गेहूं और चावल दोनों में कौन अधिक पौष्टिक है ! Which is more nutritious in both wheat and rice

कुछ लोग रोटी खाने के तो कुछ लोग चावल के शौकीन होते है। क्योंकि ये ऐसे खाद्य पदार्थ है। जिसे साल के बारह महीने लोग खाना पसंद करते है, पर आज तक लोगों को सही से यह नहीं पता है कि रोटी और चावल इन दोनों अनाजों में से कौन ज्यादा बेहतर है। क्योंकि ये दोनों अनाज अपने आप में एक बेहतरीन भोजन का काम करते है। तो ऐसे में आइये जानते है इन दोनों में से कौन से हमारे स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद है:- इन दोनों अनाजों को आप अपने नाश्ते के साथ -साथ लंच में और डिनर में भी खा सकते हैं। इसके साथ ही गेहूं से बनी रोटी का सेवन आप सब्जी के साथ भी कर सकते है। इसी तरह चावल भी आप दाल, सब्जी के साथ खा सकते है। इन दोनों अनाजों में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व होते है जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते है। अगर हम बात करें, इन दोनों अनाज के नुकसान के बारे में तो वैसे तो इसके सेवन से कोई भी हमारे शरीर को नुकसान नहीं पहुँचता। मगर आज के समय में शुद्ध चावल और गेहूं का आटा मिलना भी अपने आप में बहुत बड़ी बात है। ज्यादातर लोगों का सवाल अभी भी यही होता है कि कौन-सा अनाज ज्यादा बेहतर होता है। अगर हम ज्याद…

भगवन हनुमान के बारे में क़ु६ रोचक तथ्य



एक युद्ध के बारे में बता रहा हु शायद अपने पढ़ा है कि नही एक बार की बात है बाली ने श्री रामचंद्र जी को कुछ भला बुरा कह दिया, ये बाते हनुमान जी को पता चली त वो गुस्सा हो गए । बाली भी युद्ध करना चाहता था हनुमान जी से। दोनों राज़ी हो गए युद्ध के लिए अगले दिन युद्ध निर्धारण हुआ।
चूँकि बाली को वरदान था कि कोई भी उनसे युद्ध करने आयेग तो उसकी आधी शक्ति उनको मिल जाएगा इसलिए बाली को कोई भी युद्ध मे परास्त नही कर सकता था। सुबह हुआ हनुमान जी युद्ध के लिए निकल पड़े रास्ते मे ब्रह्मा जी उनसे मिले वो बोले- हे पवनसुत आप युद्ध तो करने जा रहे है लेकिन आप अपने शक्ति का 10वां हिस्सा ही लेकर जाइये। हनुमान जी मान गए और ब्रह्मा जी को नमस्ते बोलै और युद्ध के लिए चल पड़े।
जब बाली और हनुमान जी आमने सामने आए तो चूँकि बाली के वरदान के कारण हनुमान जी की आधी शक्ति बाली के शरीर मे जाने लगी, जाते ही बाली को बहुत गर्मी और ऐसा की जैसे कोई उसके शरीर को दबा रहा है और इस दबाव के कारण बाली का दम घुटने लगा, जैसे कि अभी प्राण निकल जायेगा बाली समझ गए ये कोई आम आदमी नही कोई भगवान है जिनकी शक्ति मुझमे धराड़ करने की शक्ति नही है। बाली नतमस्तक होकर बोले हे प्रभु आप किसके अंश है। फिर हनुमान जी ने बताया ये बस भगवान राम जी की भक्ति के कारण है।

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