इस होटल में सिर्फ वो ही भारतीय जा सकते ही जिनके पास विदेशी पासपोर्ट हो.
5. पोंडिचेरी का "Foreigners only" Beach
गोवा के बाद पोंडिचेरी ही एक एसी जगह है जहा पर लोग छुटिओ का मजा लेने के लिए जाते है. यहाँ पर फ्रेंच और भारतीय वास्तुकला का मिश्रण देखने को मिलता है. यह स्थान बेहद ही खुबसूरत है पर गोवा की तरह यहाँ पर भी भारतीय को जाने की परमिशन नहीं है.
6. मलाणा, हिमाचल प्रदेश
मलाणा एक प्राचीन भारतीय गाँव है जिसको अलेक्जेंडर ध ग्रेट ने इसा पूर्व 326 में बसाया था. यह गाँव के लोग "कंशी" भाषा बोलते है जो दुनिया में और कही नहीं बोली जाती है. इस गाँव के लोगो को ये बात बिलकुल भी पसंद नहीं है की कोई भी बाहरी लोग आकार उनके समान को छुए. यहाँ की आबादी 1700 है।

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