क्यों बनाई जाती हैं मां दुर्गा की मूर्ति वेश्‍यालय की मिट्टी से?

विनय गोस्वामी (Vinay Goswami),
जी हाँ, ये बात न केवल सत्य है बल्कि इसके पीछे बहुत ही गहराई पूर्ण उद्देश्य भी है। यों तो दुर्गा पूजा या दुर्गा उत्सव सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाने वाला त्योहार है लेकिन इसकी शुरआत पश्चिम बंगाल से हुई थी। यह त्योहार पश्चिम बंगाल का मुख्य त्योहार है जिसमे बड़े बड़े पंडाल सजाकर उनमे मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा की जाती है। कलकत्ता का एक खास इलाका पूजा की मूर्तियों के निर्माण और निर्माण करने वाले कारीगरों के लिये पूरे भारत मे प्रसिद्ध है। विधि विधान से मां दुर्गा की मूर्ति बनाने की जो परंपरा सदियों से चली आ रही है उसके अनुसार जिस मिट्टी से प्रतिमा तैयार की जाती है उस मिट्टी में थोड़ी मिट्टी पवित्र गंगा के किनारे से, थोड़ी सी मिट्टी वेश्याओं के आंगन से और कुछ गौमूत्र और गोबर, इन सब को मिलाया जाता है। इसमे जो बात अनजान लोगों को अचम्भित करती है वो ये हां की इतनी पवित्र मूर्तियों मे वेश्याओं के आंगन की मिट्टी भला क्यों मिलाई जाती है ? यों तो इसके पीछे कई किंवदंतिया मशहूर है जिनमे से एक यह भी है कि- एक दफा एक वेश्या ने मां दुर्गा की अनन्य भक्ति की …

एयहोस्टेस के बारे में कुछ अज्ञात तथ्य ! Some unknown facts about Air hostess



उड़ान के दौरान एयर होस्टेस की सीक्रेट फोटो-वीडियो बना रहे यात्री, सामने आए कई मामले
नई दिल्ली, एजेंसी। हवाई यात्रा के दौरान एयरपोर्ट, प्लेन के साथ, प्लेन के अंदर और उड़ान के वक्त खिड़की से फोटो खींचना आम बात है। हवाई यात्रा के दौरान बहुत से लोग अपनी सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं और उन्हें जमकर लाइक्स भी मिलती हैं। अब इसी फोटो और वीडियो का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक सर्वे में पता चला है कि हवाई यात्रा के दौरान बहुत से यात्री सीक्रेट तरीके से एयर होस्टेस की अश्लील फोटो व वीडियो खींच रहे हैं। जापानी एयर होस्टेस की शिकायतों के बाद पहली बार इस तरह का सर्वे किया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जापानी एयर होस्टेस की शिकायत पर जापान फेडरेशन ऑफ एविएशन इंडस्ट्री यूनिअन्स (Japan Federation of Aviation Industry Unions) ने ये सर्वे किया है। संस्था, टोक्यो स्थित लेबर यूनियन है, जो एविएशन इंडस्ट्री के कर्मचारियों के लिए काम करती है। संस्थान ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर अप्रैल से जून 2019 के बीच ये सर्वे किया है। सर्वे में पता चला है कि जापानी एयर लाइन्स (Japanese Airlines) की 60 फीसद एयर होस्टेस की सीक्रेट तरीके से आपत्तिजनक फोटो या वीडियो बनाई गई है। खास बात ये है कि ये सभी फोटो या वीडियो उड़ान के दौरान यात्रियों द्वारा गुपचुप तरीके से ली गई हैं।
मोजे में खुफिया कैमरा छिपा बना रहा था वीडियो
सर्वे के दौरान एक एयर होस्टेस ने बताया कि एक बार उसने एक यात्री को पकड़ा था जो मोजे में छिपे खुफिया कैमरे से उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनाने का प्रयास कर रहा था। उससे बरामद खुफिया कैमरे की जांच में पता चला कि उसके कैमरे में कई एयर होस्टेस की आपत्तिजनक वीडियो और फोटो कैद हैं। तकरबीन 60 फीसद एयर होस्टेस को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद कानूनी व तकनीकी पेचीदगियों की वजह से ऐसी घटना का शिकार होने वाली मात्र 40 फीसद एयर होस्टेस ने मामले में पुलिस से शिकायत की। इनमें भी ज्यादातर केस में आरोपित को चेतावनी देकर और आपत्तिजनक फोटो या वीडियो डिलीट करा मामले को निपटा दिया गया।
पुख्ता कानून बनाने की मांग
बावजूद इस तरह की घटनाओं को लेकर जापान में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या कानून नहीं है। उड़ान के दौरान इस तरह की घटना पकड़े जाने पर ये स्पष्ट करना बहुत मुश्किल होता है कि उस वक्त जहाज किस शहर के ऊपर था। ऐसे में सीमा विवाद की वजह से आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती है। ऐसे में कई बार एयर होस्टेस भी अपनी फोटो व वीडियो डिलीट करा कानूनी पचड़े में फंसने से बचती हैं। घटना भले उड़ान के दौरान हुई हो, लेकिन कंपनी की तरफ से भी उन्हें कानूनी प्रक्रिया में कोई मदद प्रदान नहीं की जाती है।
एयर होस्टेस ने साझा किए अनुभव
सर्वे में 60 फीसद एयर होस्टेस ने बताया कि कभी न कभी उन्हें ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ा है, जब किसी यात्री ने चोरी-छिपे उनकी आपत्तिजनक फटो या वीडियो बनाने का प्रयास किया है। ज्यादातर एयर होस्टेस ने बताया कि यात्री अक्सर बिना उनकी मंजूरी लिए या उन्हें भरोसे में लिए उड़ान के दौरान उनकी तस्वीरें या वीडियो बनाते हैं। ये परिस्थिति उनके लिए काफी असहज होती है। जापानी एयर होस्टेस इस तरह की गतिविधियों को रोकने या ऐसी घटना का शिकार होने पर सही इंसाफ पाने के लिए पुख्ता कानून की मांग कर रही हैं।
फोटो व वीडियो बनाने का मकसद
सर्वे में पता चला है कि इन एयर होस्टेस की सीक्रेट तरीके से फोटो या वीडियो बनाने के पीछे अक्सर यात्रियों की गलत नीयत होती है। सर्वे में शामिल बहुत सी एयर होस्टेस ने बताया कि यात्री खुफिया कैमरे या मोबाइल कैमरे का इस्तेमाल उनकी अश्लील फोटो अथवा वीडियो बनाने के लिए करते हैं। एयर होस्टेस ने बताया कि अक्सर उन्हें इसका पता दूसरे यात्रियों या अपने किसी सहकर्मी के द्वारा चलता है। सर्वे में शामिल एयर होस्टेस ने आशंका व्यक्त की है कि बहुत से मामलों में इस तरह की फोटो या वीडिया का मकसद, उसे इंटरनेट पर वायरल करना हो सकता है।
सोशल मीडिया की धमकी देते हैं आरोपित
एयर होस्टेस ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बहुत से मामलों में उन्हें आपत्तिजनक फोटो या वीडियो बनाने का संदेह होता है। ऐसे में यात्री से पूछने पर वो सख्ती से मना कर देते हैं। उनकी तलाशी लेने का प्रयास करने या मोबाइल की जांच करने का प्रयास किया जाए तो वह सोशल मीडिया पर क्रू मेंम्बर्स द्वारा अशोभनीय व्यवहार करने की शिकायत पोस्ट करने की धमकी देते हैं। कई बार उन्हें संबंधित व्यक्ति की बर्बता का भी सामना करना पड़ता है।

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