दुनिया की सबसे महंगी सब्जी | World Most Expensive Vegetable

दुनिया में कई तरह की सब्जियां हैं कुछ सब्जियां जो हम नॉर्मल लाइफ में रोजाना खाते हैं। लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी हैं। जिसके दाम के बारे में सुनकर आप दंग रह जाएंगे। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे दुनिया की सबसे महंगी सब्जी के बारे में। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
हॉप शूट्स।आपको बता दें की ये सब्जी दुनिया की सबसे महंगी सब्जी हैं। आमतौर पर यह सब्जी 1000 यूरो प्रति किलो बिकती है यानी भारतीय रुपये में कहें तो इसकी कीमत 80 हजार रुपये किलो के आसपास है। इसे खरीद पाना नॉर्मल इंसान के बस में नहीं हैं।आपको बता दें की इस हॉप का इस्तेमाल जड़ी-बूटी के तौर पर भी किया जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल दांत के दर्द को दूर करने से लेकर टीबी के इलाज तक में होता रहा है। हॉप में ऐंटीबायॉटिक की प्रॉपर्टी पाई जाती है जो इंसान के हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इससे शरीर की कई बीमारियां दूर हो जाती हैं और इंसान खुद को सेहतमंद महसूस करता हैं।यह सदाबहार सब्जी है जो साल भर उगाई जा सकती है। लेकिन ठंडी के मौसम को इसके लिए ठीक नहीं माना जाता है। मार्च से लेकर जून तक इसकी खेती के लिए आदर्श समय मान…

कुछ ऐसे दिलचस्प तथ्य ! Some interesting facts


आप जर्मनी और डेनमार्क के बीच का समुद्र, एक ट्रेन में बैठ कर पार कर सकते हैं। समुद्र पार करने के लिए यह ट्रेन एक जहाज पे चढ़ जाती है और गंतव्य पे उतर जाती है।
Vogelfluglinie हैम्बर्ग और कोपेनहेगन के बीच एक ट्रेन लाइन है जो जर्मन तटीय स्टेशन, पुटगार्डन और डेनिश स्टेशन, Rødby को जोड़ती है।
पुट्टगार्डन में ट्रेन धीरे-धीरे एक फेरी के निचले डेक पर चढ़ती है और आपको ट्रेन से उतरने के लिए कहा जाता है।
पुटगार्डन में फेरी पर चढ़ती हुई ट्रेनें:
आप डेक पर खड़े होकर समुद्र के लुभावने दृश्य का आनंद ले सकते हैं या ड्यूटी-फ्री स्टोर में खरीददारी कर सकते हैं।
पीछे आप जर्मनी देख सकते हैं:
Rødby पहुंचने पर, आपको अपनी ट्रेन पर वापस चढ़ने के लिए कहा जाता है, जो फिर जहाज से नीचे उतरती है और कोपेनहेगन के रास्ते पर चल पड़ती है!
फेरी से उतरती हुई ट्रेन:
इसी प्रकार की एक और सेवा, बर्लिन नाइट एक्सप्रेस / स्कैंडिनेविया नाइट एक्सप्रेस मार्ग (माल्मो और बर्लिन के बीच) पर ट्रेलबॉर्ग, स्वीडन और सस्निट्ज़, जर्मनी के बीच भी चलती है। इस सेवा के बारे में मजेदार बात यह है कि इंजन हर तरफ से अलग हो जाता है, और केवल डिब्बे ही जहाज पर चढ़ाये जाते हैं। यकीनन इसमें काफी समय लगता है, लेकिन यह एक रात की ट्रेन है, इसलिए ज्यादातर यात्री सो रहे होते हैं।
इंजीनियरिंग का कितना अद्भुत नमूना है यह !

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