पहली बार जब घड़ी का आविष्कार हुआ , दुनिया की पहली घड़ी में समय कैसे मिलाया गया

कहते हैं की हाथ में पहनी हुई घड़ी न सिर्फ इन्सान को समय बताती है बल्कि इन्सान का समय भी बताती है। कंफ्यूज हो गये क्या? कभी आपने सोचा है कि घड़ी जो बिना रुके हर वक़्त चलती रहती है ; कहाँ बनी होगी? सबसे पहले घड़ी में टाइम कैसे सेट किया गया होगा? कहीं वो टाइम गलत तो नहीं ; वरना आज तक हम सब गलत समय जीते आ रहे हैं। इन्ही सब सवालों के साथ आज कुछ घड़ी अपनी घड़ी की बात करते हैं। कई सिद्धांतों पर बनती हैं घड़ियां जैसा की हम सब जानते हैं की घड़ी एक सिम्पल मशीन है जो पूरी तरह स्वचालित है और किसी न किसी तरह से वो हमे दिन का प्रहर बताती है। ये घड़ियाँ अलग अलग सिद्धांतों पर बनती हैं जैसे धूप घड़ी; यांत्रिक घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी। मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ा करते थे तो आपको याद होगा की इंग्लैंड के ऐल्फ्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि आविष्कृत की। उसने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की ओर समान दूरियों पर चिह्र अंकित कर दिए थे। प्रत्येक चिह्र तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चित समय व्यतीत होने का ज्ञान होता था। कैसे देखते थे समय बीते समय में प्राचीन …

पाकिस्तान और चीन के बाद कौन सा देश भारत का सबसे बड़ा शत्रु है?Which country is the biggest enemy of India after Pakistan and China?


 
  • तुर्की ने कई बार कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए सहायता की पेशकश की है और इसने हमेशा कश्मीर को ओआईसी(इस्लामिक सहयोग संगठन) के शिखर सम्मेलन में उठाया है। और ओआईसी में तुर्की ने भारत के खिलाफ बहुत सरे प्रस्ताव पास करवाने में अहम भूमिका निभाई हैं।
  • तुर्की सरकार जम्मू और कश्मीर पर पाकिस्तान की स्थिति का पूरी तरह से समर्थन करती है।
  • तुर्की ने हमेशा इस तथ्य के बावजूद ओआईसी में भारतीय प्रवेश का विरोध किया है जबकि भारत दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी की मेजबानी करता है। वैसे इस बार भारत को ओआईसी शिखर सम्मेलन में अतिथि के रूप में बुलाया गया था।
  • एनएसजी में तुर्की ने पाकिस्तान को सदस्य बनवाने के लिए चीन के साथ भारत का विरोध किया हैं।
  • तुर्की और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों को जोड़ने के विचार का विरोध करने वाले समूह का हिस्सा हैं। यह समूह नहीं चाहता हैं की भारत संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बने।
  • तुर्की के साथ समस्या यह है कि वह भारत के साथ पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को अलग करने में विफल रहा है। सऊदी अरब और यूएई परंपरागत रूप से पाक समर्थक देश हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखा है। भारत और तुर्की दुश्मन नहीं हैं, लेकिन वे अच्छे दोस्त भी नहीं हैं।
  • असंख्य तुर्की आक्रमणकारियों (ग़ज़नी के महमूद से शुरू, घोर के मुहम्मद और अलाउद्दीन खिलजी से लेकर नादिर शाह तक ने आक्रमण किया था, लूट लिया था, सैकड़ों हजारों मूल भारतीयों की हत्या कर दी थी और भारत पर शासन किया था।
  • पुलवामा टेरर अटैक पर तुर्की ने पाकिस्तान के संस्करण का समर्थन किया और पाक स्थित आतंकी शिविरों पर भारतीय हवाई हमलों का विरोध किया।
अचल गौतम (Achal Gautam),

Comments