पहली बार जब घड़ी का आविष्कार हुआ , दुनिया की पहली घड़ी में समय कैसे मिलाया गया

कहते हैं की हाथ में पहनी हुई घड़ी न सिर्फ इन्सान को समय बताती है बल्कि इन्सान का समय भी बताती है। कंफ्यूज हो गये क्या? कभी आपने सोचा है कि घड़ी जो बिना रुके हर वक़्त चलती रहती है ; कहाँ बनी होगी? सबसे पहले घड़ी में टाइम कैसे सेट किया गया होगा? कहीं वो टाइम गलत तो नहीं ; वरना आज तक हम सब गलत समय जीते आ रहे हैं। इन्ही सब सवालों के साथ आज कुछ घड़ी अपनी घड़ी की बात करते हैं। कई सिद्धांतों पर बनती हैं घड़ियां जैसा की हम सब जानते हैं की घड़ी एक सिम्पल मशीन है जो पूरी तरह स्वचालित है और किसी न किसी तरह से वो हमे दिन का प्रहर बताती है। ये घड़ियाँ अलग अलग सिद्धांतों पर बनती हैं जैसे धूप घड़ी; यांत्रिक घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी। मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ा करते थे तो आपको याद होगा की इंग्लैंड के ऐल्फ्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि आविष्कृत की। उसने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की ओर समान दूरियों पर चिह्र अंकित कर दिए थे। प्रत्येक चिह्र तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चित समय व्यतीत होने का ज्ञान होता था। कैसे देखते थे समय बीते समय में प्राचीन …

दुनिया के सबसे खतरनाक पुल (ब्रिज) ! World's Most Dangerous Bridge

दुनिया के सबसे खतरनाक पुल (ब्रिज)  ! World's Most Dangerous Bridge

1. Glass Bottomed Bridge
 चीन में बना इस ब्रिज की ऊंचाई और लंबाई दुनिया में सबसे अधिक है। यह पुल 1230 फुट ऊंचा और 984 फुट लंबा है। यह पुल कांच का बना है और इस पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
2. Titlis Cliff Walk
यह पुल स्विट्जरलैंड में बना है और यह समुद्र तल से करीब 10 हजार फुट की ऊंचाई पर बना है। दो पहाड़ियों का आपस में जोड़ने वाला यह ब्रिज यूरोप का सबसे ऊंचा पुल है। इसकी लंबाई 320 फुट और चौड़ाई 3 फुट है।
3. Glass Suspension Bridge
चीन में बने इस ब्रेव मैन पुल को भी दुनिया को सबसे खतरनाक पुल कहा जाता है। इसकी लंबाई 430 मीटर और ऊंचाई 300 मीटर है।
4. Carrick A Rede Bridge
नार्थ आयरलैंड में बना यह ब्रिज रस्सियों से बना है और यह जमीन से लगभग 100 फुट की ऊंचाई पर है। दो पहाड़ों को आपस में जोड़ने वाले इस ब्रिज पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
5. Capilano Suspension Bridge
कनाडा में बने इस पुल का निर्माण 1889 में हुआ था और इसे नदी को पार करने के लिए बनाया गया था। इसकी ऊंचाई 230 फुट है और लंबाई 460 फुट है।

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