सैटेलाइट फोन क्या है? क्यों यह बहुत महंगा है?

सैटेलाइट फोन….. 'सैटेलाइट फोन को सेटफोन के नाम से भी जाना जाता है,ये हमारे फोन्स की तुलना में अलग होते हैं। क्योंकि यह लैंडलाइन या सेल्युलर टावरों की बजाय सैटेलाइट (उपग्रहों ) से सिग्नल प्राप्त करते हैं'। ( चित्र सैटेलाइटफोन ) इनकी खास बात यह होती है कि इनके द्वारा किसी भी स्थान से काॅल किया जा सकता है। यह हर जगह उपयोगी साबित होते हैं चाहे आप सहारा मरुस्थल में ही क्यों न हों। कहा तो यह भी जाता है कि यह पानी के अंदर भी आसानी से सिग्नल प्राप्त कर सकने में समर्थ होते हैं। सेटेलाइट फोन बस थोड़ा स्लो होते हैं (हमारे मोबाइल फोन के मुकाबले) यानी बातचीत के दौरान इसमें थोड़ी सी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके द्वारा भेजे गए सिग्लन को सेटेलाइट तक जाने और वहां से वापस लौट कर आने में ज्यादा समय लगता है।हालांकि यह कमी बहुत ही नगण्य है। यह ज्यादातर आपदाओं के समय हमे काफी सहायक सिद्ध होते जब हमारे सिस्टम बहुत हद तक ख़राब हो गये होते हैं। क्या हम सेटेलाइट फोन खरीद सकते हैं….. भारत में सैटेलाइट फोन खरीदने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं भारत ही नहीं हर देश में इसके लिए अलग…


राकेश घनशाला (Rakesh Ghanshala)
राकेश घनशाला (Rakesh Ghanshala), प्रशिक्षक और सलाहकार (2005 से - अभी तक)

बकरियों की आंखों के बारे में जो बात अनोखी है, वह यह है कि इनकी पुतलियां आयताकार होती हैं।
ठीक इस तरह,
और ऐसे..
उनकी पुतलियों के क्षैतिज (होरिजेंटल) होने का कारण यह है कि क्योंकि वे शाकाहारी हैं, और शाकाहारी जानवरों को संभावित शिकारियों को फ़ौरन पहचानने की जरूरत होती है। ऐसे में उनकी होरिजेंटल पुतलियां और फैली हुई नजर यक़ीनन तौर पर इस काम में मददगार साबित होती हैं।
इस बात को एक साधारण लेंस वाले कैमरे और एक वाइड एंगल लेंस वाले कैमरे के उदाहरण से समझा जा सकता है।
आपको क्या लगता है, झाड़ियों दुबके हुए किसी बाघ को किस कैमरे से देख पाना ज्यादा आसान होगा?
बकरियां अपनी परिधीय दृष्टि पर काफी निर्भर रहती हैं। पुतलियों की आयताकार बनावट के कारण उनकी आँखों को अनोखी कहा जा सकता है।

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