पुरुष लिंग के बारे में चार रोचक तथ्य ! Interesting Facts About Male Gender

अभय गुप्ता (Abhay Gupta)

हर पुरुष और स्त्री के अंदर एक गुप्तांग होता है जिसे सामान्यतः हम लिंग के नाम से जानते हैं। स्त्री के अंदर मौजूद गुप्तांग को योनि और पुरुष के अंदर मौजूद गुप्तांग को लिंग कहते हैं। सेक्स के दौरान जब इन दोनों गुप्तांगों का मिलन होता है तो इससे ही स्त्री का गर्भ ठहर जाता है और वो माँ बन जाती है। आज हम आपको लिंग के बारे में हैरान कर देने वाली बातों को बताएंगे तो ध्यान से इस पोस्ट को पढ़ते रहें। 1. हर देश के लोगों का लिंग एक समान नही होता। किसी का लिंग मोटा और लम्बा होता है तो किसी का लिंग छोटा और पतला। अफ्रीकी देशों के लोगों का लिंग एशिया देशों के लोगों के लिंग से काफी लंबा और मोटा होता है जबकि एशिया देशों के लोगों का लिंग अफ्रीकी देशो के लोगों के लिंग से छोटा और पतला होता है। 2. लिंग की नॉर्मल लंबाई 6 से 13 सेंटी मीटर तक होती है जबकि तनाव की स्थिति में यह 7 से 17 सेंटी मीटर तक हो जाती है। 3. लम्बे लिंग के मुकाबले छोटा लिंग अधिकतर तने होने के कारण ज्यादा लंबा हो जाता है। 4. लिंग का साइज वंश और नश्ल पर भी निर्भर करता है।

कुछ ऐसे दिलचस्प तथ्य ! Some interesting facts


आप जर्मनी और डेनमार्क के बीच का समुद्र, एक ट्रेन में बैठ कर पार कर सकते हैं। समुद्र पार करने के लिए यह ट्रेन एक जहाज पे चढ़ जाती है और गंतव्य पे उतर जाती है।
Vogelfluglinie हैम्बर्ग और कोपेनहेगन के बीच एक ट्रेन लाइन है जो जर्मन तटीय स्टेशन, पुटगार्डन और डेनिश स्टेशन, Rødby को जोड़ती है।
पुट्टगार्डन में ट्रेन धीरे-धीरे एक फेरी के निचले डेक पर चढ़ती है और आपको ट्रेन से उतरने के लिए कहा जाता है।
पुटगार्डन में फेरी पर चढ़ती हुई ट्रेनें:
आप डेक पर खड़े होकर समुद्र के लुभावने दृश्य का आनंद ले सकते हैं या ड्यूटी-फ्री स्टोर में खरीददारी कर सकते हैं।
पीछे आप जर्मनी देख सकते हैं:
Rødby पहुंचने पर, आपको अपनी ट्रेन पर वापस चढ़ने के लिए कहा जाता है, जो फिर जहाज से नीचे उतरती है और कोपेनहेगन के रास्ते पर चल पड़ती है!
फेरी से उतरती हुई ट्रेन:
इसी प्रकार की एक और सेवा, बर्लिन नाइट एक्सप्रेस / स्कैंडिनेविया नाइट एक्सप्रेस मार्ग (माल्मो और बर्लिन के बीच) पर ट्रेलबॉर्ग, स्वीडन और सस्निट्ज़, जर्मनी के बीच भी चलती है। इस सेवा के बारे में मजेदार बात यह है कि इंजन हर तरफ से अलग हो जाता है, और केवल डिब्बे ही जहाज पर चढ़ाये जाते हैं। यकीनन इसमें काफी समय लगता है, लेकिन यह एक रात की ट्रेन है, इसलिए ज्यादातर यात्री सो रहे होते हैं।
इंजीनियरिंग का कितना अद्भुत नमूना है यह !

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