हवाई जहाज के बारे में कुछ रोचक तथ्य ! Some interesting facts about airplanes

Abhijit Nimse


1. हवाई जहाजों (Aeroplane) को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि इनपर आसमानी बिजली गिरने का भी असर नहीं होता। 2. साल में एक बार हर हवाई जहाज पर आसमानी बिजली जरूर गिरती है लेकिन 1963 के बाद से जहाजों पर बिजली गिरने से एक भी हादसा नहीं हुआ है। 3. हवाई जहाज में पीछे की बीचों बीच वाली सीट सबसे ज्यादा सुरक्षित होती है यानि प्लेन हादसे के दौरान केवल यही सीट सबसे ज्यादा सेफ होती है। 4. कुछ हवाई जहाजों में सीक्रेट बेडरूम भी होते हैं जहाँ प्लेन के कर्मचारी आराम कर सकते हैं। 5. कुछ लोग मानते हैं कि हर हवाई उड़ान के बाद हवाई जहाज (Air Plane) के टायर बदले जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है| हवाई जहाज के टायर 38 टन वजन तक सह सकते हैं और 170 मील प्रति घंटा की रफ़्तार से जमीन पर भी उतर सकते हैं| सैकड़ों उड़ान भरने के बाद अगर टायर खराब होते हैं तभी बदले जाते हैं। 6. हवाई जहाज के टायर बदलने के लिए भी जैक का ही इस्तेमाल किया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे कार का टायर बदला जाता है। 7. रात में प्लेन लैंडिंग के दौरान प्लेन के अंदर की लाइट डिम कर दी जाती है ताकि प्लेन से उतरने के बाद यात्रियों की आखों प…

पाकिस्तान और चीन के बाद कौन सा देश भारत का सबसे बड़ा शत्रु है?Which country is the biggest enemy of India after Pakistan and China?


 
  • तुर्की ने कई बार कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए सहायता की पेशकश की है और इसने हमेशा कश्मीर को ओआईसी(इस्लामिक सहयोग संगठन) के शिखर सम्मेलन में उठाया है। और ओआईसी में तुर्की ने भारत के खिलाफ बहुत सरे प्रस्ताव पास करवाने में अहम भूमिका निभाई हैं।
  • तुर्की सरकार जम्मू और कश्मीर पर पाकिस्तान की स्थिति का पूरी तरह से समर्थन करती है।
  • तुर्की ने हमेशा इस तथ्य के बावजूद ओआईसी में भारतीय प्रवेश का विरोध किया है जबकि भारत दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी की मेजबानी करता है। वैसे इस बार भारत को ओआईसी शिखर सम्मेलन में अतिथि के रूप में बुलाया गया था।
  • एनएसजी में तुर्की ने पाकिस्तान को सदस्य बनवाने के लिए चीन के साथ भारत का विरोध किया हैं।
  • तुर्की और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों को जोड़ने के विचार का विरोध करने वाले समूह का हिस्सा हैं। यह समूह नहीं चाहता हैं की भारत संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बने।
  • तुर्की के साथ समस्या यह है कि वह भारत के साथ पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को अलग करने में विफल रहा है। सऊदी अरब और यूएई परंपरागत रूप से पाक समर्थक देश हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखा है। भारत और तुर्की दुश्मन नहीं हैं, लेकिन वे अच्छे दोस्त भी नहीं हैं।
  • असंख्य तुर्की आक्रमणकारियों (ग़ज़नी के महमूद से शुरू, घोर के मुहम्मद और अलाउद्दीन खिलजी से लेकर नादिर शाह तक ने आक्रमण किया था, लूट लिया था, सैकड़ों हजारों मूल भारतीयों की हत्या कर दी थी और भारत पर शासन किया था।
  • पुलवामा टेरर अटैक पर तुर्की ने पाकिस्तान के संस्करण का समर्थन किया और पाक स्थित आतंकी शिविरों पर भारतीय हवाई हमलों का विरोध किया।
अचल गौतम (Achal Gautam),

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