Kobita - শৈশবের হাসি-খেলা ! শিরিন সুলতানা

শৈশবের হাসি-খেলা   শিরিন সুলতানা

নেবে কি আমায় তোমাদের সাথে?
দিগন্ত ছুঁয়ে দিবো হাত রেখে হাতে।

 সাঝ-সকালে সবাই মিলে
বকুলতলায়
ফুল কুড়িয়ে ভরবো ঝুড়ি,
অলস দুপুর কাটিয়ে দিবো
খেলবো মোরা লুকোচুরি।

টুনটুনির ঐ বাসার খুঁজে ভাঙবো মোরা ডুমুর ডাল,
মার্বেল তুমি বেশ তো খেলো
আমায়ও শিখিয়ে দিও খেলার চাল।

বৈশাখের দমকা হাওয়ায়
আম কুঁড়াবো
মাথায় দিয়ে কচুপাতার ছাতি
নুন,তেল,আর দুমুঠো চাল
কুড়িয়ে এনে শুকনো ডাল
খেলবো সবে চড়ুইভাতি।

নেবে কি আমায় তোমাদের সাথে
দিবে কি খানিক হাসির ভাগ?
তোমার আইসক্রীমের আধেক দিও
গাল ফুলিয়ে করলে রাগ।

নেবে কি আমায়, তোমাদের এই হাসি হাসি খেলায়?
আমার শৈশব যে হারায়েছি আমি, হাসি হারায়েছি অবহেলায়।

আজ নাহয় দুধভাত করেই নিও আমায় তোমাদের সাথে,
অনেক মজা করবো সবাই খেলবো সবাই হাত রেখে হাতে।

শৈশবের হাসি-খেলা
~শিরিন সুলতানা

पाकिस्तान और चीन के बाद कौन सा देश भारत का सबसे बड़ा शत्रु है?Which country is the biggest enemy of India after Pakistan and China?


 
  • तुर्की ने कई बार कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए सहायता की पेशकश की है और इसने हमेशा कश्मीर को ओआईसी(इस्लामिक सहयोग संगठन) के शिखर सम्मेलन में उठाया है। और ओआईसी में तुर्की ने भारत के खिलाफ बहुत सरे प्रस्ताव पास करवाने में अहम भूमिका निभाई हैं।
  • तुर्की सरकार जम्मू और कश्मीर पर पाकिस्तान की स्थिति का पूरी तरह से समर्थन करती है।
  • तुर्की ने हमेशा इस तथ्य के बावजूद ओआईसी में भारतीय प्रवेश का विरोध किया है जबकि भारत दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी की मेजबानी करता है। वैसे इस बार भारत को ओआईसी शिखर सम्मेलन में अतिथि के रूप में बुलाया गया था।
  • एनएसजी में तुर्की ने पाकिस्तान को सदस्य बनवाने के लिए चीन के साथ भारत का विरोध किया हैं।
  • तुर्की और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों को जोड़ने के विचार का विरोध करने वाले समूह का हिस्सा हैं। यह समूह नहीं चाहता हैं की भारत संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बने।
  • तुर्की के साथ समस्या यह है कि वह भारत के साथ पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को अलग करने में विफल रहा है। सऊदी अरब और यूएई परंपरागत रूप से पाक समर्थक देश हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखा है। भारत और तुर्की दुश्मन नहीं हैं, लेकिन वे अच्छे दोस्त भी नहीं हैं।
  • असंख्य तुर्की आक्रमणकारियों (ग़ज़नी के महमूद से शुरू, घोर के मुहम्मद और अलाउद्दीन खिलजी से लेकर नादिर शाह तक ने आक्रमण किया था, लूट लिया था, सैकड़ों हजारों मूल भारतीयों की हत्या कर दी थी और भारत पर शासन किया था।
  • पुलवामा टेरर अटैक पर तुर्की ने पाकिस्तान के संस्करण का समर्थन किया और पाक स्थित आतंकी शिविरों पर भारतीय हवाई हमलों का विरोध किया।
अचल गौतम (Achal Gautam),

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