हार्ट अटैक होने से पहले हमारे शरीर को ऐसे कौनसे संकेत मिलते हैं जिससे हम सावधान हो जाएं ! What are the signs heart attack

Anil Kumar Sharma,
हर्ट अटैक से मरने वाले अधिकतर लोगों को पहले से पता ही नहीं होता कि उन्हें दिल की बीमारी है, जबकि हर्ट अटैक से एक महीने पहले ही इसके लक्षण रोगी में दिखाई देने लगते हैं। अगर इन्हें समय रहते पता लिया गया तो रोगी का जान बचाई जा सकती है। आज हम आपको उन्हीं लक्षणों के बारे में बताने वाले हैं। थकान – अगर आप किसी भी तरह का वर्कआउट नहीं करते या फिर आपने कोई भी ऐसा काम नहीं किया जिसमें ज्यादा मेहनत लगी हो और ऐसे में भी आपको काफी थकान महसूस हो रही हो तो समझ लीजिए कि आपको हर्ट अटैक आ सकता है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सांस लेने में दिक्कत – अगर आपको सांस लेने में दिक्कत आ रही हो तो यह भी हार्ट अटैक की निशानी हो सकती हो सकती है। दरअसल दिल के ठीक से काम न करने पर फेफड़ों तक उतनी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता जितनी उसको जरूरत होती है। इस वजह से व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत आने लगती है। बाजुओं में दर्द होना – जब दिल को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती तो स्पाइन प्रभावित होने लगता है। इससे हार्ट, स्पाइन और बाजुओं से जुड़ी तंत्रिकाओं …

हवाई जहाज के बारे में कुछ रोचक तथ्य ! Some interesting facts about airplanes



1. हवाई जहाजों (Aeroplane) को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि इनपर आसमानी बिजली गिरने का भी असर नहीं होता।
2. साल में एक बार हर हवाई जहाज पर आसमानी बिजली जरूर गिरती है लेकिन 1963 के बाद से जहाजों पर बिजली गिरने से एक भी हादसा नहीं हुआ है।
3. हवाई जहाज में पीछे की बीचों बीच वाली सीट सबसे ज्यादा सुरक्षित होती है यानि प्लेन हादसे के दौरान केवल यही सीट सबसे ज्यादा सेफ होती है।
4. कुछ हवाई जहाजों में सीक्रेट बेडरूम भी होते हैं जहाँ प्लेन के कर्मचारी आराम कर सकते हैं।
5. कुछ लोग मानते हैं कि हर हवाई उड़ान के बाद हवाई जहाज (Air Plane) के टायर बदले जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है| हवाई जहाज के टायर 38 टन वजन तक सह सकते हैं और 170 मील प्रति घंटा की रफ़्तार से जमीन पर भी उतर सकते हैं| सैकड़ों उड़ान भरने के बाद अगर टायर खराब होते हैं तभी बदले जाते हैं।
6. हवाई जहाज के टायर बदलने के लिए भी जैक का ही इस्तेमाल किया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे कार का टायर बदला जाता है।
7. रात में प्लेन लैंडिंग के दौरान प्लेन के अंदर की लाइट डिम कर दी जाती है ताकि प्लेन से उतरने के बाद यात्रियों की आखों पर जोर ना पड़े।
8. प्लेन में दो इंजन होते हैं लेकिन प्लेन एक इंजन पर भी आराम से चल सकता है।
9. प्लेन के बाथरूम में ashtrays यानि राख भी रखी होती है ताकि अगर कोई सिगरेट जलाता है तो उसे बुझाई जा सके| प्लेन में स्मोकिंग allow नहीं है।
10. प्लेन की खिड़की के शीशों में एक बहुत छोटा छेद होता है, दरअसल ये छेद प्लेन में प्रेशर को maintain करता है।
11. ज्यादातर लोगों को शिकायत होती है कि प्लेन में खाना बहुत गन्दा होता है लेकिन इसमें प्लेन फ़ूड की कोई गलती नहीं है| दरअसल ऊँचाई पर जाकर वातावरण बदल जाता है| वहाँ मीठी चीज़ें भी कम मीठी लगती है और नमकीन चीज़ें कड़वी जैसे लगने लगती हैं।
12. हर प्लेन में यात्रियों के लिए ऑक्सीजन मास्क होते हैं लेकिन कोई ये नहीं जानता कि ऑक्सीजन मास्क में केवल 15 मिनट लायक ही ऑक्सीजन होती है।
13. आसमान में प्लेन के पीछे सफ़ेद धुआँ सा दिखाई देता है वो दरअसल प्लेन के इंजन द्वारा छोड़ी गयी जलवाष्प (भाप) होती है।
14. प्लेन का सबसे खतरनाक एक्सीडेंट 1977 में हुआ था| जब दो फुल भरे प्लेन जिनमें 600 यात्री सवार थे, जो आमने सामने रनवे पर एक दूसरे से टकरा गये थे और 500 लोगों की मौत हो गयी।

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