दुनिया में कुछ अजीब पेशे/रोजगार ! Some strange profession / jobs in this world

इस दुनिया में कुछ अजीब पेशे/रोजगार क्या हैं? नग्न मॉडल- इनका काम होता है की वे अपने वस्त्र उतारकर नग्न अवस्था में कला के छात्रो के सामने बैठ जाए। मराठी फिल्म "न्यूड" एकभारतीय नग्न मॉडल के सामने आने वाली समस्याओं पर आधारित है। पेशेवर पुशर (Professional Pusher)- इनका काम सभी लोगों को ट्रेन में धकेलना होता है, ताकि किसी की भी ट्रैन न छूटे। इस तरह की नौकरी टोक्यो, जापान में बहुत आम है। किराये का बॉयफ्रेंड- टोक्यो में किराये के बॉयफ्रेंड भी मिलते है। उलटी क्लीनर (Vomit cleaner)- रोलर कोस्टर राइड में कई लोगो को उल्टी आ जाती है इसलिए मनोरंजनकारी उद्यान (Amusement parks) के मालिक उल्टी साफ़ करने के लिए कुछ लोगो को रखते है। डिओडोरेंट टेस्टर (Deodorant tester)- डिओडरंट कंपनिया ऐसे लोगो को नौकरी पर रखती है जिनका काम यह चेक करना होता है की डिओडरंट कितना असरदार है, डिओडरंट लगाने से शरीर की गंध जाती है या नहीं। वाटर स्लाइड परीक्षक- इनका काम होता है की वह चेक करकर ये बताये की वाटर स्लाइड सुरक्षित है या या नहीं। <

सुब्रमण्यम स्वामी के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य ! Some Interesting Facts About Subramaniam Swamy



1. सुब्रमण्यम स्वामी जी; भारत के श्रेष्ठम वकील; राम जेठमलानी जी को हराने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं - जेठमलानी जी ने स्वामी जी के खिलाफ आज तक 4 मानहानि के मुकदमे दायर किए, और स्वामी जी ने उन्हें चारों मुकदमों में हरा दिया ! - सबसे बड़ी बात तो यह है की सुब्रमण्यम स्वामी जी ने कानून की कोई भी औपचारिक शिक्षा नहीं ली है (कोई अकादमिक कोर्स नहीं किया) - उन्होंने सिर्फ भारत के संविधान और भारतीय कानून से संबंधित अन्य पुस्तकों से ज्ञान प्राप्त किया है |
2. जब वह आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे थे, तब उन्होंने भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के खिलाफ कुछ बोल दिया था और इस बात पर उन्हें 1973 में आईआईटी से निकाल दिया गया था। इसके लिए उन्होंने आईआईटी पर मुकदमा दायर किया, और 18 साल तक केस लड़ने के बाद ,1991 में केस जीता। दोबारा फिर, आईआईटी में ज्वाइन करने के अगले दिन ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया - वह सिर्फ दुनिया को अपनी क्षमता दिखाना चाहते थे।
3. कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा मार्ग को भारतीयों के लिए उपलब्ध करने के पीछे स्वामी जी की चीन के सर्वोपरि नेता डेंग शियाओपिंग से की गयी सफल राजनीतिक बातचीत है!
4. आपातकाल (1975-77) के दौरान स्वामी जी ने पूरे 19 महीने की अवधि के लिए गिरफ्तारी वारंट को खारिज कर दिया - उनका सबसे साहसी करतब तो यह था की इस आपातकाल के दौरान, वह अमेरिका से भारत में आये, संसद के सुरक्षा घेरा तोड़कर 10 अगस्त 1976 को लोकसभा सत्र में भाग लिया, संसद से बाहर निकले, और अमेरिका लौट गए।
5. स्वामी जी के नाम ये तमगा भी है, यद्दपि वो विरोधी दाल के थे (उनकी पार्टी सत्ता में नहीं थी), उन्हें सत्ताधारी पार्टी द्वारा कैबिनेट रैंक दी गयी - 1994 में प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जी ने स्वामी जी को एक कैबिनेट रैंक दी थी।

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