सैटेलाइट फोन क्या है? क्यों यह बहुत महंगा है?

सैटेलाइट फोन….. 'सैटेलाइट फोन को सेटफोन के नाम से भी जाना जाता है,ये हमारे फोन्स की तुलना में अलग होते हैं। क्योंकि यह लैंडलाइन या सेल्युलर टावरों की बजाय सैटेलाइट (उपग्रहों ) से सिग्नल प्राप्त करते हैं'। ( चित्र सैटेलाइटफोन ) इनकी खास बात यह होती है कि इनके द्वारा किसी भी स्थान से काॅल किया जा सकता है। यह हर जगह उपयोगी साबित होते हैं चाहे आप सहारा मरुस्थल में ही क्यों न हों। कहा तो यह भी जाता है कि यह पानी के अंदर भी आसानी से सिग्नल प्राप्त कर सकने में समर्थ होते हैं। सेटेलाइट फोन बस थोड़ा स्लो होते हैं (हमारे मोबाइल फोन के मुकाबले) यानी बातचीत के दौरान इसमें थोड़ी सी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके द्वारा भेजे गए सिग्लन को सेटेलाइट तक जाने और वहां से वापस लौट कर आने में ज्यादा समय लगता है।हालांकि यह कमी बहुत ही नगण्य है। यह ज्यादातर आपदाओं के समय हमे काफी सहायक सिद्ध होते जब हमारे सिस्टम बहुत हद तक ख़राब हो गये होते हैं। क्या हम सेटेलाइट फोन खरीद सकते हैं….. भारत में सैटेलाइट फोन खरीदने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं भारत ही नहीं हर देश में इसके लिए अलग…

चुड़ैल और भूतनी में क्या अंतर है

Ram Sharnam



मुकेश जी इतना गहन शोध भूतो आत्माओ पर क्यों? कुछ ख़ास कारण हैं?
चलिए जो हो, आपके प्रश्न पर आता हूँ । भूतो के लगभग ४५ प्रकार हैं और उसमे चुड़ैल वो होती हैं, जो स्त्री बच्चे जन्म के समय असहा प्रसव प्रीडा से अकाल मृत्यु को प्राप्त हो जाती हैं और इसी के कारण वो स्त्री प्रेत योनि में चली जाती हैं और उन्हें चुड़ैल कहा जाता हैं। चुड़ैल के पाँव उलटे दिशा में घूमे होते हैं, जो आपने सुना ही होगा। साथ ही ऐसे स्त्री भी जो गर्भवती होती हैं और किसी कारण से बच्चे जनने के पूर्व अपने क्रमानुसार अकाल मृत्यु को प्राप्त हो जाती हैं वो भी चुड़ैल कहलाती हैं |
भूतनी तो वो सारे स्त्रियां या लड़कियां होती हैं जो अकाल मृत्यु को प्राप्त होती हैं. ये सारे स्त्रियां या लड़किया भूतनी होती हैं। इसमें वो स्त्री भी होती हैं जो शादी शुदा मरती हैं और या प्रेम प्रसंग या जिसे किसी कारण से मार दी जाती हैं वो सभी भूतनी ही होती हैं | भूतनी से अधिक खतरनाक चुड़ैल होती हैं | पर यह भी जरुरी नहीं की भूतनी खतरनाक हो। ये सारे अतृप्त आत्मए हैं जो अपनी इच्छा अपूर्ण होने से पूर्व मर जाती हैं और इनका प्रेत योनि में वो सभी इच्छाएं बानी रहती हैं|
ऐसे आत्माओ यानी भूतनी या चुड़ैल क्रमानुसार यमराज के द्वारा प्रेत योनि में भेज दी जाती है और ऐसा करके यमराज और चित्रगुप्त जी ऐसे लोगो को परीक्षा लेते हैं | यदि ये आत्माएं इस योनि में किसी को न सताएं या किसी को परेशां न करें तो इसके उद्धार यमराज जल्द कर देते हैं, या फिर ऐसे आत्मायों के लिए भगवान से उनके परिवार बाले यदि प्राथना करें aur विधि वत किसी योग्य ब्राह्मण से श्री रामायण जी या भागवतम करा दें तो ऐसे लोगो के लिए तो इनका प्रेत योनि समाप्त हो जाता हैं|
अन्यथा ऐसे प्रेत को अपना पूरा कर्म के अनुसार प्रेत योनि में रहना पड़ता है| ऐसे आत्मायें अच्छी और बुरी दोनों होती हैं| भगवान् ऐसे लोगो को प्रेत योनि में भी परीक्षा लेते हैं और फिर इनपर निर्भर करता है की ये जल्द अपना उद्धार करेंगे या फिर अननत काल तक प्रेत योनि में भटकेंगे?

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