क्यों बनाई जाती हैं मां दुर्गा की मूर्ति वेश्‍यालय की मिट्टी से?

विनय गोस्वामी (Vinay Goswami),
जी हाँ, ये बात न केवल सत्य है बल्कि इसके पीछे बहुत ही गहराई पूर्ण उद्देश्य भी है। यों तो दुर्गा पूजा या दुर्गा उत्सव सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाने वाला त्योहार है लेकिन इसकी शुरआत पश्चिम बंगाल से हुई थी। यह त्योहार पश्चिम बंगाल का मुख्य त्योहार है जिसमे बड़े बड़े पंडाल सजाकर उनमे मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा की जाती है। कलकत्ता का एक खास इलाका पूजा की मूर्तियों के निर्माण और निर्माण करने वाले कारीगरों के लिये पूरे भारत मे प्रसिद्ध है। विधि विधान से मां दुर्गा की मूर्ति बनाने की जो परंपरा सदियों से चली आ रही है उसके अनुसार जिस मिट्टी से प्रतिमा तैयार की जाती है उस मिट्टी में थोड़ी मिट्टी पवित्र गंगा के किनारे से, थोड़ी सी मिट्टी वेश्याओं के आंगन से और कुछ गौमूत्र और गोबर, इन सब को मिलाया जाता है। इसमे जो बात अनजान लोगों को अचम्भित करती है वो ये हां की इतनी पवित्र मूर्तियों मे वेश्याओं के आंगन की मिट्टी भला क्यों मिलाई जाती है ? यों तो इसके पीछे कई किंवदंतिया मशहूर है जिनमे से एक यह भी है कि- एक दफा एक वेश्या ने मां दुर्गा की अनन्य भक्ति की …

दुनिया के सबसे ख़तरनाक जहर सायनाइड के बारे में कुछ दिलचस्प बातें ! Some interesting things about the world's most dangerous poison cyanide



सायनाइड जहर गैस और लवण के रुप में पाया जाता है। सायनाइड एक सफेद पाउडर के तरह होती है और बादाम की तरह कड़वी गंध होती है।
1- 1942 में नाजी सायनाइड गैस का उपयोग यातना शिविरों में कैदियों को मारने के लिए करते थे।
2-कीटनाशक के रूप में काफी प्रयोग होता है।
3-सायनाइट जहर पेट की अम्लता के साथ तेजी से क्रिया करता है इसलिए कई लोग आत्महत्या करने में ज्ञान इसका उपयोग करते हैं।
4-सायनाइड सिगरेट के धुएं और प्लास्टिक के जलने पर निकलती है।
5-साइनाइड गैस का उपयोग जहाजों और इमारतों में कीटों को नष्ट करने के लिए किया जाता है।
6-साइनाइड शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन का उपयोग करने से रोकता है। जब ऐसा होता है, तो कोशिकाएं मर जाती हैं।
7-साइनाइड अन्य अंगों की तुलना में हृदय और मस्तिष्क के लिए अधिक हानिकारक है क्योंकि हृदय और मस्तिष्क बहुत अधिक ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं।
8-यदि आपको लगता है कि आप साइनाइड के संपर्क में आ गए हैं, तो आपको अपने कपड़ों को हटा देना चाहिए, अपने पूरे शरीर को तेजी से साबुन और पानी से धोना चाहिए, और जितनी जल्दी हो सके चिकित्सा देखभाल प्राप्त करना चाहिए।

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