Kobita - শৈশবের হাসি-খেলা ! শিরিন সুলতানা

শৈশবের হাসি-খেলা   শিরিন সুলতানা

নেবে কি আমায় তোমাদের সাথে?
দিগন্ত ছুঁয়ে দিবো হাত রেখে হাতে।

 সাঝ-সকালে সবাই মিলে
বকুলতলায়
ফুল কুড়িয়ে ভরবো ঝুড়ি,
অলস দুপুর কাটিয়ে দিবো
খেলবো মোরা লুকোচুরি।

টুনটুনির ঐ বাসার খুঁজে ভাঙবো মোরা ডুমুর ডাল,
মার্বেল তুমি বেশ তো খেলো
আমায়ও শিখিয়ে দিও খেলার চাল।

বৈশাখের দমকা হাওয়ায়
আম কুঁড়াবো
মাথায় দিয়ে কচুপাতার ছাতি
নুন,তেল,আর দুমুঠো চাল
কুড়িয়ে এনে শুকনো ডাল
খেলবো সবে চড়ুইভাতি।

নেবে কি আমায় তোমাদের সাথে
দিবে কি খানিক হাসির ভাগ?
তোমার আইসক্রীমের আধেক দিও
গাল ফুলিয়ে করলে রাগ।

নেবে কি আমায়, তোমাদের এই হাসি হাসি খেলায়?
আমার শৈশব যে হারায়েছি আমি, হাসি হারায়েছি অবহেলায়।

আজ নাহয় দুধভাত করেই নিও আমায় তোমাদের সাথে,
অনেক মজা করবো সবাই খেলবো সবাই হাত রেখে হাতে।

শৈশবের হাসি-খেলা
~শিরিন সুলতানা

भारत के अपराधी ब्रिटेन में ही क्यों शरण लेते हैं ! Why do the criminals of India take shelter in Britain?


 

बहुत अच्छा सवाल लोगो को सच की जानकारी नही है
कारण
भारत का कॉमनवेल्थ का सदस्य होना ।
● जिससे भारत सरकार को भी कई तरह के फायदे होते है । जैसे जिन देशो से भारत के राजदूत आवास नही होते है वहा अगर ब्रिटेन के राजनयिक सम्बन्ध है तो भारत उनकी मदद ले सकता है ।
● साथ ही भारतीय नागरिकों का ब्रिटेन की नागरिकता लेना आसान होता है । साथ ही अनेक तरह की प्रॉपर्टी अधिकार स्कॉलरशिप से लेकर अनेक सुविधाओं का लाभ मिलता है ।
● ऐसी सुविधाओं का लाभ अन्य कॉमनवेल्थ देश भी उठाते है ।
● इसके बदले ब्रिटेन भी लाभ लेता है जैसे रॉयल परिवार को कॉमनवेल्थ देश की यात्रा में वीजा की जरूरत नही होती साथ ही भारत मे अभी भी ब्रिटिश सरकार की काफी प्रोपर्टी है नॉर्थ ईस्ट में द्वितीय विश्वयुद्ध में मारे गए लोगो का कब्रिस्तान भी ब्रिटेन की क्षेत्र माना जाता है ।
● चूँकि इस सुविधा का लाभ सरकार और भारत का एलीट समाज दोनो उठाते है ऐसे में आम इंसान को सच कभी पता नही चलता है ।
● पिछले कुछ सालों में भारत और पाकिस्तान के लोगो की ब्रिटेन में आबादी बढ़ने का कारण भी यही रहा है ।
● भारत के कई अरबपति भारत से भागकर ब्रिटेन की नागरिकता ले लेते है ।

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