दुनिया की सबसे महंगी सब्जी | World Most Expensive Vegetable

दुनिया में कई तरह की सब्जियां हैं कुछ सब्जियां जो हम नॉर्मल लाइफ में रोजाना खाते हैं। लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी हैं। जिसके दाम के बारे में सुनकर आप दंग रह जाएंगे। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे दुनिया की सबसे महंगी सब्जी के बारे में। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
हॉप शूट्स।आपको बता दें की ये सब्जी दुनिया की सबसे महंगी सब्जी हैं। आमतौर पर यह सब्जी 1000 यूरो प्रति किलो बिकती है यानी भारतीय रुपये में कहें तो इसकी कीमत 80 हजार रुपये किलो के आसपास है। इसे खरीद पाना नॉर्मल इंसान के बस में नहीं हैं।आपको बता दें की इस हॉप का इस्तेमाल जड़ी-बूटी के तौर पर भी किया जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल दांत के दर्द को दूर करने से लेकर टीबी के इलाज तक में होता रहा है। हॉप में ऐंटीबायॉटिक की प्रॉपर्टी पाई जाती है जो इंसान के हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इससे शरीर की कई बीमारियां दूर हो जाती हैं और इंसान खुद को सेहतमंद महसूस करता हैं।यह सदाबहार सब्जी है जो साल भर उगाई जा सकती है। लेकिन ठंडी के मौसम को इसके लिए ठीक नहीं माना जाता है। मार्च से लेकर जून तक इसकी खेती के लिए आदर्श समय मान…

सुब्रमण्यम स्वामी के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य ! Some Interesting Facts About Subramaniam Swamy



1. सुब्रमण्यम स्वामी जी; भारत के श्रेष्ठम वकील; राम जेठमलानी जी को हराने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं - जेठमलानी जी ने स्वामी जी के खिलाफ आज तक 4 मानहानि के मुकदमे दायर किए, और स्वामी जी ने उन्हें चारों मुकदमों में हरा दिया ! - सबसे बड़ी बात तो यह है की सुब्रमण्यम स्वामी जी ने कानून की कोई भी औपचारिक शिक्षा नहीं ली है (कोई अकादमिक कोर्स नहीं किया) - उन्होंने सिर्फ भारत के संविधान और भारतीय कानून से संबंधित अन्य पुस्तकों से ज्ञान प्राप्त किया है |
2. जब वह आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे थे, तब उन्होंने भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के खिलाफ कुछ बोल दिया था और इस बात पर उन्हें 1973 में आईआईटी से निकाल दिया गया था। इसके लिए उन्होंने आईआईटी पर मुकदमा दायर किया, और 18 साल तक केस लड़ने के बाद ,1991 में केस जीता। दोबारा फिर, आईआईटी में ज्वाइन करने के अगले दिन ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया - वह सिर्फ दुनिया को अपनी क्षमता दिखाना चाहते थे।
3. कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा मार्ग को भारतीयों के लिए उपलब्ध करने के पीछे स्वामी जी की चीन के सर्वोपरि नेता डेंग शियाओपिंग से की गयी सफल राजनीतिक बातचीत है!
4. आपातकाल (1975-77) के दौरान स्वामी जी ने पूरे 19 महीने की अवधि के लिए गिरफ्तारी वारंट को खारिज कर दिया - उनका सबसे साहसी करतब तो यह था की इस आपातकाल के दौरान, वह अमेरिका से भारत में आये, संसद के सुरक्षा घेरा तोड़कर 10 अगस्त 1976 को लोकसभा सत्र में भाग लिया, संसद से बाहर निकले, और अमेरिका लौट गए।
5. स्वामी जी के नाम ये तमगा भी है, यद्दपि वो विरोधी दाल के थे (उनकी पार्टी सत्ता में नहीं थी), उन्हें सत्ताधारी पार्टी द्वारा कैबिनेट रैंक दी गयी - 1994 में प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जी ने स्वामी जी को एक कैबिनेट रैंक दी थी।

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